सीतारामपुर SPAD के बाद रेलवे बोर्ड का बड़ा फैसला, अब मालगाड़ी चालक नहीं चलाएंगे राजधानी-शताब्दी और दुरंतो
Railway Board Directive: रेलवे बोर्ड ने सीतारामपुर में हुई सिग्नल जंप घटना के बाद सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब ...और पढ़ें

ट्रेन का संचालन करतीं महिला लोको पायलट। (फाइल फोटो)
जागरण संवाददाता, धनबाद। Sitarampur SPAD Incidentः धनबाद-हावड़ा रेल मार्ग (Dhanbad-Howrah Rail Route) के सीतारामपुर स्टेशन (Sitarampur Station) पर यात्री ट्रेन के सिग्नल जंप (Signal Passed at Danger) की घटना को लेकर रेलवे बोर्ड (Railway Board) ने सख्त रुख अपनाया है।
भारतीय रेल में अब मालगाड़ी के चालक किसी भी हाल में Rajdhani Express, Shatabdi Express और Duronto Express जैसी ट्रेन नहीं चलाएंगे। बिना एलआर (LR - Learning Road) वाले चालक को यात्री ट्रेन चलाने की अनुमति नहीं मिलेगी।
29 जुलाई को सीतारामपुर स्टेशन पर हुई स्पाड यानी सिग्नल पास्ड एट डेंजर की घटना के बाद पांच और 19 अगस्त को रेलवे बोर्ड में आयोजित बैठक के बाद रेलवे बोर्ड के निदेशक विद्युत इंजीनियर चल स्टाक विकास आनंद ने सभी जोनल रेलवे को कड़ा निर्देश जारी किया है।
क्या है एलआर ड्यू
किसी भी रेलखंड पर सुरक्षित ट्रेन चलाने के लिए चालक (Locomotive Pilot) को उस रेलखंड के सिग्नल, ढलान, स्पीड लिमिट और स्टेशन की पूरी जानकारी होनी चाहिए। अगर तीन से छह माह तक उस सेक्शन पर ट्रेन नहीं चलाया है तो सिस्टम इसे रोड लर्निंग ड्यू मानता है।
ऐसे में अचानक चालक को उस रूट पर यात्री ट्रेन चलाने की जिम्मेदारी सौंप दी गई तो सिग्नल जंप या दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है। यही वजह है कि रेलवे बोर्ड ने बिना एलआर वाले चालक को यात्री ट्रेन के लिए बुक न करने का निर्देश जारी किया है।
बोर्ड बैठक में जारी निर्देश
इनका करना होगा सख्ती से पालन
- राजधानी, शताब्दी व दुरंतो में मालगाड़ी चालक नहीं: राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसी ट्रेनों का संचालन किसी भी स्थिति में मालगाड़ी के चालक से नहीं कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर शेड्यूल लिंक से नियमित चालक को हटाकर ड्यूटी लगाई जाएगी।
- इंजन के अनुसार सक्षम क्रू जरूरी: किसी विशेष प्रकार के इंजन के लिए सक्षम क्रू उपलब्ध नहीं होने पर इंजन बदला जाएगा, ताकि उपलब्ध सक्षम क्रू से ट्रेन का संचालन कराया जा सके।
- मेल-एक्सप्रेस चालक के पद खाली होने पर पैनल: मेल-एक्सप्रेस चालकों के पद रिक्त होने और चयन प्रक्रिया पूरी नहीं होने की स्थिति में भी ए-ग्रेड मालगाड़ी चालकों का पैनल तैयार किया जाएगा। इसी पैनल के आधार पर ट्रेन का संचालन किया जाएगा।
हर रेल मंडल को तैयार रखना होगा ए-ग्रेड मालगाड़ी चालक
मेल-एक्सप्रेस व परिवर्तित मार्ग से चलने वाली ट्रेनें मेल-एक्सप्रेस के चालक ही चलाएंगे। अगर उपलब्ध न हो तो प्रत्येक रेल मंडल ए-ग्रेड वाले मालगाड़ी चालक को पैनल तैयार करें।
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पैनल ट्रैक्शन और संरक्षा अधिकारियों की ओर से स्क्रीनिंग के बाद ही बनाया जाए। स्क्रीनिंग में चयनित मालगाड़ी चालक से ट्रेन चलाई जाए। अगर स्क्रीनिंग के दौरान चालक न मिले तो लोको इंस्पेक्टर को फुट प्लेट पर साथ रखना अनिवार्य होगा।
