विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कोयले से भी काला कोयला कंपनियों का पीएफ कार्यालयः जहां छह माह पहले पड़ा था CBI छापा, वहां फिर मिले दो घूसखोर

Published: Fri, 18 Sep 2026 11:18 PM (IST)

CBI ने झारखंड में कोयला कंपनियों के पीएफ कार्यालयों में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की है। गोविंदपुर में दो क्लर्कों ...और पढ़ें

सीसीएल की गोविंदपुर परियोजना से घूसखोर कर्मचारी को पकड़कर ले जाती सीबीआइ की टीम। (फोटो जागरण)

सीसीएल की गोविंदपुर परियोजना से घूसखोर कर्मचारी को पकड़कर ले जाती सीबीआइ की टीम। (फोटो जागरण)

HighLights

  1. गोविंदपुर में सीएमपीएफ और पेंशन भुगतान के लिए दो क्लर्क गिरफ्तार।

  2. सीबीआई ने कोयला कंपनियों के खिलाफ सेवानिवृत्ति लाभों में 8 मामले दर्ज किए।

  3. पीएफ, पेंशन, ग्रेच्युटी के लिए रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप सामने आए।

बीके पाण्डेय, बोकारो। कोयला खदानों में जिंदगी का बड़ा हिस्सा गुजारने वाले कर्मचारियों के लिए पीएफ, पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ बुढ़ापे का सहारा होते हैं। लेकिन इन अधिकारों के भुगतान की प्रक्रिया में कथित रिश्वतखोरी और फर्जीवाड़े के मामले सामने आने से व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

सीबीआई की धनबाद एसीबी से संबंधित प्राथमिकी में वर्ष 2025 और 2026 के दौरान Coal India की कंपनी-CCL, BCCL और ECL  से जुड़े आठ मामले दर्ज हैं। इनमें सेवानिवृत्त कर्मियों की फाइल आगे बढ़ाने, पीएफ-पेंशन भुगतान, ग्रेच्युटी के दस्तावेज तैयार करने और नो ड्यूज जारी करने के एवज में रिश्वत मांगने के आरोप शामिल हैं।

सबसे ताजा मामला सीसीएल कथारा एरिया की गोविंदपुर परियोजना का है। शुक्रवार को धनबाद सीबीआई की टीम ने कार्रवाई करते हुए सीएमपीएफ और पेंशन भुगतान के नाम पर 18 हजार रुपये लेते दो डीलिंग क्लर्क मेघलाल महतो और मोहम्मद इम्तियाज को गिरफ्तार किया।

शिकायतकर्ता रसूल जमा करीब सात माह पहले सेवानिवृत्त हुए थे। आरोप है कि उनका सीएमपीएफ और पेंशन भुगतान लंबित था और प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत मांगी गई। शिकायत के सत्यापन के बाद सीबीआई ने कार्रवाई की। इन मामलों में आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी शेष है।

घूसखोरी से रिकॉर्ड में हेरफेर तक की मिली शिकायत

सीबीआई की प्राथमिकी में दर्ज आठ मामलों की प्रकृति अलग-अलग है, लेकिन कई मामलों में सेवानिवृत्ति लाभ की प्रक्रिया से रिश्वत मांगने के आरोप सामने आए हैं। कुछ मामलों में पीएफ फाइल, पेंशन-ग्रेच्युटी के कागजात और नो ड्यूज के लिए राशि मांगने का आरोप है।

वहीं एक मामला ठेका प्रक्रिया में कथित हेरफेर और कंपनी को वित्तीय नुकसान से जुड़ा है। सीएमपीएफओ से जुड़े मामले में कथित फर्जी पेंशन दावों के आधार पर करोड़ों रुपये के भुगतान का उल्लेख है। हालांकि प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

केस स्टडी-1

गोविंदपुर में 18 हजार लेते दो क्लर्क गिरफ्तारः सीसीएल कथारा एरिया की गोविंदपुर परियोजना में सीबीआई ने शुक्रवार को कार्रवाई कर सीएमपीएफ डीलिंग क्लर्क मेघलाल महतो और पेंशन डीलिंग क्लर्क मोहम्मद इम्तियाज को गिरफ्तार किया।

आरोप है कि करीब सात माह पहले सेवानिवृत्त रसूल जमा के सीएमपीएफ और पेंशन भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए दोनों ने 18 हजार रुपये मांगे थे। शिकायत के बाद सीबीआई ने गोपनीय सत्यापन कराया। शुक्रवार को रुपये दिए जाने के दौरान पहले से मौजूद टीम ने दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया।

केस स्टडी-2

142 कथित फर्जी पेंशन दावे, 3.64 करोड़ का भुगतानः सीएमपीएफओ के धनबाद-तीन क्षेत्रीय कार्यालय से जुड़े मामले में मार्च से सितंबर 2016 के बीच 142 कथित फर्जी पेंशन दावों को नियमों की अनदेखी कर संसाधित करने का आरोप है।

एफआइआर के अनुसार सेक्शन ऑफिसर अचिंत्य कुमार, दीप कुमार, अजय कुमार सिन्हा और वरीय एसएसए मंजीत कुमार पर रिकॉर्ड में हेरफेर कर दावों को आगे बढ़ाने का आरोप है।

इन दावों के आधार पर 3,64,48,052 रुपये पेंशन एरियर का भुगतान हुआ। सीबीआई ने साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

