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धनबाद बाजार समिति में दुकानों का किराया 19 साल बाद बढ़ा, नवंबर से 9 रुपये प्रति वर्गफुट वसूली

Published: Wed, 14 Oct 2026 10:10 AM (IST)

Dhanbad Krishi Utpadan Bazar Samiti में दुकानों का किराया नवंबर से दोगुना से अधिक बढ़कर 9 रुपये प्रति वर्गफुट हो जाएगा, जिससे 436 दुकानदारों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।

धनबाद कृषि उत्पादन बाजार समिति। (फाइल फोटो)

धनबाद कृषि उत्पादन बाजार समिति। (फाइल फोटो)

जागरण संवाददाता, झरिया। धनबाद कृषि उत्पादन बाजार समिति में कारोबार करने वाले दुकानदारों को अब दुकान का किराया पहले से दोगुने से भी अधिक चुकाना होगा। नवंबर माह से बाजार समिति की सभी छोटी-बड़ी दुकानों का किराया बढ़ाकर नौ रुपये प्रति वर्गफीट करने का निर्णय लिया गया है।

इस संबंध में झारखंड राज्य कृषि विपणन पर्षद बोर्ड (Jharkhand State Agricultural Marketing Board) द्वारा पारित कर दिया गया है।

नवंबर माह से इसे लागू कर दिया जाएगा। किराये में इस बढ़ोतरी से बाजार समिति के 436 दुकानदार प्रभावित होंगे। लंबे अंतराल के बाद किराये में हुई इस वृद्धि ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है।

झारखंड के कुल 28 कमेटियों के किराये के निर्धारण को लेकर तीन श्रेणियां बनाई गई हैं। प्रथम श्रेणी नौ रुपये, द्वितीय श्रेणी सात रुपये, तृतीय श्रेणी पांच रुपये रखी गई है।

धनबाद बाजार समिति को प्रथम श्रेणी में रखा गया है। नई दर लागू होने के बाद दुकानदारों को अपनी दुकानों के क्षेत्रफल के अनुसार किराया देना होगा। ऐसे में बड़ी दुकानों के संचालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ अधिक पड़ेगा।

1984 में स्थापना के समय आकार के अनुसार तय होता था किराया

बाजार समिति के दुकानदारों ने बताया कि धनबाद कृषि उत्पादन बाजार समिति की स्थापना वर्ष 1984 में हुई थी। उस समय बोर्ड की ओर से दुकानों के आकार के आधार पर किराया निर्धारित किया जाता था। लेकिन समय के साथ इसमें बदलाव होता गया।

दुकानदारों ने बताया कि वर्ष 1997 में फल मंडी के बाजार समिति परिसर में आने के बाद किराये की दर 1.25 रुपये प्रति वर्गफीट निर्धारित की गई थी। इसके बाद वर्ष 2003 के आसपास इसे बढ़ाकर दो रुपये प्रति वर्गफीट कर दिया गया था। इस तरह अलग-अलग समय पर किराये में बढ़ोतरी होती रही।

चार रुपये किराया करने पर व्यापारियों ने किया था विरोध

वर्ष 2007 में बोर्ड ने बाजार समिति की दुकानों का किराया बढ़ाकर चार रुपये प्रति वर्गफीट कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ दुकानदारों और विभिन्न चेंबरों ने कड़ा विरोध जताया था।

किराया वृद्धि के विरोध में व्यापारियों ने लंबी लड़ाई लड़ी और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। हालांकि अंत में कृषि विपणन बोर्ड के पक्ष में फैसला हुआ। इसके बाद से बाजार समिति की दुकानों का किराया चार रुपये प्रति वर्गफीट की दर से वसूला जाता रहा है।

अब करीब 19 वर्षों बाद किराये में फिर बड़ी बढ़ोतरी की गई है। नई दर चार रुपये से बढ़कर नौ रुपये प्रति वर्गफीट कर दिया गया है। प्रतिशत के हिसाब से यह मौजूदा दर से 125 प्रतिशत अधिक है।

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झारखंड राज्य कृषि विपणन पर्षद बोर्ड द्वारा झारखंड के 28 समितियों को तीन श्रेणी में विभाजन किया गया है। नवंबर माह से सभी समिति का किराया बढ़ा दिया जाएगा। धनबाद समिति में नौ रुपये प्रति वर्ग फिट की दर से दुकानदारों से किराया वसूला जाएगा।

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विपुल कुमार, विपणन सचिव, कृषि उत्पादन बाजार समिति धनबाद

किराया 125 प्रतिशत कर दिया गया है जो यह न्याय संगत नही है। इससे साफ झलक रहा है बोर्ड द्वारा प्रांगण में व्यापार कर रहे व्यापारियों को उजाड़ने की साजिश रच रही है।

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विकास कांधवे, थोक व्यापारी, बाजार समिति।

अचानक इस प्रकार किराया बढ़ाने से व्यापार पर इसका असर देखने को मिलेगा। बोर्ड को किराया बढ़ाने से पहले व्यापारियों से इसपर विचार करना चाहिए था।

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विनोद गुप्ता, थोक व्यापारी बाजार समिति।