विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

300 करोड़ की हेराफेरी का आरोप, भिलाई के भाजपा नेता संदीप अग्रवाल धनबाद में गिरफ्तार; पत्नी और भाई भी घिरे

By Niraj DubeyEdited By: Mritunjay Pathak
Published: Thu, 29 Oct 2026 11:39 PM (IST)

Bhilai के पूर्व भाजपा कोषाध्यक्ष संदीप अग्रवाल को 300 करोड़ रुपये से अधिक के कोयला कारोबार धोखाधड़ी मामले में धनबाद से कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

धनबाद में संदीप अग्रवाल की हुई गिरफ्तारी। (सांकेतिक फोटो)

धनबाद में संदीप अग्रवाल की हुई गिरफ्तारी। (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. संदीप अग्रवाल 300 करोड़ कोयला धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार।

  2. कोलकाता पुलिस ने धनबाद से भाजपा नेता को पकड़ा।

  3. पत्नी, भाई भी पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार।

जागरण संवाददाता, धनबाद। कोयला कारोबार में 300 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी के मामले में आरोपित संदीप अग्रवाल को एक बार फिर गिरफ्तार किया गया है। कोलकाता पुलिस ने चार दिन पहले संदीप अग्रवाल को धनबाद थाना क्षेत्र के डीआरएम चौक से गिरफ्तार किया था।

Sandeep Agrwal

इससे पहले संदीप, उनके दोनों भाई संजय अग्रवाल और सचिन अग्रवाल तथा पत्नी राखी अग्रवाल भी गिरफ्तार की जा चुकी है। इनके खिलाफ पवन मोर के साथ धोखाधड़ी कर रकम हड़पने का आरोप है। धनबाद के बैंक मोड़ और गोविंदपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज है।

छत्तीसगढ़ के भिलाई के भाजपा के पूर्व कोषाध्यक्ष संदीप अग्रवाल को कोलकाता पुलिस ने धनबाद से गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि वह धनबाद कोर्ट में आत्मसमर्पण करने पहुंचा था, लेकिन इससे पहले ही कोलकाता पुलिस ने उसे डीआरएम चौक के पास पकड़ लिया।

गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अदालत ने उसे 10 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

पुलिस के अनुसार, नारायणी कोक प्राइवेट लिमिटेड के एमडी पवन मोर ने आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि आरोपितों ने व्यापारिक परिचय का फायदा उठाकर कथित साजिश के तहत विभिन्न निवेश योजनाओं, कोयला और कोक की आपूर्ति तथा पर्सनल लोन के बहाने 141 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी की।

बैंक मोड़ थाने में 5.85 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और गोविंदपुर थाने में 81.22 लाख रुपये की गड़बड़ी को लेकर एफआइआर दर्ज की गई। इन लोगों के खिलाफ बंगाल के कोलकाता, छत्तीसगढ़ के रायपुर और गुजरात के अहमदाबाद के थानों में वर्ष 2024 में ही एफआइआर दर्ज है।

आरोप है कि राखी अग्रवाल अपने पति संजय और परिवार के अन्य सदस्यों की कंपनियों विमला मेटकोक व विमला फ्यूल्स एंड मेटल्स प्राइवेट लिमिटेड में सक्रिय निदेशक थीं।

शिकायत के मुताबिक, इन कंपनियों के जरिए आर्थिक अनियमितता और रकम का गबन किया गया। ठगी की बड़ी राशि संजय अग्रवाल ने राखी अग्रवाल के निजी और व्यावसायिक बैंक खातों में स्थानांतरित की थी। इसमें कुल 141 करोड़ रुपये शामिल हैं।

यह भी पढ़ें- मौसम का डबल अटैक: अर्नब के बीच नए चक्रवात की आहट, बंगाल की खाड़ी में बन रहा सिस्टम

यह भी पढ़ें- धनबाद सीओ राम प्रवेश कुमार को क्यों सता रहा डर? बारामुड़ी से खटाल हटाने का विरोध करने पर सुंदर यादव पर FIR