कोरोना में छूटी नौकरी, अब भागलपुर की स्वीटी ने खड़ा किया 20 लाख का कारोबार, 20 महिलाओं को दिया रोजगार
कोरोना काल में नौकरी छूटने के बाद स्वीटी कुमारी ने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना से सहायता लेकर सरसों तेल उत्पादन इकाई 'देसी होम' शुरू की।
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स्वीटी कुमारी। (फाइल फोटो)
HighLights
कोरोना में नौकरी गंवाने के बाद स्वीटी ने उद्यम शुरू किया।
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना से सहायता लेकर 'देसी होम' ब्रांड बनाया।
20 महिलाओं को रोजगार देकर सालाना 20 लाख का कारोबार।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। मुश्किलें कितनी भी बड़ी क्यों न हों, दृढ़ संकल्प और मेहनत से सफलता की राह बनाई जा सकती है।
विक्रमशिला कॉलोनी की स्वीटी कुमारी ने अपने संघर्ष और उद्यमशीलता से इसे सच साबित किया है। कभी निजी कंपनियों में नौकरी तो कभी स्कूल में शिक्षिका के रूप में काम करने वाली स्वीटी आज न केवल आत्मनिर्भर हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं।
कोरोना काल में स्कूल की नौकरी छूटने के बाद स्वीटी के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। इस चुनौती को उन्होंने अवसर में बदलने का फैसला किया।
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत आवेदन किया और उद्योग स्थापित करने के लिए 10 लाख रुपये की सहायता प्राप्त की। इसके बाद सरसों तेल उत्पादन की इकाई की शुरुआत की। हालांकि, उद्योग स्थापित करने के साथ कच्चे माल की आपूर्ति और उत्पादों की बिक्री जैसी चुनौतियां भी सामने आईं।
घर-घर पहुंचकर सीखा बाजार का गणित
शुरुआत में बाजार की समझ और ग्राहकों तक पहुंच बनाने का अनुभव नहीं था। ऐसे में स्वीटी खुद अपने उत्पाद लेकर घर-घर पहुंचने लगीं।
इस प्रयास से उन्हें ग्राहकों की जरूरतों को समझने और बाजार की मांग के अनुरूप कारोबार विकसित करने का अवसर मिला। धीरे-धीरे उनके उत्पादों की मांग बढ़ने लगी और उन्होंने सरसों तेल के साथ सत्तू, बेसन, कतरनी चूड़ा और चावल को भी अपने कारोबार में शामिल किया। कारोबार का विस्तार करते हुए स्वीटी ने 20 महिलाओं को रोजगार से जोड़ा।
ऑनलाइन प्लेटफार्म से देश-विदेश तक पहुंचा 'देसी होम'
चार वर्षों के भीतर स्वीटी ने अपने ब्रांड ‘देसी होम’ को ऑनलाइन बाजार में स्थापित कर दिया। इसके लिए उन्हें विभिन्न दस्तावेज तैयार कराने और संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े।

लगातार प्रयासों के बाद उनके उत्पाद ओएनडीसी माई स्टोर, अमेजन, जीईएम और एमएसएमई मार्ट जैसे आनलाइन प्लेटफार्म पर उपलब्ध हो गए। उनकी इकाई भागलपुर की पहली एमएसएमई जेड गोल्ड प्रमाणित इकाई है।
उनके उत्पादों की आपूर्ति पटना और मुजफ्फरपुर के खादी माल में भी हो रही है। इसके अलावा हैदराबाद और आंध्र प्रदेश तक ऑनलाइन माध्यम से कारोबार का विस्तार हुआ है।
स्वीटी के अनुसार, उनके उद्यम का सालाना कारोबार अब 20 लाख रुपये तक पहुंच गया है। उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए उन्होंने पीएमएफएमई योजना के तहत भी आर्थिक सहायता प्राप्त की है।
100 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य
स्वीटी अब अपने उद्यम का और विस्तार करना चाहती हैं। उनका लक्ष्य उद्योग से जोड़कर 100 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
बड़े स्तर पर उत्पादन के लिए वह बरारी स्थित बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) में नई इकाई स्थापित करने की योजना पर काम कर रही हैं। स्वीटी कुमारी ने वर्ल्ड फूड इंडिया-2025 के दौरान दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संवाद भी किया था।
उन्होंने स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के प्रधानमंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ‘वोकल फार लोकल’ और ‘मेड इन इंडिया’ की सोच बिहार के उद्यमियों के लिए नई संभावनाएं पैदा कर रही है।
उनके अनुसार, भागलपुर के सत्तू को वैश्विक मंच पर मिल रही पहचान स्थानीय उत्पादों और उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
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