विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

एक बार निवेश, कई सालों तक कमाई: आम की बागवानी ने बदली सुशील मुण्डा की किस्मत, कमा रहे लाखों रुपये

Published: Sun, 19 Apr 2026 05:07 PM (IST)

चतरा के पत्थलगडा में आम की बागवानी किसानों के लिए पारंपरिक खेती से अधिक लाभकारी साबित हो रही है। यह ...और पढ़ें

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

संवाद सूत्र, पत्थलगडा (चतरा)। सरकारी वेलफेयर योजनाओं के तहत बागवानी को बढ़ावा मिलने से किसानों के लिए आम की खेती लाभकारी विकल्प बनकर उभर रही है। पारंपरिक खेती की तुलना में आम की बागवानी दीर्घकालिक आय का सशक्त स्रोत साबित हो रही है।

एक बार निवेश के बाद कई वर्षों तक लगातार मुनाफा मिलना इसकी खासियत है। पत्थलगडा प्रखंड की अनुकूल जलवायु और उपजाऊ मिट्टी आम उत्पादन के लिए बेहद उपयुक्त है, जिससे कम लागत में अधिक लाभ मिल रहा है।

प्रखंड के मेराल पंचायत अंतर्गत भेलवाटांड़ गांव के प्रगतिशील किसान सुशील मुण्डा इस बदलाव की मिसाल हैं। उन्होंने करीब दस वर्ष पूर्व आम के पौधे लगाए थे, जिनसे पिछले 6-7 वर्षों से उत्पादन मिल रहा है।

वर्तमान में उनके बाग में 200 से अधिक पेड़ हैं और इस वर्ष वे एक से दो लाख रुपये की आय की उम्मीद कर रहे हैं। जहां पारंपरिक खेती में एक एकड़ से सीमित आमदनी होती है, वहीं आम की बागवानी से चार से पांच लाख रुपये तक का मुनाफा संभव है। यही वजह है कि क्षेत्र के कई किसान अब बागवानी की ओर रुख कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें- झारखंड में स्वास्थ्य सेवा में होगा सुधार, हेमंत सरकार खरीदेगी 237 नई एंबुलेंस

यह भी पढ़ें- JMM की बदलती रणनीति, असम के बाद बंगाल में भी कांग्रेस से बनाई दूरी; क्या झारखंड में बदलेगा राजनीतिक समीकरण?