गांडेय में पेंशन पर आफत, छह माह से खाते में नहीं आए पैसे; दुर्गापूजा का रंग फीका
Gandey Pension Delay: झारखंड के गांडेय प्रखंड में वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन छह माह से नहीं मिली है, जिससे सैकड़ों लाभार्थी आर्थिक संकट झेल रहे हैं।

दिव्यांग सूरदास टुन्नू मांझी को छह माह से पेंशन का इंतजार। (फोटो जागरण)
संवाद सहयोगी, गांडेय (गिरिडीह)। झारखंड के गिरिडीह जिले के गांडेय प्रखंड में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, राष्ट्रीय विधवा पेंशन और राष्ट्रीय दिव्यांगता पेंशन योजना के लाभुकों को बीते छह माह से पेंशन राशि नहीं मिली है। यह हाल तब है जब गांडेय झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन का विधानसभा क्षेत्र है।
पेंशन पर आश्रित सैकड़ों बुजुर्ग, विधवा महिलाएं व दिव्यांगजन प्रखंड कार्यालय का चक्कर काटने को मजबूर हैं। हिंदुओं का प्रमुख त्योहार दुर्गा पूजा के चंद दिन शेष है। ऐसे में त्योहार के समय पैसे नहीं मिलने से लाभुकों में काफी मायूसी है। उनके पर्व का उल्लास फीका पड़ गया है।
जानकारी के अनुसार गांडेय प्रखंड में लगभग चार हजार से अधिक लाभुक तीनों योजनाओं से आच्छादित हैं। केंद्र व राज्य सरकार की संयुक्त योजना के तहत हर माह 1000 रुपये पेंशन दी जाती है। पेंशन नहीं मिलने से सबसे अधिक परेशानी दवा व रोजमर्रा के खर्च पर निर्भर बुजुर्गों को हो रही है।
डहुआटांड निवासी 70 वर्षीय त्रिवेणी राय ने बताया कि छह माह से पैसा नहीं आया है, दवा तक खरीदना मुश्किल हो गया है। दुर्गापूजा में पैसे की सख्त जरूरत थी। छह माह से पैसा नहीं आने से एक एक रुपया का मोहताज हो गए हैं। पर्व फीका हो गया है।
कशियासेर निवासी 68 वर्षीय कार्तिक कोल्ह ने बताया कि पेंशन ही एकमात्र सहारा है। पेंशन नहीं मिलने से जीवन यापन में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। गांडेय निवासी उर्मिला देवी 62 वर्षीय उर्मिला देवी ने बताया कि पेंशन नहीं मिलने से भारी परेशानी हो रही है।
गांडेय के हड़माडीह निवासी दिव्यांग सूरदास टुन्नू मांझी ने बताया कि पेंशन नहीं मिलने से भोजन के भी लाले पड़ गए। समाजसेवी श्याम कुमार पाठक ने कहा कि पेंशन गरीबों के लिए सम्मान राशि है, सरकार को अविलंब बकाया पेंशन भुगतान करना चाहिए ताकि बुजुर्ग, विधवा व दिव्यांग अपना जीवन यापन कर सके।
सामाजिक सुरक्षा विभाग के नारायण कुमार ने बताया कि जिला के वरीय पदाधिकारी ने बताया कि एक बार राशि भेजी गई लेकिन तकनीकी समस्या के कारण लाभुकों के खाते में नहीं पहुंची। पुनः ट्रेजरी भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
