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मेडिकल छात्रों के लिए अच्छी खबर, SNMMCH Dhanbad में शिशु रोग PG की 5 सीटों को मान्यता मिलने की उम्मीद

Published: Tue, 06 Oct 2026 08:19 PM (GMT+05:30)

धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) में जल्द ही शिशु रोग विभाग में पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) की पढ़ाई शुरू हो सकती है।

NMC के सदस्य डा. हेमंत कुमार सिंह SNMMCH धनबाद के प्राचार्य और अधीक्षक से जानकारी लेते हुए। (फोटो जागरण)

NMC के सदस्य डा. हेमंत कुमार सिंह SNMMCH धनबाद के प्राचार्य और अधीक्षक से जानकारी लेते हुए। (फोटो जागरण)

HighLights

  1. एसएनएमएमसीएच में शिशु रोग पीजी की पढ़ाई जल्द शुरू होने की उम्मीद।

  2. एनएमसी सदस्य ने मेडिकल कॉलेज के शिशु रोग विभाग का निरीक्षण किया।

  3. पांच पीजी सीटों के लिए मान्यता मिलने की पूरी संभावना है।

जागरण संवाददाता, धनबाद। शहीद निर्मल महतो मेडिकल कालेज एवं अस्पताल (SNMMCH Dhanbad) के शिशु रोग विभाग में जल्द ही पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) की पढ़ाई शुरू हो सकती है। इसे लेकर मंगलवार को नेशनल मेडिकल कमिशन (एनएमसी) के सदस्य डा. हेमंत कुमार सिंह ने मेडिकल कालेज का दौरा किया।

उन्होंने विभाग में उपलब्ध संसाधनों, मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं और डॉक्टरों व प्रोफेसरों की संख्या का भौतिक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान डा. सिंह ने सबसे पहले कालेज के प्राचार्य डा. रामकृष्ण महतो और अधीक्षक डॉ. दिनेश कुमार गिंदौरिया से मुलाकात कर शिशु रोग विभाग की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी ली।

इसके बाद उन्होंने विभाग के ओपीडी और इनडोर सेवाओं का जायजा लिया। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि यहां ओपीडी में हर दिन 70 से 80 बच्चे इलाज के लिए आ रहे हैं, जबकि प्रतिदिन 17 से 18 बच्चों को भर्ती किया जा रहा है।

इसके साथ ही टीम ने नवजात बच्चों की देखभाल के लिए बने निकू और अन्य आवश्यक सेवाओं का भी गहन निरीक्षण किया।

पांच सीटों की मान्यता मिलने की उम्मीद

एसएनएमएमसीएच प्रबंधन ने शिशु रोग विभाग में पीजी की पढ़ाई शुरू करने के लिए कुल पांच सीटों के लिए आवेदन किया है।

विभाग में वर्तमान में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पद भरे हुए हैं, जिससे प्रबंधन को पूरी उम्मीद है कि यहां पांच पीजी सीटों के लिए मान्यता मिल जाएगी।

गौरतलब है कि फिलहाल इस मेडिकल कालेज के 19 विभिन्न विभागों में पीजी की पढ़ाई चल रही है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 45 सीटों तक करने की योजना है। इस नई शुरुआत से क्षेत्र के बच्चों को और बेहतर स्वास्थ्य लाभ मिल सकेगा।

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