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झरिया की भूमिगत आग से बिजली और CNG बनाने का रास्ता खोजा, धनबाद के छात्रों को राष्ट्रीय सम्मान

Published: Fri, 30 Oct 2026 09:11 AM (IST)

Viksit Bharat Buildathon 2025: धनबाद के डिनोबिली स्कूल के छात्रों ने झरिया की भूमिगत खदानों से रिसने वाली जहरीली मीथेन ...और पढ़ें

डिनोबिली स्कूल डिगवाडीह के छात्र-छात्राओं को एक लाख रुपये का चेक देकर सम्मानित करते केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चाैधरी। (फोटो सौजन्य)

डिनोबिली स्कूल डिगवाडीह के छात्र-छात्राओं को एक लाख रुपये का चेक देकर सम्मानित करते केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चाैधरी। (फोटो सौजन्य)

HighLights

  1. झरिया मीथेन से स्वच्छ ऊर्जा का मॉडल विकसित।

  2. धनबाद के छात्रों को राष्ट्रीय बिल्डाथॉन में सम्मान।

  3. भूमिगत आग, प्रदूषण रोकने में सहायक होगा मॉडल।

संवाद सहयोगी, चासनाला (धनबाब)। National Innovation Competition: झरिया कोयलांचल की भूमिगत आग और रिसती जहरीली मीथेन गैस दशकों से क्षेत्र के लिए जानलेवा संकट बनी हुई थी, अब उसी संकट से स्वच्छ ऊर्जा का नया सवेरा होगा।

इस गंभीर पर्यावरणीय व मानवीय चुनौती को अवसर में बदलने का वैज्ञानिक समाधान डिनोबिली स्कूल डिगवाडीह की टीम डीएनएस नवऊर्जा ने भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित विकसित भारत बिल्डाथॉन 2025 के ग्रैंड फिनाले में देश की शीर्ष 10 टीमों में स्थान बनाकर राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड का गौरव बढ़ाया है।

नई दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज भवन में आयोजित समारोह में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने टीम को एक लाख के नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया।

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज ऐतिहासिक प्रतियोगिता

देशभर से 2.87 लाख से अधिक नवाचार परियोजनाओं की भागीदारी वाली इस प्रतियोगिता को दुनिया की सबसे बड़ी नवाचार समाधान प्रतियोगिता के रूप में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है।

देश के हजारों प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के बीच जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के तीन कड़े व चुनौतीपूर्ण चरणों को सफलतापूर्वक पार कर शीर्ष 10 में जगह बनाना पूरे कोयलांचल के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।

क्या है डीएनएस नवऊर्जा का वैज्ञानिक मॉडल

झरिया की खदानों में दशकों से सुलग रही आग न केवल जान-माल का नुकसान करती है, बल्कि उससे निकलने वाली मीथेन गैस पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाती है।

टीम ने इस समस्या का व्यावहारिक समाधान पेश करते हुए एक ऐसा वैज्ञानिक मॉडल तैयार किया। जिससे भूमिगत खदानों से रिसने वाली मीथेन गैस को सुरक्षित रूप से एकत्र किया जा सके। एकत्र की गई गैस को शोधित कर सीएनजी और विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया जा सके।

भूमिगत आग के प्रसार और वायु प्रदूषण के जोखिम को न्यूनतम किया जा सके। यह मॉडल कोयलांचल में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के साथ-साथ स्वच्छ व वैकल्पिक ऊर्जा उत्पादन की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है।

टीम के सदस्य और सफलता के सूत्रधार

इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने वाली टीम का नेतृत्व उत्कृष्ट पाल ने किया। टीम में लकी कुमार, आर्यन राज सिंह, गौरव कुमार रवानी और जागृति शामिल रहे। छात्रों ने अपनी सफलता का श्रेय विद्यालय की मार्गदर्शक शिक्षिका अनुराधा यादव और शिक्षक एमडी मुज़म्मिल आलम अंसारी के तकनीकी मार्गदर्शन को दिया।

साथ ही, विद्यालय के प्राचार्य फादर सुशील सुमन केरकेट्टा, एसजे और उप-प्राचार्य सुरेश चक्रवर्ती के निरंतर प्रोत्साहन व सहयोग को अपनी सफलता की मजबूत नींव बताया। राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस ऐतिहासिक पहचान के बाद डिनोबिली स्कूल परिसर और पूरे धनबाद कोयलांचल में हर्ष का माहौल है।

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