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अब आपके पड़ोस में भी मिलेगा ट्रेन का जनरल टिकट, रेलवे ने कर दिया खास इंतजाम

Published: Fri, 11 Sep 2026 07:56 PM (IST)Updated: Fri, 11 Sep 2026 08:39 PM (IST)

Railway Board ने अनारक्षित टिकटों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए जन साधारण टिकट बुकिंग सेवा (JTBS) और यात्री टिकट सुविधा ...और पढ़ें

रेलवे का जनरल टिकट। (प्रतीकात्मक फोटो)

रेलवे का जनरल टिकट। (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. जेटीबीएस-वाईटीएसके अब एम-यूटीएस से जारी करेंगे अनारक्षित टिकट।

  2. जियो फेंसिंग से होगी टिकट जारी करने वाले केंद्रों की निगरानी।

  3. यात्रियों को अब पड़ोस में ही आसानी से मिलेंगे जनरल टिकट।

तापस बनर्जी, धनबाद। जनरल टिकट की उपलब्धता को रेलवे अब और आसान बनाएगा। आपके पड़ोस और गली-मुहल्ले में भी जनरल टिकट मिलेगा।

यात्रियों की सुविधा के लिए जेटीबीएस  (JTBS, Jan Sadharan Ticket Booking Sewak, जन साधारण टिकट बुकिंग सेवा) और वाईटीएसके (YTSK, Yatri Ticket Suvidha Kendra, यात्री टिकट सुविधा केंद्र) के संचालकों को एम-यूटीएस यानी मोबाइल से अनारक्षित टिकट जारी करने की अनुमति दे दी गई है। रेलवे बोर्ड के निदेशक यात्री विपणन-2 संजय मनोचा ने इससे जुड़ा आदेश जारी कर दिया है।

सरायढेला में वाईटीएसके और झरिया के जेटीबीएस

शहर में सरायढेला में वाईटीएसके यानी यात्री टिकट सुविधा केंद्र संचालित है। इस केंद्र पर आरक्षित टिकटों की बुकिंग होती है। अब मोबाइल यूटीएस एप से जनरल टिकट भी उपलब्ध होगा। झरिया में जन साधारण टिकट बुकिंग सेवा उपलब्ध है।

इस केंद्र के संचालक भी अब मोबाइल से अनारक्षित टिकट जारी कर सकेंगे। इसके अलावा धनबाद रेल मंडल में वाईटीएसके का संचालन गिरिडीह के बगोदर व हजारीबाग में हो रहा है। उन केंद्रों से भी मोबाइल से जनरल टिकट जारी किये जाएंगे।

जियो फेंसिंग से होगी निगरानी, जगह बदलने पर नहीं कटेगा टिकट

जेटीबीएस-वाईटीएसके की निगरानी जियो फेंसिंग से की जाएगी। सेंटर फार रेलवे इंफार्मेशन सिस्टम-क्रिस जियो फेंसिंग के जरिए यह सुनिश्चित करेगा कि जेटीबीएस और वाईटीएसके सिर्फ उसी परिसर से टिकट जारी कर सकें, जहां के लिए लिए उन्हें अनुमति मिली है। संचालक अपनी मर्जी से जगह नहीं बदल सकेंगे। जगह बदलने पर एम-यूटीएस से टिकट जारी नहीं होगा।

खास बातें

  • मोबाइल डिवाइस का नेटवर्क खर्च और ब्लूटूथ प्रिंटर के रखरखाव समेत अन्य हार्डवेयर खर्च जेटीबीएस-वाईटीएसके संचालकों को उठाना होगा।
  • यात्रियों से वसूले जानेवाला सेवा शुल्क मौजूदा गाइडलाइन के अनुसार ही रहेंगे।
  • जोनल रेलवे संचालकों के कामकाज की निगरानी करेगा। इस सुविधा की तीन महीने बाद रेलवे बोर्ड को फीडबैक भेजा जाएगा।

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