रामायण पर 1 साल में लिखीं 11 पुस्तकें, धनबाद की डॉ. मीतू सिन्हा ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
धनबाद की लेखिका डॉ. मीतू सिन्हा ने एक वर्ष में रामायण पर सर्वाधिक पुस्तकें लिखकर लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है।

लेखिका डॉ. मीतू सिन्हा। (जागरण)
HighLights
डॉ. मीतू सिन्हा ने रामायण पर सर्वाधिक पुस्तकें लिखीं।
लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज हुआ।
एशिया और ओंग बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी शामिल।
जागरण संवाददाता, धनबाद। धनबाद की लेखिका डॉ. मीतू सिन्हा का नाम एक वर्ष में रामायण पर सबसे अधिक पुस्तक लिखने के लिए लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज किया गया है।
इसके लिए डॉ. मीतू को प्रमाणपत्र, स्मृति चिह्न व पदक प्रदान किया गया। इसके साथ ही लंदन हेराल्ड पत्रिका में एक आर्टिकल भी छापा गया है।
डॉ. मीतू ने विविध विषयों पर कुल 26 पुस्तकें लिखी हैं। इनमें रामायण पर 15 पुस्तकें हैं। डॉ. मीतू ने बताया कि रामायण पर एक वर्ष में लिखी 11 पुस्तक में 11 रंग हैं।
इसमें भरत के राम एक प्रबंध काव्य है। राम और भारत का अनुपम प्रेम है। सिया स्वयंवर खंड काव्य में मर्यादा है। अंगद रावण संवाद में राम रावण संघर्ष की दिशा बदल दी।
संजीवनी बूटी निराशा से आशा की ओर ले जाता है। सती सुलोचना उत्तर भारत का पहला प्रबंध काव्य है। इसमें सुलोचना और मेघनाद के प्रेम का वर्णन है। लक्ष्मण की उर्मिला एक ऐसा खंड काव्य है जो उर्मिला के मन की बात करता है। राम कथा एक ऐसी पुस्तक है, जिसमें प्रभु श्रीराम के मन की व्यथा और भावों का सुंदर चित्रण है। ये गद्य विधा में है।
पंचवटी प्रसंग खंड काव्य में श्रीराम और सीता के साथ पंचवटी में घटी घटनाओं का वर्णन है। नागपाश में मेघनाद के नागपाश से वानर सेना के बचने की कथा और बाली संहार में बलि और सुग्रीव की कथा है।
कुंभकर्ण वध में कुंभकर्ण के आने और उसके वध का वर्णन है। हर पुस्तक में एक नया दृष्टिकोण है। लंदन बुक ऑफ रिकार्ड्स के साथ-साथ एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्स और ओंग बुक ऑफ रिकार्ड्स में भी डॉ. मीतू का नाम दर्ज किया गया है।