केस स्टडी-3

पेंशन भुगतान के लिए 35 हजार मांगने का आरोपः पेटरवार के चापी अंबाटोला निवासी सुरेश किस्कू ने 17 फरवरी 2026 को सीबीआई में शिकायत की। उनके पिता करू मांझी सीसीएल के कैटेगरी-1 मजदूर थे और 31 अगस्त 2024 को सेवानिवृत्त हुए थे।

शिकायत में पीएफ, पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए 35 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया गया। सीबीआई एसीबी रांची ने शिकायत का गोपनीय सत्यापन किया। एफआइआर के अनुसार मांग की पुष्टि हुई। राशि अश्नापानी निवासी संशलु उर्फ टाउट द्वारा अधिकारी के नाम पर मांगने का आरोप है।

केस स्टडी-4

ठेका प्रक्रिया में हेरफेर, 29.60 लाख की क्षतिः सीसीएल ढोरी क्षेत्र में ठेका प्रक्रिया में कथित हेरफेर का मामला दर्ज है। सीसीएल के मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार की 25 जुलाई 2025 की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी हुई।

आरोप है कि जीएम यूनिट के कैटेगरी-1 कर्मी वीरेंद्र हाजाम ने बीओक्यू और तुलनात्मक विवरण में बदलाव कर ठेकेदारों की बोली प्रभावित की। एफआइआर के अनुसार बढ़ी दरों पर ठेके दिए गए और 29,60,996.86 रुपये का अतिरिक्त भुगतान हुआ। कुल बढ़ी दर का अंतर 42,48,229.07 रुपये बताया गया है।

केस स्टडी-5

पीएफ फाइल बढ़ाने के लिए सात हजार की मांगः बीसीसीएल के जगजीवन नगर टाउन एडमिनिस्ट्रेशन से सेवानिवृत्त दीपक कुमार बाल्मीकि ने 24 दिसंबर 2024 को सीबीआई में शिकायत की। आरोप लगाया कि कोयला भवन स्थित एनईई सेक्शन के क्लर्क प्रणय कुमार सरकार ने पीएफ फाइल की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए सात हजार रुपये की मांग की।

सीबीआई एसीबी धनबाद के सहायक उपनिरीक्षक दिनेश्वर पॉल ने शिकायत का गोपनीय सत्यापन किया। एफआइआर के अनुसार रिश्वत मांगने की पुष्टि के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा सात में प्राथमिकी दर्ज की गई।

केस स्टडी-6

पीएफ, ग्रेच्युटी-पेंशन के कागजात के लिए 15 हजारः ईसीएल के मुगमा क्षेत्र की खुदिया कोलियरी में कार्यरत इलेक्ट्रिशियन उमेश प्रसाद सिंह ने 17 मार्च 2025 को सीबीआई में शिकायत की। आरोप है कि खुदिया कोलियरी कार्यालय के क्लर्क अरविंद राय ने सेवानिवृत्ति लाभ से जुड़े दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी करने के लिए 15 हजार रुपये की मांग की।

इसमें पीएफ, ग्रेच्युटी और पेंशन के कागजात शामिल थे। सीबीआई अधिकारी ने 18 मार्च को शिकायत का सत्यापन किया। एफआइआर के अनुसार मांग की पुष्टि होने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा सात के तहत मामला दर्ज किया गया।

केस स्टडी-7

पिता की पेंशन-ग्रेच्युटी के लिए 25 हजारः बलियापुर के गोलमारा निवासी अरविंद कुमार सिंह ने चार जून 2025 को सीबीआई धनबाद में शिकायत की। आरोप है कि बीसीसीएल बस्ताकोला क्षेत्र-नौ की कोलियरी के क्लर्क धीरज निषाद ने उनके पिता शिव कुमार सिंह के सेवानिवृत्ति लाभ संबंधी दस्तावेज आगे बढ़ाने के लिए 25 हजार रुपये मांगे।

शिव कुमार सिंह लाइन मिस्त्री पद से सेवानिवृत्त हुए थे। शिकायत में पीएफ, ग्रेच्युटी और पेंशन से जुड़े दस्तावेजों का उल्लेख है। गोपनीय सत्यापन में मांग की पुष्टि के बाद धारा सात के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई।

केस स्टडी-8

नो ड्यूज के लिए 20 हजार मांगने का आरोपः बीसीसीएल लोदना क्षेत्र की साउथ तिसरा कोलियरी से सेवानिवृत्त डंपर ऑपरेटर जगदीश साव ने 19 अगस्त 2025 को सीबीआई में शिकायत की।

यह भी पढ़ें- CCL में रिश्वतखोरी पर CBI का बड़ा एक्शन, 18 हजार लेते दो क्लर्क रंगेहाथ गिरफ्तार

आरोप है कि कोलियरी के क्लर्क राज कुमार सिंह और इंजन ऑपरेटर रामाश्रय गरेरिया ने नो ड्यूज जारी करने के लिए 20 हजार रुपये मांगे। नो ड्यूज के बाद ग्रेच्युटी, बोनस और लीव इनकैशमेंट समेत अन्य लाभ मिलने थे। सीबीआई के गोपनीय सत्यापन में मांग की पुष्टि का उल्लेख एफआइआर में है। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा सात में मामला दर्ज किया गया।

यह भी पढ़ें- आय से अधिक संपत्ति मामले में CISF DIG शिप्रा पर CBI का शिकंजा, मुख्यालय भी कर रहा जांच