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Rail Madad की शिकायतों की कैटेगरी बदलकर निबटारे में देरी की चालाकी नहीं चलेगी, जोनल रेलवे करेगा निगरानी

Published: Mon, 14 Sep 2026 07:38 AM (IST)

Railway Complaints New Rule: रेलवे ने शिकायतों की कैटेगरी बदलने और एक पीएनआर से बार-बार शिकायत करने पर रोक लगाने का फैसला किया है।

Rail Madad App पर शिकायतों के नए नियम। (प्रतीकात्मक फोटो)

Rail Madad App पर शिकायतों के नए नियम। (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. डिविजनल कंट्रोल अब शिकायतों की कैटेगरी नहीं बदल पाएंगे।

  2. जोनल रेलवे डिविजनल कंट्रोल की शिकायतों की नियमित निगरानी करेगा।

  3. एक PNR पर बार-बार एक जैसी शिकायतें नहीं होंगी दर्ज।

तापस बनर्जी, धनबाद। Rail Madad App: रेल मदद पर यात्रियों की शिकायतों की कैटेगरी बदलने का ट्रिक अपनाने वाले डिविजन कंट्रोल की चालाकी अब नहीं चलेगी। जोनल रेलवे से इसकी नियमित निगरानी की जाएगी। डिविजनल कंट्रोल आफिस को निर्धारित शिकायतों की कैटेगरी का पालन करना होगा जिससे उनके निबटारे में बेवजह देर नहीं होगी।

जोनल रेलवे और सेंटर फार रेलवे इंफार्मेशन सिस्टम-क्रिस के अधिकारियों की सात सितंबर को आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान पूर्व रेल के मुख्य रोलिंग स्टाक अभियंता-सीआरएसई की ओर से उठाये गये मामले पर रेलवे ने यह निर्णय लिया है।

क्या थी सीआरएसई की शिकायत

पूर्व रेलवे के सीआरएसई ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में बताया कि कई बार देखा गया कि डिविजनल कंट्रोल अफिस शिकायतों की कैटेगरी बदल दे रहे हैं। किसी यात्री ने पानी की उपलब्धता न होने को लेकर रेल मदद पर शिकायत दर्ज की।

डिविजनल कंट्रोल रूम ने शिकायत की कैटेगरी बदल डाली और उसे कोच मेंटेनेंस की शिकायत में बदल दिया। इस वजह से शिकायत के समाधान में बेवजह विलंब होते हैं, क्योंकि कैटेगरी बदल जाने से शिकायत दूसरे विभाग के पास चली जाती है।

सिस्टम में असल कमी क्या है, इसकी सटीक जानकारी नहीं मिलती। पानी की कमी के बजाय आंकड़े में कोच की खराबी दिखती है।

रेलवे बोर्ड का निर्देश

सभी जोनल रेलवे डिविजनल कंट्रोल की नियमित निगरानी करेंगे। डिविजनल कंट्रोल किसी भी हाल में शिकायतों की कैटेगरी बदल कर उन्हें दूसरे विभाग को नहीं भेजेंगे।

रेल मदद पर एक पीएनआर पर बार-बार शिकायत नहीं कर सकेंगे यात्री

मैं धनबाद से पटना तक गंगा दामोदर के सेकंड एसी में यात्रा कर रहा हूं। मुझे गंदा बेड रोल मिला है, जल्द समाधान करें...। फिर कुछ देर बाद एसी की कूलिंग ज्यादा है, नार्मल करें....। फिर थोड़ी देर बाद टायलेट में पानी नहीं आ रहा है...। इनमें कई शिकायतें ऐसी भी होती हैं जो जांच में सही नहीं मिलतीं।

जोनल रेलवे और क्रिस की वीडियो कांफ्रेंसिंग में इस विषय पर मंथन के बाद रेलवे ने बदलाव का निर्णय लिया है। एक ही PNR (Passenger Name Record) पर बार-बार शिकायत नहीं की जा सकेगी।

जोनल रेलवे की ओर से वीडियो कांफ्रेंसिंग में बताया गया कि एक ही डिवाइस या पीएनआर नंबर से थोड़े ही समय में एक ही तरह की कई शिकायतें मिलती हैं।

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इससे असल शिकायतों पर ध्यान में कठिनाई होती हैं और कर्मचारी का समय भी बर्बाद होता है। इसके मद्देनजर जल्द ही ऐसा सिस्टम अपनाया जाएगा जिससे एक ही प्रकार की कई शिकायतें दर्ज नहीं हो सकेंगी।

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