देवघर सैन्य संपर्क मेला: उपराष्ट्रपति ने 'सदैव आपके साथ' को बताया राष्ट्र का विश्वास और प्रतिबद्धता
Deoghar Military Fair: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने देवघर में सैन्य संपर्क मेला को संबोधित करते हुए 'सदैव आपके साथ' थीम को राष्ट्रीय प्रतिबद्धता बताया।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन को चांदी से बने बाबा बैद्यनाथ मंदिर का स्मृति चिह्न भेंट करते गोड्डा के सांसद डा. निशिकांत दुबे। (फोटो जागरण)
HighLights
उपराष्ट्रपति ने 'सदैव आपके साथ' को राष्ट्रीय प्रतिबद्धता कहा।
पूर्व सैनिकों, वीर नारियों के कल्याण हेतु योजनाओं की सराहना।
देवघर मेले में एकल खिड़की सुविधा, विभिन्न विभागों का सहयोग।
जागरण संवाददाता, देवघर। CP Radhakrishnan: जय हिंद, जय झारखंड , जोहार के साथ अपनी बातों को शुरू करते हुए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि झारखंड के लोगों में देश प्रेम की भावना भरी हुई है। पूर्वोत्तर क्षेत्र के अलबर्ट एक्का पहले वीर थे जिन्होंने परमवीर चक्र प्राप्त किया।
देश की आजादी में अंग्रेजों से जनजाति नायकों बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, सिदो-कान्हू, नीलाबंर-पिताबंर ने लोहा लिया। कहा कि सैन्य संपर्क मेला सामूहिक कृतज्ञता का भाव प्रदर्शित करता है। मेला का थीम-सैदव आपके साथ, समाज में एक सार्थक संदेश दे रहा है।
यह संदेश देर रहा है जिस तरह सैनिक देश के लिए खड़े रहते है , उसी तरह हमलोगों को इन सैनिकों के लिए सदैव खड़ा रहना चाहिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री को सैनिक की मांग वन रैंक वन पेंशन को लागू कराने के लिए धन्यवाद दिया। कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वीर नारी, पूर्व सैनिकों के लिए कल्याण के लिए कई योजनाएं शुरू की गई है।
इस मेला के माध्यम से संताल परगना क्षेत्र के अनेक वीर नारी, पूर्व सैनिकों व उनके आश्रितों को सेवा और कल्याण सुविधा मुहैया कराई जा रही।
कहा कि एकल खिड़की व्यवस्था का खास महत्व है। पेंशन, चिकित्सीय सेवा सहित अन्य दस्तावेजों से जिसके लिए आपको एक जगह से दूसरे जगह भागदौड़ करना पड़ता है लेकिन इस मेला के माध्यम से इन सेवा आपके द्वार तक लाई जा रही है।
अंतिम व्यक्ति तक इसका लाभ पहुंचाने का मूल उद्देश्य है। इस मेले में सैना, जिला प्रशासन, वित्तीय संस्थान , स्वास्थ्य संस्थान व अन्य जनकल्याणकारी काम एक साथ एक जगह पर आई है। इन सभी एक मात्र उद्देश्य है , जिन्होंने देश की सेवा की है उनकी सेवा की जा सके।
इस मेला मिसाल पेश कर रहा है कि लोक कल्याण का संचालन किस तरह से किया जाना चाहिए। मेला का मूल महत्व वीर नारी व पूर्व सैनिकों के प्रति किस तरह से अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त कर रहे है।
इस तरह के आयोजन के लिए अनेक विभाग पूर्व सैनिकों व जनता के कल्याण के लिए काम कर रही है। भारतीय सेवा, देवघर जिला प्रशासन, वित्तीय संस्थान , बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट को आयोजन को सफल बनाने के लिए उन्होंने बधाई दी। आयोजन के लिए सरहाना की।
सदैव आपके साथ केवल एक कार्यक्रम नहीं
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि सदैव आपके साथ केवल एक कार्यक्रम नहीं है बल्कि सैनिक व उनके परिवार के प्रति एक विश्वास है। उन्होंने कहा कि भारत केवल एक जमीन का टुकड़ा नहीं है बल्कि यह हमारी आस्था, सांस्कृतिक और पहचान है।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने कहा था कि भारत एक जीता जागता
राष्ट्र पुरुष है और सैनिक दिन-रात देश की सेवा में लगे रहते है। उनके साहस, पराक्रम को शब्दों में नहीं कहा जा सकता है।
आपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सैनिकों ने सहास का परिचय देकर देश को गौरवान्वित होने का अवसर प्रदान किया। सैनिकों की क्षमता, पराक्रम और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता का कोई मोल नहीं ।
