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अमेरिका की नौकरी छोड़ बोकारो आईं रजनी शर्मा, अब महिलाओं को सिखा रहीं बिजनेस के गुर

Published: Sun, 11 Oct 2026 04:11 PM (IST)Updated: Sun, 11 Oct 2026 04:16 PM (IST)

बोकारो की रजनी शर्मा ने अमेरिका से लौटकर स्वरोजगार अपनाया और खुद को सशक्त बनाया।

रजनी शर्मा। (जागरण)

रजनी शर्मा। (जागरण)

HighLights

  1. रजनी शर्मा ने अमेरिका से लौटकर बोकारो में स्वरोजगार की राह चुनी।

  2. वह स्थानीय महिलाओं को कैंडी, पापड़ बनाने व बेचने में सहायता करती हैं।

  3. रजनी ने महिला उद्यमियों के लिए 'महिला उद्यमी हाट' की शुरुआत की।

राममूर्ति प्रसाद, बोकारो। बोकारो इस्पात नगर के सेक्टर 12 के निकट लोहांचल निवासी रजनी शर्मा ने स्वरोजगार के जरिए स्वयं को सबल बनाया।

वह चास-बोकारो की महिला समूह को भी व्यवसाय के क्षेत्र में आगे बढ़ने की सीख दे रही हैं। घर में बने उत्पाद को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में सकारात्मक प्रयास कर रही हैं।

उनकी पहल से महिलाएं स्थानीय बाजार के अलावा आसपास के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अपने उत्पाद की बिक्री कर रही हैं। वह महिलाओं व युवतियों की पथ प्रदर्शक बन रही हैं।

अमेरिका से आकर बोकारो में उद्यमिता की राह चुनी

रजनी शर्मा ने कहा कि एमबीए की शिक्षा ग्रहण करने के बाद दिल्ली, हैदराबाद व अमेरिका में नौकरी की। इस दौरान स्थानांतरण के कारण बेटी की पढ़ाई प्रभावित होती थी।

इसलिए उसका दाखिला बोकारो के विद्यालय में कराया। बाद में नौकरी छोड़ कर लोहांचल कॉलोनी आ गई और यहां नवाचार व उद्यमिता के क्षेत्र का चयन किया।

आम पापड़, बेल कैंडी, आंवला कैंडी बनाने का विचार आया। आसपास की पांच युवतियां व महिलाओं को इस काम से जोड़ा। स्थानीय बाजार से आम, बेल, आंवला आदि की खरीदारी की गई।

इसके बाद युवतियां व महिलाओं के सहयोग से कैंडी व पापड़ बनाया गया। इसकी पैकिंग की गई। राजस्थान से हींग, हर्रे, आजवाइन आदि मंगाया जाता है।

उन्होंने बताया कि घर में तैयार उत्पाद की बिक्री की समस्या थी। इसलिए बोकारो, धनबाद, फुसरो, देवघर, जमशेदपुर के व्यवसायियों से संपर्क साधा। उनके सहयोग से उत्पाद की बिक्री शुरु की। दो लोगों को मार्केटिंग के काम में लगाया। उत्पाद की बिक्री से प्रत्येक माह अच्छी आमदनी होती है। मार्केटिंग व अन्य काम में लगे लोगों को भी आमदनी होती है।

महिला सशक्तीकरण की दिशा में हो रहा काम

रजनी शर्मा ने कहा कि चास-बोकारो में कई युवतियां व महिलाएं घर में हस्तनिर्मित कलाकृति एवं स्वादिष्ट खाद्य पदार्थ तैयार करती हैं।

लेकिन उनके उत्पाद बाजार तक नहीं पहुंचते थे। इसलिए उनसे विचार-विमर्श कर स्थानीय स्तर पर महिला उद्यमी हाट लगाने पर सहमति बनी। जिसका उद्देश्य महिला उद्यमियों को अपने हुनर, उत्पाद व व्यवसाय को प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच प्रदान करना है।

सिटी सेंटर सेक्टर चार में उनके साथ महिला उद्यमी नीतू देवी, सुप्रिया कंठ, सुनीता कोठारी, कल्पना देवी, सिंपी अग्रवाल, नेहा वर्णवाल, विवा तिवारी, कविता सिन्हा व प्रेरणा सिंह ने अपने उत्पाद की प्रदर्शनी लगाई।

नेहा, तनु आदि ने सजावटी व घरेलू जरूरत के सामान की प्रदर्शनी लगाई। यहां सामानों की बिक्री भी की गई। उन्होंने बताया कि बोकारो में मेला व प्रदर्शनी लगाया जाता है।

दूसरे राज्यों के उद्यमी यहां अपने उत्पाद की बिक्री करते हैं। चास-बोकारो में रहने वाली महिला उद्यमी भी बोकारो के बाजार में अपने उत्पाद की बिक्री कर सकती हैं। इसलिए हाट लगाने का विचार आया। अब नियमित रूप से महिला उद्यमी हाट लगाया जाएगा। इसके जरिए महिलाएं व युवतियां आर्थिक रूप से समृद्ध बनेंगी।

नेहा ने कहा कि यह सराहनीय पहल है। इससे उद्यमिता से जुड़ी महिलाओं को लाभ हो रहा है। नीतू देवी व सुप्रिया कंठ आदि ने भी इसकी सराहना की।

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