'संताल परगना में नागरिकता लेकर रच-बस गए बांग्लादेशी घुसपैठिये', RSS देवघर के विजयादशमी उत्सव में उठा मुद्दा
RSS Deoghar ने श्रीविजयादशमी उत्सव और पथ संचलन का आयोजन किया, जिसमें संघ के शताब्दी वर्ष और सामाजिक चुनौतियों पर चर्चा हुई।

देवघर में आरएसएस के विजयादशमी उत्सव को संबोधित करते विभाग प्रचारक बिगेन्द्र कुमार।(फोटो जागरण)
HighLights
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देवघर ने मनाया श्रीविजयादशमी उत्सव।
संताल परगना में धर्मांतरण, घुसपैठ पर हुई गंभीर चर्चा।
संघ को राष्ट्र की रीढ़, ईश्वर का कार्य बताया गया।
जागरण संवाददाता, देवघर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देवघर का श्रीविजयादशमी उत्सव, पथ संचलन सह संघ शताब्दी वर्ष समारोप पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संघ अपने सफर के शताब्दी वर्ष से आगे बढ़ चुका है।
हर साल हिंदू परंपरा में श्रीविजयादशमी का पावन पर्व सामूहिक शक्ति जागरण उत्सव षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। इसी निमित यह उत्सव देवघर इकाई द्वारा मनाया गया। जिसमें कार्यक्रम स्थल कल्याणपुर मैदान सत्संग नगर से पथ संचलन शुरू हुआ।
शहर के मुख्य मार्ग से होते वापस कार्यक्रम स्थल पहुंचा। श्रीविजयादशमी उत्सव कार्यक्रम में अध्यक्षीय उदबोधन श्रीबैद्यनाथधाम गौशाला देवघर के विनोद सुल्तानिया ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक भारत की रीढ़ है। पूरे देश में स्वयं सेवक हैं।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ देवघर विभाग के विभाग प्रचारक बिगेन्द्र कुमार ने विस्तार से संघ और स्वयं सेवक का विश्लेषण किया। उन्होंने संताल परगना और खासकर साहिबगंज, दुमका की विशेष रूप से चर्चा करते कहा कि यहां धर्मांतरण और मतांतरण प्रत्यक्ष दिख रहा है।
बांग्लादेशी घुसपैठिये यहां की नागरिकता प्राप्त कर रच बस गए हैं। दिल्ली की घटना का भी जिक्र किया और कहा कि यह देखने की जरूरत है कि कहीं ऐसी विचारधारा के लोग मोहल्ले में तो नहीं हैं।
सवालिया लहजे में कहा कि क्या भारत के तोड़ने वाले के वाक्यों पर चलेगा। विभाग प्रचारक ने कहा कि स्वयं सेवक विपत्तियों को वरदान मानकर आगे बढ़ते रहे इसलिए संघ की यात्रा एक सौ वर्ष से आगे बढ़ चुकी है। संघ का काम ईश्वर का कार्य है।
राष्ट्र के समक्ष जो सामाजिक चुनौतियां हैं उनके समाधान को लेकर ही स्वयं सेवक हैं। स्वतंत्रता आंदोलन में संघ की भूमिका पर सवाल करने वालों को बताया कि राजगुरू स्वयं सेवक ही थे।
कार्यक्रम में विभाग के संघ चालक डा युगल किशोर चौधरी, जिला संघ चालक गणेश बरनवाल मुख्य रूप से मंचासीन थे।
जिला कार्यवाह राजेश प्रसाद ने विगत विजयादशमी से अब तक एक साल तक चले पंच परिवर्तन, गृह संपर्क , सामाजिक सदभाव अभियान पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम नगर कार्यवाह डा. आनंद वर्धन, डा. गौरीशंकर, अरूण झा, पूर्व विधायक नारायण दास व अन्य सैकड़ों स्वयं सेवक थे।
