Bokaro Steel Plant: आश्वासन के बाद विस्थापितों की भूख हड़ताल समाप्त, SAIL प्रबंधन ने ली राहत की सांस
Bokaro Latest News: बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन से सकारात्मक पहल के आश्वासन के बाद विस्थापितों ने 12 दिनों की भूख हड़ताल समाप्त कर दी।

बोकारो स्टील प्लांट के सामने धरना देते विस्तापित। (फोटो जागरण)
HighLights
बीएसएल आश्वासन पर विस्थापितों की भूख हड़ताल समाप्त हुई।
सीधी नियुक्ति, चतुर्थवर्गीय पदों के आरक्षण की मांग उठाई गई।
समस्याओं के समाधान हेतु नीतिगत निर्णय का रास्ता निकाला गया।
संवाद सहयोगी, बोकारो। बीएसएल प्रबंधन (Bokaro Steel Plant) से मांगों पर सकारात्मक पहल करने का आश्वासन मिलने के बाद बुधवार को विस्थापितों ने प्रशासनिक भवन के पास टू-टैंक गार्डेन में चल रही 12 दिनों की भूख हड़ताल समाप्त कर दी। इसके बाद सेल प्रबंधन ने राहत की सांस ली है।
सेक्टर-5 स्थित बोकारो निवास में बोकारो के उपायुक्त की अध्यक्षता में बीएसएल प्रबंधन और विस्थापित अप्रेंटिस संघ के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई। वार्ता में उपायुक्त के साथ निदेशक, परियोजना भूमि एवं पुनर्वास (डीपीएलआर), बोकारो की निदेशक पूर्णिमा कुमारी, बीएसएल के ईडी सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।
वार्ता के दौरान विस्थापितों ने अप्रेंटिस पास विस्थापित अभ्यर्थियों को सीधी नियुक्ति देने और विस्थापितों के लिए चतुर्थवर्गीय पदों को आरक्षित करने की मांग उठाई।
हालांकि, वार्ता में शामिल अधिकारियों ने इसे अपने कार्यक्षेत्र से बाहर का मामला बताते हुए तत्काल मांगें पूरी करने में असमर्थता जताई। साथ ही, उन्होंने मांगों पर सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया।
अधिकारियों ने कहा कि मांगों को पूरा करने के लिए सभी संबंधित पक्षों को जिम्मेदारी लेनी होगी। वार्ता में निर्णय लिया गया कि मांगों से संबंधित सहमति पत्र राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
बोकारो विधायक श्वेता सिंह ने कहा कि विस्थापित अप्रेंटिस पास अभ्यर्थियों को स्थायी नियुक्ति मिलनी चाहिए और चतुर्थवर्गीय पद विस्थापितों के लिए आरक्षित होने चाहिए। हालांकि, यह मामला काफी पुराना और जटिल है, इसलिए इसमें समय लगेगा। उन्होंने कहा, "रास्ता मिला है, मंजिल नहीं।" उन्होंने वार्ता को सफल बताया।
बोकारो के उपायुक्त ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना सभी का अधिकार है। बीएसएल और विस्थापितों के बीच मध्यस्थता करना उनका कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि सात दिनों के भीतर डीपीएलआर के माध्यम से राज्य सरकार को सहमति पत्र भेजा जाएगा।
इसके बाद राज्य सरकार सहमति पत्र को केंद्र सरकार और सेल के सीएमडी को भेजेगी। उन्होंने कहा कि विस्थापितों की समस्याओं का समाधान नीतिगत निर्णय के माध्यम से ही संभव है।
विस्थापित अप्रेंटिस संघ के प्रदीप सोरेन ने कहा कि वार्ता सकारात्मक रही। इसी कारण संघ ने भूख हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सात दिनों के भीतर सकारात्मक पहल करने का आश्वासन मिला है। यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो संघ फिर से आंदोलन करेगा।
मौके पर अपर समाहर्ता, चास के एसडीओ, चास के एएसपी, डीपीएलआर निदेशक, सहायक समाहर्ता, बीएसएल के ईडी (एचआर), सीजीएम (आई), एचआर, भाजपा जिला मंत्री एंजेला सिंह तथा विस्थापित सुनील महतो, चंद्रकांत महतो, अजय महतो, रघुनाथ महतो सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
