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बेनीडीह में CISF मुठभेड़ में चार युवकों की मौत की फाइल खुलेगी, NHRC करेगा हिसाब; कई अधिकारी जांच के घेरे में

Published: Wed, 23 Sep 2026 08:36 AM (IST)

Dhanbad CISF Encounter: धनबाद के बेनीडीह में 19 सितंबर 2022 को हुए सीआईएसएफ मुठभेड़ में चार युवकों की मौत के ...और पढ़ें

धनबाद के बेनीडीह में मुठभेड़ की होगी जांच। (एआइ फोटो)

धनबाद के बेनीडीह में मुठभेड़ की होगी जांच। (एआइ फोटो)

HighLights

  1. धनबाद सीआईएसएफ बेनीडीह मुठभेड़ की मानवाधिकार आयोग जांच करेगा।

  2. मृतकों के परिजनों, घायलों और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ होगी।

  3. लापरवाही पाए जाने पर अधिकारियों की जवाबदेही तय हो सकती है।

आशीष अंबष्ठ, धनबाद। Benidih Encounter: बीसीसीएल की बेनीडीह परियोजना में 19 सितंबर 2022 की रात धनबाद सीआईएसएफ के साथ हुई मुठभेड़ में चार युवकों की मौत का चर्चित मामले में जांच को लेकर दिल्ली से टीम आ रही है। इस मामले में बाघमारा थाना में 20 नवंबर 2022 को कांड दर्ज किया गया था।

चार साल बाद 22 सितंबर को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम मामले की विस्तृत जांच के लिए धनबाद पहुंच रही है। इस टीम में डीआइजी रैंक के अधिकारी (आइपीएस) गौरव गर्ग, डिप्टी एसपी दुश्यंत सिंह शामिल है। जांच के दौरान चारों मृतकों के परिजनों, घायलों के परिजनों, प्रत्यक्षदर्शियों, वाहन चालक और शिकायतकर्ता से पूछताछ होगी।

तत्कालीन पुलिस-पदाधिकारियों को बयान होगा दर्ज

वहीं तत्कालीन जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक और संबंधित थाना प्रभारियों से भी घटना और उसके बाद हुई कार्रवाई के संबंध में जानकारी ली जाएगी। जांच में यदि किसी स्तर पर गंभीर लापरवाही या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मियों की भूमिका पर सवाल उठ सकते हैं।

ऐसे में जांच के दौरान उस समय की पूरी कार्रवाई की कड़ियां जोड़ने की कोशिश होगी। यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मी की ओर से गंभीर लापरवाही, नियमों की अनदेखी या प्रक्रिया में गड़बड़ी के प्रमाण सामने आते हैं, तो संबंधित लोगों की जवाबदेही तय हो सकती है। हालांकि, किसी अधिकारी या जवान की जिम्मेदारी अथवा दोष जांच के निष्कर्ष और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगा।


जांच के लिए पूछताछ से संबंधित दिशा-निर्देश तैयार किए गए हैं। इसके तहत दो अलग-अलग सूचियां बनाई गई हैं। पहली सूची में घटना से प्रभावित नागरिकों को रखा गया है, जबकि दूसरी सूची में तत्कालीन प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों तथा मुठभेड़ में शामिल सीआईएसएफ जवानों को शामिल किया गया है।

चारों मृतकों के परिजनों से होगी पूछताछ

जांच की पहली सूची में मुठभेड़ में मारे गए चार युवकों के परिजनों को शामिल किया गया है। इनसे घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों तथा मृतकों से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी ली जाएगी।

मृतकों के नाम

-जलालुद्दीन खान उर्फ शहजाद खान, उम्र 32 वर्ष पिता—असलम खान, निवासी—राथथाड़, कतरास।
- मोहम्मद शमीम अंसारी, उम्र 25 वर्ष पिता—हबीब अंसारी, निवासी—गुंधुसा, हरिहरपुर।
- मोहम्मद अताउल्ला अंसारी उर्फ अतुल अंसारी, उम्र 25 वर्ष पिता—मोहम्मद मुस्लिम अंसारी, निवासी—राथटोड़, बाघमारा।
-- प्रतीम नोनिया, उम्र 29 वर्ष पिता—स्वर्गीय गणेश नोनिया, निवासी—तेलोटांड़, बाघमारा।//B//B

घायलों और प्रत्यक्षदर्शियों से भी होगी पूछताछ

जांच के दायरे में घटना में घायल हुए लोगों के परिजनों को भी रखा गया है। इसके अलावा घटना के प्रत्यक्षदर्शियों से घटनाक्रम की जानकारी ली जाएगी।

घटना से संबंधित वाहन संख्या जेएच-10-सीएल-0848 के चालक शंकर रवानी से भी पूछताछ होगी। मामले के शिकायतकर्ता अनूप कुमार को भी जांच के लिए सूचीबद्ध किया गया है। जांच के दौरान यदि कोई अन्य व्यक्ति घटना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी वाला पाया जाता है तो उससे भी पूछताछ की जा सकती है।

दूसरी सूची में उस समय धनबाद में पदस्थ रहे कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है। इनमें तत्कालीन जिलाधिकारी, धनबाद, तत्कालीन वरीय पुलिस अधीक्षक, धनबाद, तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी, धनबाद, मुठभेड़ की जांच करने वाले तत्कालीन ग्रामीण पुलिस अधीक्षक,तत्कालीन बाघमारा थाना प्रभारी, तत्कालीन कतरास थाना प्रभारी, तत्कालीन हर्षनपुर थाना प्रभारी,तत्कालीन अनुसंधानकर्ता शामिल हैं।

तीन सीआईएसएफ जवान भी सूची में

घटना में शामिल सीआईएसएफ के जवानों से भी पूछताछ की जाएगी। सूची में तीन जवानों का नाम और पहचान संख्या दर्ज है। सीआईएसएफ कांस्टेबल अरुण कुमार यादव, सीआईएसएफ उप निरीक्षक दिनेश शर्मा और पिंटू कुमार।

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