यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 20, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
झारखंड में लव जिहाद की आड़ में हो रहा भूमि जिहाद! आदिवासी युवतियों को फंसाकर हड़पी जा रही जमीन
हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश शिंदे ने कहा कि लव जिहाद के नाम पर भूमि जिहाद हो रहा ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, धनबाद। झारखंड में एक खास समुदाय के लोग लव जिहाद की आड़ में आदिवासियों की जमीन हड़पने का कुत्सित षड्यंत्र कर रहे हैं। इसके लिए वे भोली-भाली आदिवासी लड़कियों को अपना नाम बदल कर प्रेम जाल में फंसा रहे हैं। मतलब पूरा हो जाने के बाद उनको रास्ते से हटाने के लिए हत्या तक करने से नहीं चूक रहे। इसका ताजा उदाहरण झारखंड के साहिबगंज जिला में देखने को मिला है। बावजूद सरकार मौन साधे हुए हैं। सोमवार को हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश शिंदे ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए यह आरोप लगाया।
हेमंत सरकार कर रही है तुष्टीकरण की राजनीति: रमेश शिंदे
शिंदे ने इस पूरे प्रकरण में हेमंत सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि सरकार की चुप्पी से इस समुदाय का मनोबल दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। जबकि आदिवासी हितों की बात कहकर सरकार बनाने वाली हेमंत सरकार की चुप्पी रहस्यमय है। लगता है कि तुष्टीकरण की राजनीति ने उनके हाथ बांध रखे हैं। शिंदे ने यह भी आरोप लगाया कि ईसाई मिशनरियां भी कोरोना काल के बाद से बड़े पैमाने पर धर्मांतरण कराने के लिए काफी सक्रिय हुई हैं। इनका भी निशाना आदिवासी समुदाय के वे लोग हैं, जिनके रोजी रोजगार कोरोना काल में जाते रहे।

हिंदुओं को है सावधान रहने की जरूरत: शिंदे
उन्होंने जय भीम जय मीम का नारा बुलंद करने वालों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भीमराव आंबेडकर का नाम लेकर दलितों को बरगलाया जा रहा है। जिस समुदाय के लिए हर वह व्यक्ति काफिर है, जो अल्लाह की प्रार्थना नहीं करता। तो फिर जय भीम वाले उनके भाई कैसे हो गए। यह एक विचारणीय प्रश्न है। ऐसा नारा देने वाले महज अपनी राजनीति चमकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं। ऐसे लोगों से हिंदुओं को सावधान रहने के जरूरत है।
भूमि जिहाद के लिए हो सख्त कानून: शिंदे
उन्होंने कहा कि बहुसंख्यकों की हिमायती होने का दावा करने वाले अब सत्ता में है। उसे सख्त रवैया अपनाते हुए धर्मांतरण और लव जिहाद एवं भूमि जिहाद के विरुद्ध कड़े कानून बनाने चाहिए और उनका पालन भी सख्ती से होना चाहिए। मौके पर तरुण हिंदू के संस्थापक डा. नील माधव दास व शंभू गवारे भी उपस्थित थे।
