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मृत ECL कर्मी के खाते से 74 हजार की निकासी, फर्जी आधार से खेल का खुलासा; बेटे ने साजिशकर्ता समेत दो को पकड़वाया

Published: Fri, 09 Oct 2026 06:52 PM (GMT+05:30)

Dhanbad News: निरसा में मृत ईसीएल कर्मी के बैंक खाते से फर्जी तरीके से पैसे निकालने आए दो आरोपियों को पकड़ा गया।

पुलिस की गिरफ्त में मुख्य साजिशकर्ता फजलुल रहमान (फोटो जागरण)

पुलिस की गिरफ्त में मुख्य साजिशकर्ता फजलुल रहमान (फोटो जागरण)

जागरण संवाददाता निरसा (धनबाद)। मृत ईसीएल कर्मी के नाम पर फर्जी व्यक्ति बनकर पैसे की निकासी करने आए व्यक्ति और साजिशकर्ता को मृतक के पुत्र एवं पौत्र ने शुक्रवार को निरसा एसबीआई शाखा में पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

Somra

पुलिस गोविंदपुर थाना क्षेत्र के शहराज निवासी फजलुल रहमान को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं, मृतक के स्थान पर फर्जी व्यक्ति बनकर पैसे की निकासी करने आए जुगीतोपा के चंद्रायडीह निवासी सोमरा मांझी से भी बैंककर्मी पूछताछ कर रहे हैं।

यह है मामला

इस संबंध में जानकारी देते हुए मृत ईसीएल कर्मी लखीराम मांझी के पुत्र साहेब लाल टुडू ने बताया कि उनके पिता ईसीएल की चापापुर कोलियरी में काम करते थे। सेवानिवृत्ति के बाद वर्ष 2024 में उनकी मृत्यु हो गई थी। उनके पिता का बैंक खाता निरसा स्थित एसबीआई शाखा में है।

छह अक्टूबर को उनके पिता के बैंक खाते से 25 हजार रुपये की निकासी हुई। दो दिन बाद, आठ अक्टूबर को पुनः उनके पिता के बैंक खाते से 49 हजार रुपये की निकासी हो गई। इस दौरान बैंक से उनके मोबाइल पर हस्ताक्षर सत्यापन का मैसेज आया। बैंक पहुंचने पर उन्हें इस घटना की जानकारी मिली।

उन्होंने बैंककर्मियों को पूरी स्थिति से अवगत कराया। बैंककर्मियों ने सहयोग करने का आश्वासन दिया। इसके बाद वे लोग भी अपने स्तर से छानबीन करने लगे।

शुक्रवार को बेनागोड़िया पंचायत अंतर्गत जुगीतोपा गांव के चंद्रायडीह टोला निवासी सोमरा मांझी पैसे की निकासी करने बैंक पहुंचा। मृतक के परिजन भी इस इंतजार में बैंक के पास मौजूद थे कि पैसे निकालने कौन आता है, ताकि उसे पकड़ा जा सके।

बैंककर्मी भी सतर्क थे। उन्होंने सोमरा से कहा कि यदि उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति है, तो उसे बुलाए। इसके बाद ही पैसे का भुगतान किया जाएगा।

पैसे की

जैसे ही उसने सोमरा से बातचीत शुरू की, बैंककर्मियों और मृतक के परिजनों ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मृतक के पुत्र ने बताया कि वे पहले गोरगा गांव में रहते थे, लेकिन वर्तमान में पूरा परिवार सोनवाद में रहता है।

आधार नंबर वही, फोटो और पता बदल दिया

मृत व्यक्तियों के नाम पर फर्जी तरीके से पैसे की निकासी करने वाले गिरोह के सदस्यों ने मृतक लखीराम मांझी का आधार नंबर तो वही रखा, लेकिन कथित तौर पर फर्जीवाड़ा कर उनके फोटो की जगह सोमरा मांझी का फोटो लगा दिया और पता भी बदल दिया।

आधार नंबर बैंक खाते से लिंक होने के कारण आधार कार्ड पर लगी फोटो और पते के आधार पर बैंककर्मियों ने पैसे का भुगतान कर दिया था।

मृतक के स्वजनों ने बैंक में जमा नहीं कराया था मृत्यु प्रमाणपत्र

जानकारी के अनुसार, ईसीएल कर्मी लखीराम मांझी की मृत्यु वर्ष 2024 में ही हो गई थी। हालांकि, उनके स्वजनों ने उनका मृत्यु प्रमाणपत्र बैंक में जमा नहीं कराया था। इस कारण बैंककर्मियों को जानकारी नहीं थी कि लखीराम मांझी की मृत्यु हो चुकी है।

इस संबंध में मृतक के पुत्र साहेब लाल टुडू ने बताया कि कुछ पारिवारिक उलझनों के कारण वे अपने पिता का मृत्यु प्रमाणपत्र बैंक में जमा नहीं करा पाए थे।

सोमरा को ईसीएल से किया जा चुका था बर्खास्त

मृतक लखीराम मांझी के स्थान पर फर्जी लखीराम मांझी बनकर पैसे निकालने आया सोमरा मांझी भी पूर्व में ईसीएल की चापापुर कोलियरी में कार्यरत था। लगातार अनुपस्थित रहने के कारण ईसीएल प्रबंधन ने उसे काफी समय पहले बर्खास्त कर दिया था।

सोमरा का कहना है कि फजलुल रहमान ने उसे पैसे का लालच देकर फर्जी लखीराम मांझी बनाकर पैसे की निकासी करवाई।

पूछताछ में खुल सकते हैं कई राज

मृत व्यक्तियों के नाम पर फर्जीवाड़ा कर पैसे की निकासी करने के मामले में पकड़े गए फजलुल रहमान से पुलिस सख्ती से पूछताछ करे, तो इस खेल में शामिल अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।

मृत व्यक्ति के स्थान पर किसी दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर पैसे की निकासी करने का यह फर्जीवाड़ा लंबे समय से चलने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस की जांच और पूछताछ से इस मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का खुलासा हो सकता है।

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