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कोल इंडिया ने बदली अधिकारियों की प्रमोशन पॉलिसी, नए नियमों से किसे और क्या फायदा होगा?

Published: Sun, 18 Oct 2026 03:04 PM (IST)

Coal India Promotion Update: कोल इंडिया लिमिटेड ने अधिकारियों की पदोन्नति प्रक्रिया में संशोधन किया है, जिसमें नियमित पदोन्नति की प्रभावी तारीख 30 सितंबर तय की गई है।

अधिकारियों की पदोन्नति प्रक्रिया में संशोधन।

अधिकारियों की पदोन्नति प्रक्रिया में संशोधन।

HighLights

  1. पदोन्नति की प्रभावी तारीख 30 सितंबर निर्धारित की गई।

  2. पात्रता, वरिष्ठता, वेतन निर्धारण नियमों में संशोधन किया गया।

  3. नए नियम 30 सितंबर 2026 से लागू होंगे।

जागरण संवाददाता, धनबाद। कोल इंडिया लिमिटेड में अधिकारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर नया आदेश जारी किया गया है। इसके तहत पदोन्नति की प्रभावी तारीख, पात्रता, वरिष्ठता और वेतन निर्धारण से जुड़े नियमों में संशोधन किया गया है। नई व्यवस्था में वार्षिक पदोन्नति चक्र के लिए 30 सितंबर की कट-ऑफ तारीख निर्धारित की गई है। इससे कोल इंडिया और उसकी सहायक कंपनियों में अधिकारियों की नियमित पदोन्नति प्रक्रिया प्रभावित होगी।

कोल इंडिया के 17 अक्टूबर 2026 को जारी कार्यालय आदेश संख्या 1496 के अनुसार, कंपनी के निदेशक मंडल ने 15 अक्टूबर को हुई अपनी 496वीं बैठक में अधिकारियों की पदोन्नति के लिए मानक प्रभावी तारीख (स्टैंडर्ड इफेक्टिव डेट यानी एसईडी) लागू करने की मंजूरी दी है। इसके लिए मानव संसाधन नियमावली के संबंधित प्रावधानों में संशोधन किया गया है।

30 सितंबर से तय होगी पदोन्नति की प्रभावी तारीख

आदेश के अनुसार, वार्षिक पदोन्नति प्रक्रिया में नियमित पदोन्नति की प्रभावी तारीख तय करने के लिए 30 सितंबर को आधार बनाया जाएगा। संबंधित पदोन्नति चक्र में सीधी रिक्तियों के लिए इसी तारीख को मानक प्रभावी तारीख माना जाएगा।

वहीं, उसी चयन सूची से बाद में उत्पन्न होने वाली अतिरिक्त रिक्तियों पर पदोन्नति के लिए अलग व्यवस्था की गई है। ऐसे मामलों में 1 अक्टूबर से प्रभावी तारीख निर्धारित होगी।

इसके बाद जारी होने वाले प्रत्येक अगले पदोन्नति आदेश के साथ तारीख एक दिन आगे बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए 29 अक्टूबर की अंतिम सीमा भी निर्धारित की गई है।

पात्रता और वेतन निर्धारण के नियमों में भी बदलाव

नए आदेश में पदोन्नति के लिए आवश्यक पात्रता अवधि, छूट अवधि, विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की प्रक्रिया, पदोन्नति आदेश जारी होने में देरी और अनुशासनात्मक मामलों से जुड़े प्रावधानों में भी संशोधन किया गया है।

पदोन्नति के बाद वेतन निर्धारण को लेकर भी नियम स्पष्ट किए गए हैं। कुछ परिस्थितियों में पदोन्नति की प्रभावी तारीख और वास्तव में उच्च पद का कार्यभार संभालने की तारीख के बीच अंतर को ध्यान में रखकर वेतन संबंधी लाभ तय किए जाएंगे।

इससे पदोन्नति आदेश और कार्यभार ग्रहण करने की तारीख के बीच अंतर वाले मामलों में संशोधित प्रावधानों के अनुसार लाभ निर्धारित करने का आधार मिलेगा।

सिर्फ प्रभावी तारीख तय होने से नहीं मिलेगा प्रमोशन

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मानक प्रभावी तारीख निर्धारित होने मात्र से किसी अधिकारी को पदोन्नति का अधिकार नहीं मिल जाएगा। इसके लिए निर्धारित पात्रता, चयन प्रक्रिया और अन्य आवश्यक शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होगा।

30 सितंबर 2026 से लागू होंगे नए प्रावधान

संशोधित नियम 30 सितंबर 2026 की कट-ऑफ तारीख वाले वार्षिक पदोन्नति चक्र और इसके बाद की प्रक्रियाओं पर लागू होंगे। इससे पहले के पदोन्नति चक्रों से जुड़े मामलों में पुराने प्रावधान लागू रहेंगे, जब तक किसी विशेष विषय पर आदेश में अलग व्यवस्था नहीं दी गई हो।

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