'मंईयां सम्मान देकर भैया का भविष्य छीन रही सरकार', सुदेश महतो का हेमंत सोरेन पर तीखा हमला
आजसू अध्यक्ष सुदेश महतो ने झारखंड सरकार पर 'मंईयां सम्मान' देकर युवाओं का भविष्य छीनने का आरोप लगाया।

पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो। (फाइल फोटो)
HighLights
सुदेश महतो ने 'मंईयां सम्मान' पर सरकार को घेरा।
युवाओं को रोजगार नहीं, योजनाओं तक सीमित किया।
शहीदों को सम्मान दिलाने का आजसू का संकल्प।
जागरण संवाददाता, बोकारो। आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो ने कहा कि मंईयां सम्मान देकर सरकार ने भैया का भविष्य छीन लिया है।
2500 रुपये देने मात्र से महिला सशक्तीकरण नहीं हो सकता। राज्य के युवाओं को रोजगार और शिक्षा के अवसर देने के बजाय सरकार उन्हें योजनाओं तक सीमित कर रही है।
वे रविवार को अमाइनगर पंचायत के मयूरडूबी में झारखंड आंदोलनकारी लीलू, हीरू एवं पटल बाउरी के 49वें शहादत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
इस दौरान उन्होंने शहीदों की स्मारक बेदी का विधिवत भूमि पूजन किया। उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन में बाउरी समाज की अहम भूमिका रही है।
तीनों आंदोलनकारी पूरे झारखंड के गौरव हैं, लेकिन अब तक उन्हें शहीद का दर्जा नहीं मिला। शहादत से जुड़ी परिस्थितियों और गोली चलाने वालों के इतिहास को सामने लाने की जरूरत है।
आजसू परिवार शहीदों को सम्मान दिलाने के लिए संघर्ष करेगा। 50वां शहादत दिवस भव्य रूप से मनाया जाएगा और आदमकद प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी।
अबुआ राज्य बन चुका है बबुआ राज्य
सुदेश महतो ने राज्य सरकार पर युवाओं को रोजगार नहीं देने, नौकरियों में अनियमितता और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि अबुआ राज्य बबुआ राज्य बन चुका है। युवाओं में राजनीतिक चेतना और स्वाभिमान जगाना जरूरी है। गोमिया के पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो ने कहा कि झारखंड गठन के उद्देश्यों के विपरीत राज्य में भ्रष्टाचार हावी है।
उनके अनुसार, 58 हजार से अधिक आंदोलनकारियों के आवेदन सत्यापन के अभाव में लंबित हैं। मौके पर पूर्व विधायक रामचंद्र सहिस, काशीनाथ सिंह, राजेश मेहता, राजेश महतो, मिथिलेश महतो और बलराम बाउरी सहित अन्य उपस्थित थे।
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