25 वर्षों में हवाई संपर्क से दूर रहा गुमला, एक हेलीपैड तक सिमटा आसमान में उड़ान का सपना
झारखंड गठन के 25 साल बाद भी गुमला जिला हवाई संपर्क से कटा हुआ है, जहाँ केवल दो हेलीपैड उपलब्ध ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड इमेज।
HighLights
गुमला 25 वर्षों से हवाई संपर्क से वंचित है।
जिले में केवल दो हेलीपैड मौजूद हैं, चुनावी उपयोग हेतु।
जागरण संवाददाता, गुमला। झारखंड गठन के 25 वर्षों में सड़क और परिवहन के क्षेत्र में गुमला जिले ने भले ही लंबा सफर तय किया हो, लेकिन हवाई संपर्क के मामले में जिला आज भी शुरुआती दौर में खड़ा है। जिले में एकमात्र एयरोड्रम है, जहां दो हेलिकाप्टर की लैंडिंग के लिए हेलीपैड बनाए गए हैं।
इसके अलावा हवाई सेवा के विस्तार, एयरपोर्ट निर्माण या नियमित उड़ान शुरू करने की दिशा में कोई ठोस पहल धरातल पर नहीं उतर सकी है। नतीजा है कि 25 साल बाद भी गुमला हवाई नेटवर्क से कटा हुआ है।
जिले में मौजूद एयरोड्रम का इस्तेमाल मुख्य रूप से चुनाव के दौरान होता है। चुनावी कार्यक्रमों और राजनीतिक सभाओं के समय नेताओं एवं वीआइपी के हेलिकाप्टर यहां उतरते हैं। इसके अलावा सामान्य दिनों में यह हेलीपैड लगभग अनुपयोगी रहता है। आम यात्रियों के लिए यहां से किसी तरह की नियमित हवाई सेवा उपलब्ध नहीं है।
आपातकालीन चिकित्सा, पर्यटन और व्यावसायिक जरूरतों के लिए भी इस सुविधा का कोई नियमित उपयोग नहीं हो रहा है। वर्ष 2021 में नागरिक उड्डयन विभाग की ओर से झारखंड के सभी जिलों में वाटर रनवे विकसित करने की संभावनाओं को लेकर भूमि चिह्नित करने का निर्देश दिया गया था।
इसके तहत जिलों से उपयुक्त जमीन की पहचान कर प्रतिवेदन मांगा गया था। लेकिन भूमि चयन के लिए निर्धारित शर्तों और उपयुक्त स्थल की उपलब्धता से जुड़ी चुनौतियों के कारण गुमला जिले से कोई प्रतिवेदन नहीं भेजा जा सका। इस तरह वाटर रनवे की संभावित योजना भी प्रारंभिक स्तर से आगे नहीं बढ़ सकी।
जिले में प्राकृतिक पर्यटन स्थलों और धार्मिक महत्व के कई स्थानों की मौजूदगी के बावजूद दूर-दराज के पर्यटकों के लिए आवागमन की सुविधा सीमित है। गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए रांची या अन्य बड़े शहरों तक पहुंचने में सड़क मार्ग पर निर्भर रहना पड़ता है। वहीं कारोबारियों को भी व्यावसायिक यात्राओं के लिए सड़क मार्ग से लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
आगामी 25 साल में हवाई नेटवर्क से जुड़े गुमला
अगले 25 वर्षों में गुमला को हवाई नेटवर्क से जोड़ने के लिए छोटे एयरपोर्ट, क्षेत्रीय उड़ान सेवा, हेलिपोर्ट और आपातकालीन एयर एंबुलेंस जैसी सुविधाओं की संभावनाओं पर विचार करने की जरूरत है। इसके लिए सबसे पहले उपयुक्त भूमि, तकनीकी व्यवहार्यता और यात्रियों की संभावित जरूरतों का आकलन करना होगा।
यदि भविष्य की योजनाओं में गुमला को भी शामिल किया जाता है तो हवाई संपर्क जिले के पर्यटन, व्यापार और स्वास्थ्य सेवाओं के विकास को नई दिशा दे सकता है। फिलहाल गुमला का हवाई सपना दो हेलीपैड तक ही सीमित है।
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