SAIL Board के एजेंडे में बीएसएल की नाकेबंदी, रोजाना 30 करोड़ के नुकसान का आकलन
SAIL Board की बैठक 27 अक्टूबर को नई दिल्ली में होगी, जिसमें कंपनी के वित्तीय परिणाम और बोकारो इस्पात संयंत्र में विस्थापितों के आंदोलन से हुए नुकसान पर चर्चा होगी।

27 अक्टूबर को होगी सेल बोर्ड की बैठक। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
सेल बोर्ड की बैठक 27 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित होगी।
बोकारो संयंत्र में विस्थापित आंदोलन से हुए वित्तीय नुकसान पर चर्चा।
नाकेबंदी में फंसे कर्मियों को मिलेगा एक दिन का विशेष अवकाश।
जागरण संवाददाता, बोकारो। स्टील अथारिटी आफ इंडिया लिमिटेड बोर्ड आफ डायरेक्टर की मीटिंग 27 अक्टूबर को नई दिल्ली में होगी। बैठक में कंपनी के उत्पादन उत्पादकता पर मंथन के साथ चालू वित्त वर्ष 2026-27 के छमाही यानी की 1 अप्रैल 30 सितंबर 2026 तक का वित्तीय परिणाम जारी किया जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता कंपनी के सीएमडी डा. अशोक कुमार पंडा करेंगे, जहां बीएसएल, दुर्गापुर, राउरकेला व भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी के अलावा सभी कार्यवाहक व स्वतंत्र निदेशक उपस्थित होंगे।
इस दौरान बोकारो इस्पात संयंत्र में विस्थापित अप्रेटिंस संघ द्वारा किये गए आंदोलन तथा संयंत्र के गेट जाम के कारण कंपनी को हुई आर्थिक क्षति पर विस्तारपूर्वक चर्चा होगी।
नाकेबंदी के कारण बीएसएल को लगभग 30 करोड़ रुपये प्रतिदिन दैनिक वित्तीय क्षति होने का अनुमान लगाया गया है, इसकी रिपोर्ट सेल मुख्यालय को सौंप दी गई है।
हालांकि सेल ने इस वित्त वर्ष के विगत छह माह में हॉट मेटल 10.20 मिलियन टन, क्रुड स्टील 9.65 मिलियन टन, सैलेबल स्टील 9.40 मिलियन टन तथा 19.53 आयरन ओर के साथ बिक्री की दर में 9.41 की उपलब्धि हासिल की है।
संयंत्र में फंसे कर्मियों को मिलेगा विशेष अवकाश
बोकारो में विस्थापित आंदोलन के दौरान 16 अक्टूबर की रात से 18 अक्टूबर की सुबह तक बीएसएल के अलग अलग विभाग में फंसे लगभग साढ़े तीन हजार कर्मचारी, अधिकारी व ठेका श्रमिकों को एक दिन का विशेष अवकाश दिया जाएगा।
चूंकि इन्होंने विषम परिस्थिति में भूखे प्यासे रहते हुए संयंत्र के उत्पादन-परिचालन आदि विभागीय कार्य के लिए पूरी निष्ठा के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन किया।
वहीं, बीएसएल के ऐसे अधिकारी, कर्मचारी व ठेका श्रमिक जो की मेन गेट सहित संयंत्र के अन्य द्वार पर विस्थापित आंदोलन के नाकेबंदी के कारण 17 अक्टूबर शनिवार को अपने कार्यस्थल पर नही पहुंच सकें, उनके इस दिन के दैनिक उपस्थिति को स्वीकृत या अस्वीकृत करने की जिम्मेवारी उनके विभागाध्यक्ष को दी गई है।