कहा कि किसी भी देश के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देते है लेकिन जब देश की सम्प्रभुता की आती है तो कोई समझौता नहीं करते है। सैनिक के प्रति सम्मान केवल भावना नहीं बल्कि हम सबों का राष्ट्रीय दायित्व भी है। पीएम मोदी के नेतृत्व में सैनिकों को लेकर कई कल्याणकारी योजना चलाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि सैदव आपके साथ केवल कार्यक्रम नहीं बल्कि सैनिक, वीर नारी व उनके परिवार के प्रति राष्ट्र का विश्वास है। सैनिक केवल देश की सीमा की नहीं बल्कि संप्रभुता, सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी रक्षा करती है। कहा कि सैनिकों के कल्याण की जिम्मेदारी हमारी भी है।
राज्य में मेडिकल की अच्छी सुविधा नहीं, बेहतरी के लिए मिलकर करें काम
सांसद डा. निशिकांत दुबे ने कहा कि पहली बार संताल परगना की धरती पर इस तरह का आयोजन होना बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति का कार्यक्रम में शामिल होना बड़ी जागृति लेकर आया है। उन्होंने कहा कि समाज की विकास के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार काम कर रहे है।
उन्होंने महज छह महीने में 65 किलोमीटर का रिंग रोड दिया है। कहा कि राज्य में मेडिकल की बेहतर सुविधा का अभाव है। खासकर साहेबगंज, गोड्डा, पाकुड़ृ में मेडिकल कालेज होना चाहिए। कहा कि केंद्र सरकार व राज्य सरकार मिलकर स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतरी के काम कर सकते है। उन्होंने कहा कि मेला के माध्यम से सेना के डाक्टर जनता के साथ है।
उत्साह, उमंग और देश की भावना की दिखी झलक
कार्यक्रम स्थल पर मौजूद विभिन्न स्कूलों के बच्चों में सैनिकों के साहस, उनके पराक्रम को और करीब से देखने व समझने का मौका मिला। विद्यार्थियों में बड़ी उत्सुकता था। सेना के अधिकारी , लगाएग गए विभिन्न स्टाल पर जाकर अपनी जिज्ञासा शांत कर रही थी।
सेना के अधिकारी व जवानों के साथ इस पल काे यादगार बनाने के लिए मोबाइल के कैमरे में तस्वीर कैद करना नहीं भूल रही है। उत्साह और उमंग के साथ कार्यक्रम स्थल पर सैनिक व पूर्व सैनिक के साथ अपनी तस्वीर कैद करा रही थी।
वहीं सेना के जवानों के बैंड और बजती धुन कार्यक्रम स्थल पर मौजूद तमाम लोगों के अंदर एक उर्जा का संचार कर रही थी। कोई वीडियो तो फोटो खींचने में लगे रहे।
पूरे कैंप का उपराष्ट्रपति ने किया निरीक्षण, की सराहना
कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश करने के बाद उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन , राज्यपाल, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रताप राव जाधव , झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डा. इरफान अंसारी, राज्यसभा सांसद आदित्य साहू , सांसद डा. निशिकांत दुबे, बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट के अध्यक्ष अन्नूकांत दुबे के साथ मंचासीन हुए।
राष्ट्र गीत और राष्ट्र गान के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। इसके बाद उपराष्ट्रपति सहित तमाम अतिथियों ने कार्यक्रम स्थल पर सैनिक की ओर से लगाए गए सभी शिविरों का बारी-बारी से निरीक्षण किया। इस दौरान सेना के बैंड ने धुन बजाकर उनका स्वागत किया।
मंच पर सांसद डा. निशिकांत दुबे की ओर से उपराष्ट्रपति को चांदी से बने बाबा का स्मृति चिह्न भेंट किया। शाल ओढ़ाकर सम्मान किया। इसके बाद राज्यपाल सहित तमाम अतिथियों का स्वागत प्रतिक चिह्न व शाल ओढ़ाकर किया गया।
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माननीय उपराष्ट्रपति महोदय जी का स्वागत देवभूमि देवघर में किया https://t.co/LC0Q1OOL0e
— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) October 10, 2026
