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न कोई विमान, न कोई आवाज... हजारीबाग में आसमान से गिरा चमकता डिवाइस; देखकर दंग रह गए ग्रामीण

Published: Sat, 31 Oct 2026 07:57 AM (IST)

हजारीबाग के बड़कागांव प्रखंड के सीकरी गांव में आसमान से 'मेड इन कोरिया' लिखा एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पैराशूट के साथ ...और पढ़ें

हजारीबाग के सीकरी गांव में आसमान से उपकरण गिरा। जागरण

हजारीबाग के सीकरी गांव में आसमान से उपकरण गिरा। जागरण

HighLights

  1. हजारीबाग के सीकरी गांव में उपकरण आसमान से गिरा।

  2. 'मेड इन कोरिया' लिखा यह इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस था।

संवाद सूत्र, बड़कागांव (हजारीबाग)। हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड अंतर्गत सीकरी गांव में बुधवार की देर रात आसमान से पैराशूट के साथ एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण गिरने से इलाके में हलचल मच गई। सहदेव राम के घर के समीप गिरे इस उपकरण पर ‘मेड इन कोरिया’ लिखा हुआ है।

उपकरण में लाल रंग की डिजिटल लाइट चमक रही थी। आसमान से चमकती रोशनी के साथ उपकरण को नीचे गिरते देख ग्रामीणों में कौतूहल के साथ भय का माहौल बन गया। घटना के बाद दो दिनों तक गांव में इसकी चर्चा होती रही।

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उपकरण देखने के लिए जुटी ग्रामीणों की भीड़

आसमान से उपकरण गिरने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। उपकरण के साथ पैराशूट भी लगा हुआ था। लाल रंग की रोशनी और उस पर विदेशी देश का नाम लिखा होने के कारण लोग तरह-तरह के कयास लगाने लगे। ग्रामीणों के बीच इसकी उत्पत्ति और उपयोग को लेकर चर्चाएं होती रहीं।

पुलिस ने उपकरण को कब्जे में लिया

घटना की सूचना मिलने पर सीकरी ओपी प्रभारी रामकुमार राम और अवर निरीक्षक निरंजन प्रकाश पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने उपकरण को अपने कब्जे में ले लिया। उपकरण पर लगे लेबल के अनुसार यह वेदर्ली कंपनी का रेडियोसोंडे है, जिसका मॉडल डब्ल्यूएचआर-301डी है। इस पर ‘मेड इन कोरिया’ के साथ जनवरी 2026 की तारीख भी अंकित है।

मौके पर वार्ड सदस्य पृथ्वीराज गुप्ता के अलावा ग्रामीण अरुण कुमार राम, अनुज कुमार, मिथुन कुमार गुप्ता, सुजीत कुमार गुप्ता, सागर कुमार, सिद्धेश्वर राम और अवध कुमार महतो मौजूद थे।

क्या होता है रेडियोसाउंड ?

रेडियोसोंडे एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होता है, जिसका उपयोग वायुमंडल की स्थिति और मौसम संबंधी आंकड़े जुटाने के लिए किया जाता है। इसे आमतौर पर मौसम संबंधी गुब्बारे के साथ आसमान में छोड़ा जाता है। यह ऊंचाई पर पहुंचकर विभिन्न सेंसरों की मदद से तापमान, आर्द्रता, वायुदाब तथा हवा की गति और दिशा से संबंधित आंकड़े एकत्र करता है।

इसके बाद रेडियो सिग्नल के माध्यम से इन जानकारियों को संबंधित केंद्र तक भेजता है। इन आंकड़ों के आधार पर मौसम वैज्ञानिक मौसम का पूर्वानुमान तैयार करते हैं।

पैराशूट के सहारे जमीन पर उतरता है उपकरण

मौसम संबंधी गुब्बारा ऊंचाई पर पहुंचने के साथ वायुदाब कम होने के कारण फैलता जाता है और एक निश्चित ऊंचाई पर फट जाता है। इसके बाद उससे जुड़ा रेडियोसोंडे नीचे उतरने लगता है। कई उपकरणों में सुरक्षित रूप से जमीन पर उतरने के लिए पैराशूट लगाया जाता है। सीकरी में मिले उपकरण के गिरने की भी यह एक संभावित वजह मानी जा रही है।

लोगों को डरने की जरूरत नहीं : थाना प्रभारी

सीकरी ओपी प्रभारी रामकुमार राम ने बताया कि लोगों को इससे डरने की जरूरत नहीं है। यह मौसम संबंधी जानकारी जुटाने वाला रेडियोसाउंड उपकरण है। उन्होंने बताया कि सीकरी में मिला उपकरण कोरिया निर्मित है और भारत में भी इसका उपयोग किया जा रहा है। 

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