झारखंड बंद: आंदोलनकारियों ने धनबाद और चास में किया प्रदर्शन, रखीं अहम मांगें
झारखंड आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर धनबाद और चास में झारखंड बंद का आह्वान किया, जिसमें पेंशन, सरकारी नौकरी ...और पढ़ें

झारखंड बंद के दौरान बरवाअड्डा में किसान चौक पर धरना देते आंदोलनकारी।(फोटो जागरण)
जागरण टीम, बरवाअड्डा/चास। झारखंड आंदोलनकारियों के मान-सम्मान, अधिकार और विभिन्न मांगों को लेकर झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले बुधवार को झारखंड बंद किया गया। इस दौरान धनबाद और चास में भी बंद समर्थकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
मोर्चा के धनबाद जिला बैनर तले जीटी रोड स्थित किसान चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया गया, जबकि चास के आईटीआई मोड़ पर आंदोलनकारियों ने चक्का जाम कर धरना दिया।
बरवाअड्डा में प्रदर्शन का नेतृत्व मोर्चा के केंद्रीय सचिव जगत महतो, जिलाध्यक्ष अनूप साव, जिला उपाध्यक्ष रतिरंजन गिरि, महासचिव विश्वनाथ पाल, सचिव मोईन अंसारी, दिनेश मंडल, राजेंद्र महतो, इमामुद्दीन अंसारी और बासुदेव यादव ने संयुक्त रूप से किया।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि अलग झारखंड राज्य के गठन के 26 वर्ष बीत जाने के बाद भी आंदोलनकारियों की उपेक्षा की जा रही है।
उन्हें अपने अधिकारों के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। सरकार से सभी चिन्हित झारखंड आंदोलनकारियों को प्रतिमाह 10 हजार रुपये पेंशन देने, उनके आश्रितों को सरकारी नौकरी में प्राथमिकता देने और आंदोलनकारियों को उचित मान-सम्मान देने की मांग की गई।
चास के आईटीआई मोड़ पर चक्का जाम कर धरने का नेतृत्व राजदेव महथा और मनोज राय ने किया। आंदोलनकारियों ने झारखंड की स्थानीय नीति लागू करने और झारखंड आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारियों के नाम सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करने की मांग उठाई।
यातायात प्रभावित, मौके पर पहुंची पुलिस
चास में चक्का जाम के कारण आईटीआई मोड़ पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। सड़क पर वाहनों की आवाजाही बाधित होने से राहगीरों को परेशानी हुई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था सामान्य कराने का प्रयास किया।
आंदोलनकारियों ने कहा कि झारखंड राज्य के गठन में आंदोलनकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इसलिए सरकार को उनके मान-सम्मान और अधिकारों के लिए गंभीरता से पहल करनी चाहिए। उन्होंने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
