झारसुगुड़ा में यार्ड रिमॉडलिंग का असर: दरभंगा-चर्लपल्ली एक्सप्रेस के आठ फेरे रद
Darbhanga Charlapalli Express: धनबाद होकर चलने वाली दरभंगा-चर्लपल्ली और मालदा टाउन-सूरत एक्सप्रेस के नवंबर-दिसंबर में कई फेरे रद रहेंगे।

दरभंगा-चर्लपल्ली एक्सप्रेस। (सांकेतिक फोटो)
जागरण संवाददाता, धनबाद। धनबाद होकर सप्ताह में दो दिन चलने वाली दरभंगा-चर्लपल्ली एक्सप्रेस के नवंबर-दिसंबर में चार-चार फेरे रद रहेंगे। 17007 चर्लपल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस 28 नवंबर एवं पांच, आठ व 12 दिसंबर को रद रहेगी।
17008 दरभंगा-चर्लपल्ली एक्सप्रेस एक, आठ 11 व 15 दिसंबर को रद रहेगी। दक्षिण पूर्व रेल के झारसुगुड़ा में यार्ड रिमाडलिंग के कारण ट्रेनें विभिन्न तिथियों में नहीं चलेगी।
अक्टूबर व दिसंबर में मालदा-सूरत एक्सप्रेस के तीन-तीन फेरे रद
धनबाद होकर चलने वाली मालदा टाउन-सूरत साप्ताहिक एक्सप्रेस अक्टूबर व दिसंबर की विभिन्न तिथियों में रद रहेगी। 13425 मालदा टाउन-सूरत एक्सप्रेस 31 अक्टूबर तथा पांच 12 दिसंबर को नहीं चलेगी।
13426 सूरत-मालदा टाउन साप्ताहिक एक्सप्रेस दो नवंबर एवं सात एवं 14 दिसंबर को रद रहेगी। ट्रेन रद होने से गुजरात से झारखंड व बंगाल आवाजाही करने वाले यात्रियों को परेशानी झेलनी होगी।
अधिकारी की उपस्थिति में सुनी जाएंगी समस्याएं
स्टेशन पर स्वच्छता से संबंधित विशेष अभियान के अंतर्गत गुरुवार को देशभर के सभी रेलवे स्टेशन पर एक दिवसीय रेल जन संवाद का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान के तहत पूर्व मध्य रेल के सभी प्रमुख एवं अन्य स्टेशन पर रेल जन संवाद आयोजित किया जाएगा।
संवाद के दौरान यात्रियों, युवाओं एवं अन्य हितधारकों से टिकटिंग, कैटरिंग समेत यात्री सुविधाओं से संबंधित सुझाव एवं फीडबैक लिए जाएंगे। शिकायतों एवं फीडबैक को संकलित कर उनकी समीक्षा की जाएगी और उनकेे समाधान के लिए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
साथ ही यात्रियों को कूड़ा निर्धारित डस्टबिन में डालने, प्लास्टिक कचरे का उचित निस्तारण करने तथा रेलवे परिसर को स्वच्छ बनाए रखने में सक्रिय सहयोग देने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इसका उद्देश्य यात्रियों से सीधा संवाद स्थापित कर रेलवे परिसरों में स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाना तथा बेहतर यात्री सुविधा के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।
शिकायतों एवं फीडबैक को उनके स्वरूप के अनुसार तीन श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा। अल्पकालिक समस्याएं, जिनका त्वरित समाधान संभव है, मध्यम अवधि की समस्याएं, जिनके लिए संबंधित विभागों के समन्वय एवं नियोजित कार्रवाई की आवश्यकता है तथा दीर्घकालिक समस्याएं, जिनके समाधान के लिए नीतिगत निर्णय, विस्तृत योजना अथवा उच्चाधिकारियों की स्वीकृति आवश्यक होगी।
अभियान की प्रभावी निगरानी एवं सफल क्रियान्वयन के लिए मुख्यालय, मंडल एवं संबंधित इकाइयों के स्तर पर नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। प्रमुख स्टेशन पर वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में तथा अन्य स्टेशन पर संबंधित शाखा अधिकारियों एवं स्टेशन प्रबंधकों के माध्यम से अभियान का संचालन किया जाएगा।
