धनबाद में सितंबर की बारिश ने तोड़ा आठ साल का रिकॉर्ड, बना आठवां सर्वाधिक वर्षा वाला जिला
Dhanbad Rain News: धनबाद में सितंबर माह की बारिश ने पिछले आठ सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जिसमें 27 दिनों में 338.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

धनबाद में खूब हुई बारिश। (फाइल फोटो)
जागरण संवाददाता, धनबाद। Dhanbad Weather Update: सितंबर की बारिश ने आठ सालों का रिकार्ड ध्वस्त कर दिया है। इस माह के 27 दिनों में अब तक 338.1 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है।
एक जून से शुरू हुए मानसून सीजन के 119 दिनों में कुल वर्षा 1108.6 मिलीमीटर दर्ज की गई है। इस अवधि में सामान्य वर्षा 1061.3 मिलीमीटर है। सामान्य से चार प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है।
पिछले 10 वर्षा के आंकड़े के मुताबिक वर्ष 2021 व 2024 को छोड़ 2017 से अब तक इस बार सितंबर में सबसे अधिक बारिश का रिकार्ड दर्ज किया गया। राज्य में सर्वाधिक बारिश वाले जिलों में धनबाद आठवें नंबर पर है।
सितंबर माह में बारिश का आंकड़ा (2017–2026)
- 2021: 372.70 एमएम — सबसे अधिक
- 2024: 353.33 एमएम
- 2019: 337.44 एमएम
- 2026: 338.10 एमएम
- 2017: 299.89 एमएम
- 2023: 299.80 एमएम
- 2020: 263.82 एमएम
- 2022: 234.70 एमएम
- 2018: 228.57 एमएम
- 2025: 212.50 एमएम — सबसे कम
खास तथ्य: 2026 की सितंबर बारिश 338.10 एमएम है, जो 2017 से अब तक के आंकड़ों में चौथी सर्वाधिक है।
सबसे अधिक बारिश वाले जिले
- पश्चिमी सिंहभूम में सर्वाधिक 1477.2 एमएम बारिश, सामान्य से 49% अधिक
- पूर्वी सिंहभूम में 1235.1 एमएम, 14% अधिक
- सरायकेला-खरसावां में 1218.7 एमएम, 22% अधिक
- रांची में 1211.6 एमएम, 19% अधिक
- लातेहार में 1155.5 एमएम, 15% अधिक
- धनबाद में 1108.6 एमएम, 04% अधिक
- जामताड़ा में 1101.8 एमएम, 05% अधिक
- लोहरदगा में 1061.6 एमएम, 09% अधिक
बंगाल की खाड़ी की ओर फिर बढ़ रहा लो प्रेशर सक्रिय
मंगलवार देर रात से शुरू हुई बारिश शनिवार तक जारी रहने के बाद रविवार से मौसम साफ हुआ। सुबह से ही धूप खिली और लगातार बारिश से प्रभावित जन जीवन ने राहत की सांस ली।
इस बीच मौसम विभाग से जारी सूचना में बताया गया कि थाईलैंड में चक्रवाती घेरा बनने से म्यांमार के तटीय हिस्से में फिर लो प्रेशर सक्रिय हो गया है। अगले दो-तीन दिनों के दौरान लो प्रेशर के बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ने का अनुमान है।
दूसरी ओर, निचले वायुमंडल में बिहार से बंगाल की खाड़ी में ट्रफ बना हुआ है। इससे तीन अक्टूबर तक राज्य के अलग-अलग हिस्से में आंधी-बारिश की संभावना है।
इससे पहले पिछले सप्ताह थाईलैंड में सक्रिय हुए चक्रवाती घेरे के प्रभाव से ही बंगाल की खाड़ी में उथल-पुथल शुरू हुआ था। बाद में लो प्रेशर बना और तीव्र होकर डिप डिप्रेशन ने झारखंड समेत कई राज्यों में भारी बारिश कराई।
