धनबाद जेल में फिर वही कहानी, छापामारी में खैनी-चूना मिला; खाली हाथ लौटे डीसी-एसएसपी
Dhanbad News: धनबाद जेल में सोमवार आधी रात को उपायुक्त और एसएसपी के नेतृत्व में छापेमारी की गई। जांच के ...और पढ़ें

धनबाद जेल में छापामारी की जानकारी देते उपायुक्त आदित्य रंजन और एसएसपी प्रभात कुमार। (फोटो: अमित सिन्हा)
HighLights
धनबाद जेल में आधी रात को हुई औचक छापेमारी।
छापेमारी में खैनी, चूना, ब्लेड जैसे छोटे सामान मिले।
मेडिकल वार्ड में 40 मरीज, कैदी वार्ड में फल बरामद।
जागरण संवाददाता, धनबाद। Dhanbad Jail Raid: मंडल कारा धनबाद (Dhanbad Jail)) में सोमवार की आधी रात को छापेमारी की गई। उपायुक्त आदित्य रंजन और एसएसपी प्रभात कुमार के नेतृत्व में पुलिस पदाधिकारियों की टीम ने जेल के अंदर सघन जांच अभियान चलाया।

हालांकि, इस दौरान कोई खास आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ। छापामारी में खैनी, चूना और ब्लेड जैसी चीजें ही मिलीं। इस तरह जेल में छापामारी की कार्रवाई एक बार फिर पुरानी कहानी दोहराती नजर आई। जेल के अंदर हथियार नहीं मिले।

धनबाद जिले के एक दर्जन थानों की पुलिस, टुंडी व पुटकी समेत के आंचल के सीओ, डीएसपी समेत करीब 150 की संख्या में अधिकारी और बल इस जांच में लगाये गए थे।
कारीब तीन घंटे तक चके इस छापामारी अभियान में कुछ आपत्तिजनक समान बरामद हुआ। इसमें खैनी, ब्लेड समेत अन्य समान शामिल है। पहले भी छापामारी के दौरान खैनी-चूना ही मिले थे।
उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि जेल का औचक निरीक्षण किया गया। जेल के मेडिकल वार्ड और कैदी वार्ड की जांच की गई। जांच के दौरान चेक इन और चेक आउट रजिस्टर तथा जेल में लगे सीसीटीवी कैमरा का रिकॉर्डिंग देखा गया। कुछ संदिग्ध मोबाइल फोन नंबर के जांच की भी बात डीसी ने स्वीकार्य किया।
हांलांकि गोपनीयता बरतने की बात भी कही। उन्हीने बताया कि जेल के मेडिकल वार्ड में अत्यधिक मरीज पाए गए। जिनकी संख्या 40 के आसपास थी।
मरीजों की होगी जांच
उपायुक्त रंजन ने बताया कि जेल के मेडिकल वार्ड में भर्ती मरीजों की जांच की जाएगी। इसके लिए एक मेडिकल टीम भेज जाएगा। ताकि जरूरतमंद का इलाज हो सके। उन्हीने कहा कि जेल के मेडिकल वार्ड में इतने अधिक कैदियों को नहीं होना चाहिए था।
कैदी वार्ड में ख़जूर की भरमार
एक समुदाय विशेष के कैदियों वार्ड में भारी मात्रा में खजूर बरामद किया गया। इसके अलावा अन्य फल भी मिले हैं। रंजन ने कहा कि इतनी मात्रा में फल भी कैदी वार्ड में नहीं होना चाहिए था।
कैदी वार्ड में ग्रुपिंग की हुई जांच
एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि एक वार्ड में क्षमता से अधिक कैदी और एक ही गुट से जुड़े कैदियों को एक जगह रखने की जांच की गई। उन्होंने कहा की यह रेगुलर जांच है।
