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सेलकर्मियों के बोनस बैठक से निर्वाचित यूनियन नेता बाहर, कामगारों में निराशा

Published: Mon, 28 Sep 2026 01:22 PM (IST)

SAIL में बोनस को लेकर होने वाली बैठक में इस बार गैर-निर्वाचित यूनियन नेता कामगारों का प्रतिनिधित्व करेंगे, जिससे सम्मानजनक बोनस की उम्मीदें कम हो गई हैं।

स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड। (फाइल फोटो)

स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. गैर-निर्वाचित नेता करेंगे बोनस बैठक में कामगारों का प्रतिनिधित्व।

  2. निर्वाचित यूनियन नेता महत्वपूर्ण बोनस वार्ता से बाहर रखे गए।

  3. सम्मानजनक बोनस की कामगारों की आस इस फैसले से टूटी।

जागरण संवाददाता, बोकारो। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) कर्मियों के बोनस की बैठक में प्रतिनिधित्व गैर-निर्वाचित यूनियन नेता करेंगे, जबकि कंपनी के निर्वाचित नेताओं को बोनस की बैठक से बाहर कर दिया गया है। इससे सेल कर्मियों को इस वर्ष भी सम्मानजनक बोनस मिलने की आस अब समाप्त हो गई है।

वहीं, प्रबंधन के इस फैसले से कंपनी के निर्वाचित यूनियन प्रतिनिधियों में भी असंतोष है। सेल कामगारों के बोनस की बैठक एक अक्टूबर को नई दिल्ली में होगी।

इसमें प्रबंधन के आला अधिकारियों के साथ एनजेसीएस संगठन में शामिल इंटक, एटक, सीटू, बीएमएस व एचएमएस के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इनमें जिन नेताओं को बोनस की बैठक में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है, उनमें कोई भी नेता निर्वाचित सदस्य नहीं है।

इस पर बीएकेएस के कार्यकारी अध्यक्ष रणधीर कुमार ने सवाल उठाते हुए कहा कि देश में जनता से जुड़े प्रत्येक फोरम पर जनप्रतिनिधियों का चयन लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत किया जाता है।

सेल में कर्मचारियों के मुद्दों का प्रतिनिधित्व करने वाली एनजेसीएस कमेटी में प्रबंधन गैर-निर्वाचित नेताओं के साथ बैठक कर रहा है और कंपनी के निर्वाचित नेता बैठक से बाहर होकर सिर्फ तमाशा देख रहे हैं।

इससे साफ है कि सेल प्रबंधन अपनी कूटनीति से कर्मियों का शोषण करने पर आमादा है। कामगारों के वर्तमान वेतन पुनरीक्षण तथा बोनस फॉर्मूला में हुई धांधली इसका जीता-जागता उदाहरण है।

चुनाव नहीं होने से मामले में फंसा पेच

महारत्न कंपनी सेल के बोकारो, भिलाई, दुर्गापुर, चंद्रपुर तथा एलॉय इस्पात संयंत्र में कई दशकों से यूनियन का चुनाव नहीं हुआ है। जबकि सेल के माइंस, एसआरयू तथा सीएमओ यूनिट में मान्यता प्राप्त यूनियन को एनजेसीएस में स्थान नहीं दिया गया है।

इसका सीधा लाभ अलग-अलग संगठनों के गैर-निर्वाचित यूनियन नेता उठा रहे हैं। इसमें कंपनी प्रबंधन की भूमिका भी पूरी तरह सवालों के घेरे में है।

सेल कर्मियों के बोनस मसौदे पर एक अक्टूबर को होने वाली बैठक में इंटक की ओर से डॉ. जी. संजीवा रेड्डी व बीएन चौबे, एटक की ओर से वीएस गिरी, डी. आदिनारायण व रामाश्रय सिंह, सीटू की ओर से तपन सेन व ललित मोहन मिश्रा, एचएमएस की ओर से संजय बढ़ावकर, राजेंद्र सिंह व रक्षित सिंह तथा बीएमएस की ओर से जगदेश्वर राव व रंजय कुमार सिंह कामगारों का प्रतिनिधित्व करेंगे।

जबकि सेल में निर्वाचित यूनियन नेता के तौर पर शामिल इंटक राउरकेला इस्पात संयंत्र के प्रशांत कुमार बेहरा, इस्को बर्नपुर इस्पात संयंत्र में बीएमएस के नेता संजीत बनर्जी, सेलम इस्पात संयंत्र के नेता पी. शिवकुमार तथा भद्रावती इस्पात संयंत्र के निर्वाचित नेता अमृत को बोनस की बैठक से बाहर रखा गया है।

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