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गुजरात फैक्ट्री हादसे ने छीनी चार मजदूरों की जान, तीन झारखंड के; मुआवजे के इंतजार में स्वजन

Published: Sun, 18 Oct 2026 06:38 PM (IST)

Gujarat Chemical Blast: गुजरात के गांधीनगर में एक केमिकल फैक्ट्री में बॉयलर फटने से हुए हादसे में चार मजदूरों की मौत हो गई, जिनमें तीन झारखंड के थे।

गुजरात फैक्ट्री हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर का शव दुमका के ऊपर ग्रहण गांव पहुंचने पर शोकाकुल स्वजन। (फोटो जागरण)

गुजरात फैक्ट्री हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर का शव दुमका के ऊपर ग्रहण गांव पहुंचने पर शोकाकुल स्वजन। (फोटो जागरण)

HighLights

  1. गुजरात फैक्ट्री हादसे में चार मजदूरों की मौत।

  2. मृतकों में तीन झारखंड के, दो दुमका से।

  3. परिजनों को अभी तक नहीं मिला मुआवजा।

संवाद सहयोगी, रामगढ़ (दुमका)। Gandhinagar Chemical Factory Blast: गुजरात के गांधीनगर के समीप छत्राल जीआइडीसी के फेज-चार स्थित केमिकल फैक्ट्री में 15 अक्टूबर को बायलर का नोजल फटने से हुए हादसे में चार मजदूरों की माैत हो गई थी। इनमें तीन झारखंड के मजदूर थे। 

गांधीनगर हादसे में मरने वाले झारखंड के तीन मजदूरों में दो दुमका जिले के रामगढ़ प्रखंड और एक गोड्डा के थे। रविवार को दो मजदूरों का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव दुमका जिले के सिलठा बी पंचायत के ऊपर ग्रहण पहुंचा।

हालांकि अभी तक हादसे में मारे गए मजदूरों के स्वजन को मुआवजा नहीं मिला है। इससे स्वजन में आक्रोश है। 

दोनों के शव गांव पहुंचते ही स्वजन की चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया। दुर्गापूजा के उत्सवी माहौल के बीच इस दर्दनाक घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। हादसे में दोनों मजदूरों के शव बुरी तरह झुलस गए थे। उन्हें देखकर स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

मृतकों की पहचान रामगढ़ प्रखंड अंतर्गत सिलठा बी पंचायत के ऊपर ग्रहण गांव के टेडा देहरी और सिकंदर देहरी के रूप में हुई है। दोनों जुलाई में गुजरात मजदूरी करने गए थे। इससे पहले भी वे लोग उक्त कंपनी में काम कर चुके थे।

15 अक्टूबर को कंपनी में बॉयलर का नोजल फटने से हुए विस्फोट में चार मजदूरों की मौत हो गई थी। मृतकों में तीन झारखंड और एक राजस्थान का रहने वाला था। इनमें रामगढ़ प्रखंड के दोनों मजदूर भी शामिल थे।

रंग बनाने वाली फैक्ट्री में हुआ था हादसा

जानकारी के अनुसार गुजरात के गांधीनगर के पास छत्राल स्थित कोविका डाइज एंड इंटरमीडिएट्स नामक केमिकल फैक्ट्री में रंग बनाने का काम होता है। 15 अक्टूबर को बॉयलर का नोजल फटने से जोरदार विस्फोट हुआ, जिसके बाद फैक्ट्री में आग लग गई।

घटना के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया। हादसे में चार मजदूरों की जान चली गई।

मृतकों में झारखंड के गोड्डा जिले के 42 वर्षीय विनोद कुमार, दुमका के रामगढ़ प्रखंड के टेडा देहरी और सिकंदर देहरी तथा राजस्थान निवासी लक्ष्मण भील शामिल थे।

तीन माह की गर्भवती है सिकंदर की पत्नी

इस हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। टेडा देहरी चार भाइयों में तीसरे नंबर पर था, जबकि सिकंदर देहरी पांच भाइयों में चौथे स्थान पर था। सिकंदर की पत्नी तीन माह की गर्भवती है।

पति की मौत की खबर और उसके पार्थिव शरीर को सामने देखकर उसका रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सामने अब आने वाले दिनों में रोजी-रोटी और गर्भस्थ शिशु के भविष्य की चिंता भी खड़ी हो गई है।

मुआवजे के इंतजार में हैं मृतकों के स्वजन

पूर्व जिला परिषद सदस्य कन्हाई देहरी ने बताया कि कंपनी की ओर से अब तक दोनों मृत मजदूरों के आश्रितों को कोई मुआवजा नहीं दिया गया है। कंपनी ने केवल एंबुलेंस से दोनों के पार्थिव शरीर गांव पहुंचवा दिया।

मजदूरी करने गए दोनों युवकों की मौत से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ऐसे में कंपनी को मृतकों के आश्रितों को उचित मुआवजा देना चाहिए, ताकि संकट की इस घड़ी में परिवारों को कुछ आर्थिक सहारा मिल सके।

रोजगार की तलाश में दूसरे राज्य गए दोनों मजदूरों की मौत ने एक बार फिर प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और हादसे के बाद उनके परिवारों को मिलने वाली आर्थिक सहायता का सवाल खड़ा कर दिया है।

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