कोल इंडिया के शुद्ध लाभ में 53% की बढ़ोतरी, Q2 में 6516 करोड़ रुपये का मुनाफा; शेयरधारकों को मिलेगा लाभांश
Coal India ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 6516 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज करते हुए 53% की वृद्धि हासिल की है।

कोल इंडिया का बढ़ा मुनाफा। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
कोल इंडिया का शुद्ध लाभ 53% बढ़कर ₹6516 करोड़ हुआ।
शेयरधारकों को ₹10.25 प्रति शेयर अंतरिम लाभांश मिलेगा।
लाभांश भुगतान की रिकॉर्ड डेट 4 नवंबर, अंतिम तिथि 27 नवंबर।
जागरण संवाददाता, धनबाद। Coal India Q2 Profit: कोल इंडिया लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में बेहतर वित्तीय प्रदर्शन करते हुए अपने समेकित शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 53 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।
जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान कंपनी का शुद्ध लाभ बढ़कर 6516 करोड़ रुपये पहुंच गया। गुरुवार को कोल इंडिया बोर्ड आफ डारेक्टर की कोल इंडिया चेयरमैन बी साइराम की अध्यक्षता मै हुई बैठक में निर्णय लिए जाने के बाद यह जारी किया गया।
हालांकि, यह विश्लेषकों के 7061 करोड़ रुपये के अनुमान से कम रहा। कंपनी के निदेशक मंडल की गुरुवार, 29 अक्टूबर को हुई बैठक में चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही और पहली छमाही के वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी गई।
इसके साथ ही शेयरधारकों के लिए 10 रुपये अंकित मूल्य वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 10.25 रुपये के दूसरे अंतरिम लाभांश की घोषणा की गई है। इस फैसले से कंपनी के शेयरधारकों को सीधा वित्तीय लाभ मिलेगा।
चार नवंबर को रिकॉर्ड डेट, 27 तक भुगतान की तैयारी
लाभांश प्राप्त करने के पात्र शेयरधारकों के निर्धारण के लिए चार नवंबर 2026 की तारीख तय की गई है। कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पात्र निवेशकों को 27 नवंबर 2026 तक लाभांश का भुगतान किया जाएगा।
इस लाभांश की सिफारिश कंपनी की ऑडिट कमेटी ने की थी, जिसे निदेशक मंडल ने अपनी मंजूरी प्रदान कर दी। कोल इंडिया ने इस संबंध में शेयर बाजारों को भी सूचना दी है।
सार्वजनिक क्षेत्र की इस प्रमुख कोयला उत्पादक कंपनी के तिमाही नतीजों और लाभांश की घोषणा पर निवेशकों की नजर है। एक ओर कंपनी ने मुनाफे में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है, वहीं दूसरी ओर शेयरधारकों को अंतरिम लाभांश देने का निर्णय भी लिया है।
लाभांश की राशि प्रति शेयर 10.25 रुपये निर्धारित की गई है। हालांकि, निवेशकों के लिए वास्तविक पात्रता रिकॉर्ड डेट पर कंपनी के निर्धारित नियमों के अनुसार तय होगी।
खर्च में 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी से बढ़ा दबाव
मुनाफे में वृद्धि के बावजूद कंपनी को परिचालन लागत के मोर्चे पर दबाव का सामना करना पड़ा। दूसरी तिमाही में कोल इंडिया का कुल खर्च सालाना आधार पर 17 प्रतिशत बढ़कर 38,398 करोड़ रुपये हो गया।
कर्मचारियों पर बढ़ते व्यय, गहरी और नई खदानों से कोयला निकालने की अधिक लागत तथा रेल और खदान संबंधी बुनियादी ढांचे में निवेश को खर्च बढ़ने के प्रमुख कारणों में शामिल किया गया है।
इन परिस्थितियों में कंपनी के सामने उत्पादन और कोयला आपूर्ति की जरूरतों को पूरा करने के साथ लागत प्रबंधन बनाए रखने की चुनौती भी है। तिमाही के दौरान शुद्ध लाभ में बढ़ोतरी कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत है।
हालांकि विश्लेषकों के अनुमान से कम मुनाफा और खर्च में तेज वृद्धि वित्तीय प्रदर्शन के आकलन में महत्वपूर्ण पहलू बने हुए हैं। अब आगामी तिमाहियों में कंपनी की आय, उत्पादन, आपूर्ति और लागत नियंत्रण से जुड़े कदमों पर बाजार की नजर रहेगी।
