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रेलवे क्वार्टर का किराया बढ़ा, कर्मचारियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ

Published: Tue, 29 Sep 2026 07:06 AM (IST)

Railway Quarter Rent Hiked: टाइप-वन से टाइप-फोर तक के रिहायशी क्वार्टरों का लाइसेंस शुल्क बढ़ा दिया है, जिससे कर्मचारियों को अब अधिक किराया चुकाना होगा।

Railway Quarter के किराया में वृद्धि। (प्रतीकात्मक फोटो)

Railway Quarter के किराया में वृद्धि। (प्रतीकात्मक फोटो)

तापस बनर्जी, जागरण, धनबाद। Railway Quarter Rent Hiked रेलवे क्वार्टर में रहने वाले कर्मचारियों को अब पहले से अधिक किराया चुकाना होगा। रेलवे ने रिहायशी आवासों के लाइसेंस शुल्क के फ्लैट रेट में बढ़ोतरी कर दी है।

टाइप-वन से टाइप-4 तक के रेलवे क्वार्टर के किराये में संशोधन किया गया है। वर्ग मीटर के आधार पर लाइसेंस फी यानी किराया निर्धारण किया गया है। इससे पहले अंतिम बार वर्ष 2023 में रेल क्वार्टर शुल्क में संशोधन किया गया था।

अब फिर से इसमें बदलाव किया गया है। बढ़ा हुआ शुल्क इस वर्ष एक जुलाई से भी प्रभावी कर दिया गया है। रेलवे बोर्ड के निदेशक वित्त व्यय संजीत कुमार की ओर से 23 सितंबर संबंधित आदेश जारी होने के बाद अब इसकी प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।

10 से 140 रुपये तक लाइसेंस शुल्क में बढ़ोतरी

रेल आवास के शुल्क में न्यूनतम 10 रुपये से लेकर अधिकतम 140 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। टाइप-वन से टाइप-4 के क्वार्टर के लिए अलग-अलग शुल्क बढ़ोतरी की गई है। इसका प्रभाव कर्मचारियों से लेकर सीनियर सेक्शन इंजीनियर तक पड़ेगा।

क्वार्टर के क्षेत्रफल के हिसाब से शुल्क में बढ़ोतरी

(रुपये प्रतिमाह)

क्वार्टर का प्रकार क्वार्टर का क्षेत्रफल पहले अब
टाइप-1 25 वर्ग मीटर तक 120 130
  25 से 30 वर्ग मीटर 150 170
  30 से 35 वर्ग मीटर 190 210
  35 वर्ग मीटर से अधिक 200 220
टाइप-2 45 वर्ग मीटर तक 250 280
  45 से 50 वर्ग मीटर 280 310
  50 से 55 वर्ग मीटर 310 350
  55 वर्ग मीटर से अधिक 340 380
टाइप-3 60 वर्ग मीटर तक 420 470
  60 से 65 वर्ग मीटर 470 530
  65 से 70 वर्ग मीटर 510 570
  70 वर्ग मीटर से अधिक 540 610
टाइप-4 80 वर्ग मीटर तक 640 720
  80 से 90 वर्ग मीटर 710 800
  90 से 100 वर्ग मीटर 780 870
  100 से 120 वर्ग मीटर 930 1,040
  120 वर्ग मीटर से अधिक 1,180 1,320

घटिया दर्जे के क्वार्टर में रहने वाले रेलकर्मियों को छूट

क्वार्टर के लाइसेंस फी में बढ़ोतरी का असर घटिया दर्जे के रेल आवासों में रहने वाले कर्मचारियों पर नहीं पड़ेगा। रेलवे बोर्ड से जारी आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि शुल्क में बदलाव घटिया दर्जे के क्वार्टर पर लागू नहीं होगा।

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