स्मार्ट मीटर की सील तोड़ते ही मुख्यालय पहुंचा अलर्ट, धनबाद में 2 उपभोक्ताओं पर 1 लाख से अधिक का जुर्माना
Smart Meter: धनबाद में स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ कर बिजली चोरी का पहला सनसनीखेज मामला सामने आया है।

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर।
HighLights
धनबाद में स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ का पहला मामला।
जेबीवीएनएल के डिजिटल सिस्टम ने पकड़ी बिजली चोरी।
दो उपभोक्ताओं पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, धनबाद। जिले में बिजली चोरी के नए तरीकों पर नकेल कसने की शुरुआत हो चुकी है।
जिले में स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ कर बिजली चोरी का पहला सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां गांधीनगर के दो उपभोक्ताओं की चालाकी विभाग के डिजिटल सर्विलांस सिस्टम के आगे फेल हो गई।
बताया जा रह है कि गांधीनगर निवासी सुरेंद्र यादव और राधेश्याम यादव ने अपने घरों में लगे स्मार्ट मीटर की सील तोड़कर उसे धीमा करने की कोशिश की थी ताकि बिजली बिल कम आए।
लेकिन उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि स्मार्ट मीटर पुराने एनालाग मीटरों की तरह नहीं हैं। मीटर के भीतर लगी स्मार्ट चिप और सेंट्रल सर्वर की हाई-टेक मॉनीटरिंग ने इस गड़बड़ी को तुरंत भांप लिया और मुख्यालय को अलर्ट भेज दिया। अलर्ट के बाद जब जेबीवीएनएल की टीम मौके पर पहुंची तो मीटरों से छेड़छाड़ की पुष्टि हुई।
जेबीवीएनएल के सहायक अभियंता सुजीत कुमार के अनुसार स्मार्ट मीटर पल-पल की गतिविधि की आनलाइन मॉनीटरिंग करते हैं।
सर्वर पर दर्ज हो जाता है रिकॉर्ड
सील कब और किस समय तोड़ी गई इसका पूरा डिजिटल रिकॉर्ड सर्वर पर दर्ज हो जाता है। विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरेंद्र यादव पर 43,226 और राधेश्याम यादव पर 64,824 का भारी-भरकम जुर्माना लगाया।
साथ ही दोनों के घरों के कनेक्शन काटकर स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। हालांकि बाद में दोनों ने जुर्माना राशि जमा कर दी जिसके बाद उनके घरों में नए स्मार्ट मीटर लगाए गए।
मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए अधीक्षण अभियंता संजय बेसरा ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर से किसी भी तरह की छेड़छाड़ करना अब संभव नहीं है। हर रोज होने वाली ऑनलाइन मॉनीटरिंग की वजह से गड़बड़ी की जानकारी तुरंत मिल जाती है।