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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 01, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

काट रही थीं घास, खदान धंसी और समा गईं सास-बहू

By Sachin MishraEdited By:
Published: Fri, 01 Sep 2017 10:39 AM (IST)Updated: Fri, 01 Sep 2017 11:07 AM (IST)

बोकारो में घास काट रहीं सास और बहू अचानक भूस्खलन से खदान में समा गईं।

काट रही थीं घास, खदान धंसी और समा गईं सास-बहू
काट रही थीं घास, खदान धंसी और समा गईं सास-बहू

जागरण संवाददाता, बोकारो। मवेशियों के लिए घास काट रही दो महिलाओं को काल ने अपना ग्रास बना लिया। सास-बहू गुरुवार की सुबह खदान के किनारे बैठकर घास काट रही थीं, इसी दौरान अचानक भूस्खलन से सास-बहू दोंनो खदान में समा गई।

खदान के तीन छोर की मिट्टी करीब 40 फीट गहराई में धंस गई। सास यशोदा देवी का शव तो गोताखोरों ने निकाल लिया लेकिन बहू साबो देवी का पता नहीं चल पाया। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने एनडीआरएफ की टीम बुलाने की बात कही है।

बेरमो रेलवे स्टेशन से 200 गज की दूरी पर बालूगढ़हा खुली खदान का किनारा अचानक धंसने से यह घटना हुई। घटना की सूचना मिलते ही पर बेरमो एसडीएम प्रेम रंजन कुमार, बेरमो विधायक योगश्वर महतो बाटुल सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने कहा कि लगभग दो वर्ष पूर्व यहां नथूनी सहानी की मौत इस खदान में डूबने से हुई थी।

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