देवघर में भोजपुरी गायक सुनील छैला बिहारी की जमीन पर अवैध कब्जा, SDM ने पुलिस से मांगी रिपोर्ट
Sunil Chhaila Bihari: बिहार के प्रसिद्ध लोकगायक सुनील छैला बिहारी की देवघर स्थित जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने ...और पढ़ें

भोजपुरी गायक सुनील छैला बिहारी और कुंडा थाना। (फाइल फोटो)
HighLights
लोकगायक सुनील छैला बिहारी की देवघर जमीन पर कब्जा।
एसडीओ के निर्देश पर कुंडा पुलिस कर रही जांच।
गायक ने अक्टूबर 2008 में खरीदी थी यह जमीन।
जागरण संवाददाता, देवघर। बिहार के प्रसिद्ध अंगिका एवं भोजपुरी लोकगायक बिहारी छैला (सुनील कुमार) की देवघर स्थित जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है। उन्होंने इस सिलसिले में एसडीओ देवघर को आवेदन दिया है। SDM ने कुंडा थाना की पुलिस से मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है।
सुनील छैला बिहारी ने अपने अपने आवेदन में कहा है कि उनकी पत्नी के नाम से कुंडा थाना क्षेत्र के ठाढ़ीदुल्लमपुर में पांच हजार वर्ग फीट जमीन है। उन्होंने उक्त जमीन अक्टूबर 2008 में दो हिस्से में खरीदा है।
उनका आरोप है कि वह पिछले दिनों जब अपनी जमीन पर काम कराने के लिए पहुंचे तो पाया कि कोई व्यक्ति जबरन उनकी जमीन पर काम करा रहा है। उन्होंने अपने स्तर पर काम को बंद कराने का प्रयास किया। लेकिन उसने काम बंद नहीं किया। उल्टे वहां विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गयी।
उसके बाद मौके की नजाकत को देखते हुए वे वहां से उस वक्त लौट गए। उसके बाद उन्होंने देवघर एसडीओ से मिलकर मामले की कार्रवाई करने की मांग की। इसके लिए उन्होंने एसडीओ को लिखित आवेदन भी दिया है। फिलहाल एसडीओ के निर्देश के आलोक में कुंडा थाना की पुलिस के द्वारा उक्त मामले की जांच की जा रही है।
जानकारी हो कि सुनील छैला बिहारी का देवघर से गहरा लगाव रहा है। वे यहां कई बार कार्यक्रम प्रस्तुत कर चुके हैं। खासतौर पर श्रावणी मेला के दौरान लगभग हर वर्ष वे कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं। वहीं बाबा के प्रति आस्था के लिए वे जल लेकर भी कई बार बाबा के दरबार में आए हैं।
लोकगायक सुनील छैला बिहारी बिहार के खगड़िया जिले के पौरा गांव के रहने वाले हैं। उनका एक गाना-बाबा बसे झारखंड नगरिया... काफी चर्चित और प्रसिद्ध है। बाबा के प्रति भक्ति व लगाव के कारण ही उन्होंने देवघर में जमीन खरीदी थी। उनक अब उनकी जमीन का मामला विवाद में पड़ गया है।
सूत्रों के मुताबिक पिछले दिसंबर माह में भी उन्होंने कुंडा थाना में जाकर एक आवेदन दिया था। उस वक्त उसने जमीन के कागजात की मांग की गयी थी। लेकिन उस वक्त उन्होंने कोई कागजात प्रस्तुत नहीं किया था। इस कारण उस वक्त जांच ज्यादा आगे नहीं बढ़ पायी थी। अब फिर से नए सिरे से मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरा होने के बाद ही पूरा मामला स्पष्ट हो पाएगा।
