यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand News: जसीडीह में लगी भयंकर आग, डेढ़ दर्जन से अधिक दुकानें जलकर खाक; मचा हाहाकार
जसीडीह में देर रात एक भीषण आग ने डेढ़ दर्जन से अधिक दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग ...और पढ़ें

HighLights
- दमकल की टीम ने आठ टैंकर पानी खर्च कर चार घंटे में पाया आग पर काबू
- आग की तेज लपट के कारण इलाके में अफरा-तफरी का माहौल
जागरण टीम, देवघर/जसीडीह। जसीडीह थाना क्षेत्र के चकाई मोड़ पर शुक्रवार की देर रात अचानक आग लगने से डेढ़ दर्जन दुकान जलकर स्वाहा हो गए।
वहीं लाखों की संपत्ति जलकर राख हो गई। इस आग की चपेट में जसीडीह चकाई मोड से स्टेशन की ओर जाने वाली मुख्य सड़क के हटिया मोड़ तक सड़क किनारे लगभग डेढ़ दर्जन छोटी बड़ी दुकान इस आग की चपेट में आ गए।
होली के मौके पर देर रात होने के कारण सभी झोपड़पट्टी की दुकानें बंद थी। सभी दुकान के संचालक दुकान बंद कर अपने-अपने घर चले गए थे।

वहीं, दो संचालक अपने होटल के अंदर सोए हुए थे। जिन्होंने बाद में आग के बीच से निकलकर किसी तरह अपनी जान बचाई। सभी होटल और दुकान बांस और प्लास्टिक से बना हुआ था।
अचानक आग लगने के कारण आग की तेज पलट उठने लगी और उसकी चपेट में आकर सभी दुकानें जलकर राख हो गई।
आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग की लपट काफी तेज होने के कारण नहीं काबू पाया जा सका।
घटना की जानकारी अग्निशामक विभाग को मिलने पर सबसे पहले एक गाड़ी ने आकर बुझाने की कोशिश की। इसके बाद तीन गाड़ियों से आठ टैंकर पानी लाकर काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया गया।
दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने में करीब चार घंटे का समय लग गया। आग की चपेट में आकर गोपालपुर गांव निवासी सह होटल संचालक दशरथ दास का स्कूटर और ठेला, रामचन्द्रपुर गांव निवासी उज्ज्वल दूबे का रिक्शा दुकान और रिक्शा, टुनटुन मोदी का पान गुमटी जलकर राख हो गया।
इस आगलगी में दस लाख से अधिक की संपत्ति के नुकसान होने का अनुमान है। घटना की जानकारी मिलने पर जसीडीह थाना के पुलिसकर्मियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
आग लगने से बिजली का खंभा और तार क्षतिग्रस्त होने से लगभग बारह घंटे तक इलाके में बिजली आपूर्ति बाधित रहा। वहीं मुख्य मार्ग पर वाहनों का आवागमन लगभग चार घंटे तक बंद रहा।
आग कैसे लगी फिलहाल ये स्पष्ट नहीं हो पाया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इन दुकानों के बीच सूखी झाड़ियां हैं। किसी शरारती तत्व द्वारा उन झाड़ियों में आग लगा दिया और ये आग फैलकर इन दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। पुलिस व प्रशासन आग लेने के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
पदाधिकारियों ने घटनास्थल का लिया जायजा
- उपायुक्त विशाल सागर के निर्देशानुसार नगर आयुक्त रोहित सिन्हा एवं अपर समाहर्ता हीरा कुमार द्वारा आगजनी की घटना का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली गई।
- साथ ही आगजनी की घटना के पीड़ित दुकानदारों एवं व्यापारियों से बातचीत कर उन्हें आश्वस्त किया गया कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन इस कठिन के समय में सभी के साथ है।
- वहीं, उपायुक्त ने आगजनी के मामले को लेकर वरीय अधिकारियों को जांच करने का निर्देश दिया है, ताकि आगजनी के कारण का पता चल सके। साथ ही दुकानों में लगी आग से होने वाली क्षति का आंकलन करने का भी निर्देश दिया है।
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पेट्रोलिंग का मिला निर्देश
- जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं उपायुक्त ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से लगातार इलाके में पुलिस पेट्रोलिंग करने का निर्देश दिया है।
- साथ ही उपायुक्त ने हर संभव सहयोग देने और उनकी समस्याओं के शीघ्र समाधान करने की बात कही। साथ ही ये प्रयास भी रहेगा कि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।
- प्रारंभिक जांच में पाया गया कि सड़क किनारे विभिन्न तरह की अस्थाई दुकानों का संचालन व्यापारियों द्वारा किया जा रहा था। जांच दल के साथ देवघर सीओ अनिल कुमार व अन्य कर्मी मौजूद थे।

