गिरिडीह में माओवादियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन में बड़ी सफलता, रॉकेट के दो पीस और 494 जिलेटिन बरामद
गिरिडीह के पीरटांड़ में सुरक्षा बलों ने माओवादियों के खिलाफ सर्च अभियान चलाया। इस दौरान जोकाई नाला और सतकटिया के ...और पढ़ें

माओवादियों के ठिकाने से बरामद विस्फोटक और सामानों के साथ सुरक्षा बल के जवान। (फोटो साैजन्य)
HighLights
पीरटांड़ में सुरक्षा बलों ने चलाया सर्च अभियान।
माओवादियों के ठिकाने से विस्फोटक सामग्री बरामद हुई।
दो रॉकेट और 494 जिलेटिन स्टिक मिले।
संवाद सहयोगी, पीरटांड़ (गिरिडीह)। झारखंड के गिरिडीह जिले के पीरटांड़ प्रखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में माओवादियों गतिविधियों की आशंका को लेकर सुरक्षा बलों ने सर्च अभियान चलाया। इस दौरान जोकाई नाला और सतकटिया के जंगली व पहाड़ी इलाकों से विस्फोटक सामग्री समेत अन्य सामान बरामद किए गए।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सीआरपीएफ 154 वीं बटालियन और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की।
पुलिस की ओर से जारी बयान के अनुसार 28 अक्टूबर की रात पुलिस अधीक्षक डा. विमल कुमार तथा सीआरपीएफ 154 वीं बटालियन के कमांडेंट सुनील दत्त त्रिपाठी को सूचना मिली थी कि पारसनाथ के पहाड़ी क्षेत्र के घने जंगलों में माओवादियों ने विस्फोटक सामग्री और अन्य सामान छिपाकर रखा है।
सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए संयुक्त टीम गठित की गई। इसके बाद 29 अक्टूबर की सुबह से दोपहर तक जोकाई नाला और सतकटिया के जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान सुरक्षा बलों को छिपाकर रखी गई सामग्री बरामद करने में सफलता मिली।
इसके पहले भी इस इलाके में हमेशा नक्सली से संबंधित सामग्री बरामद होती आई है। ज्ञात हो कि नक्सलियों के खिलाफ आपरेशन में सैकड़ों नक्सलियों के मारे जाने, गिरफ्तारी और सरेंडर करने से अब नक्सली कमजोर हुए हैं। इसी का फायदा पुलिस को मिल रहा है।
ये सामान हुए बरामद
बरामद सामानों में काले रंग के राकेट के दो पीस, एक स्वीकर, दो वायरलेस सेट, नौ बंडल कार्डेक्स वायर, इमुल्डाइन कंपनी के 494 पीस जिलेटिन तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त 16 पीस कमर्शियल डेटोनेटर शामिल हैं।
अभियान में सीआरपीएफ 154वीं बटालियन के डिप्टी कमांडेंट भट्टाचार्य उपाध्याय, इंस्पेक्टर निर्मल महतो, खुखरा थाना प्रभारी रवींद्र कुमार सिंह, हरलाडीह ओपी प्रभारी नीरज कुमार तथा खुखरा थाना के एसआइ नीलचंद्र एक्का समेत सीआरपीएफ, जैप और जिला पुलिस के जवान शामिल थे।
