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बोकारो में बिजली दरों में बढ़ोतरी, उपभोक्ताओं को झटका; 1 अक्टूबर से नई दरें लागू

Published: Mon, 28 Sep 2026 06:19 AM (IST)

Bokaro Steel City: नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बोकारो स्टील प्लांट से संबंधित बिजली टैरिफ को मंजूरी ...और पढ़ें

BSL ने बोकारो में बढ़ाई बिजली दर। (प्रतीकात्मक फोटो)

BSL ने बोकारो में बढ़ाई बिजली दर। (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. नियामक आयोग ने 2026-27 के लिए नया बिजली टैरिफ स्वीकृत किया।

  2. घरेलू, व्यावसायिक उपभोक्ताओं के फिक्स्ड चार्ज और ऊर्जा शुल्क बढ़े।

  3. सिंचाई टैरिफ अपरिवर्तित, नई दरें 1 अक्टूबर से होंगी लागू।

जागरण संवाददाता, बोकारो। SAIL झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बोकारो स्टील प्लांट से संबंधित बिजली टैरिफ को मंजूरी दे दी है। आयोग की ओर से स्वीकृत नए टैरिफ में अधिकांश श्रेणियों के फिक्स्ड चार्ज के साथ ऊर्जा शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है।

इसका असर बिजली उपभोक्ताओं के मासिक बिल पर पड़ेगा। हालांकि, सिंचाई एवं कृषि सेवा श्रेणी के टैरिफ में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

आयोग की स्वीकृत टैरिफ तालिका के अनुसार घरेलू सेवा (डीएस-एलटी) के लिए वर्तमान फिक्स्ड चार्ज 80 रुपये प्रति कनेक्शन प्रतिमाह है, जिसे बढ़ाकर 90 रुपये कर दिया गया है। वहीं ऊर्जा शुल्क 3.30 रुपये प्रति किलोवाट घंटा से बढ़कर 3.75 रुपये प्रति किलोवाट घंटा हो गया है।

यानी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए फिक्स्ड चार्ज में 10 रुपये तथा ऊर्जा शुल्क में 45 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हुई है। नई दर एक अक्टूबर से लागू होगी।

व्यावसायिक उपभोक्ताओं का भी बढ़ेगा खर्च

व्यावसायिक सेवा श्रेणी में फिक्स्ड चार्ज 125 रुपये से बढ़ाकर 140 रुपये प्रति किलोवाट प्रतिमाह किया गया है। ऊर्जा शुल्क भी 5.70 रुपये प्रति किलोवाट घंटा से बढ़कर 6.40 रुपये हो गया है।

इस तरह व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा शुल्क में 70 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि हुई है। एचटी/एलटी स्ट्रीट लाइट श्रेणी में फिक्स्ड चार्ज 50 से बढ़कर 60 रुपये तथा ऊर्जा शुल्क 4.50 से बढ़कर 5 रुपये प्रति किलोवाट घंटा कर दिया गया है।

एचटी श्रेणी में भी टैरिफ में बढ़ोतरी की गई है। घरेलू सेवा-एचटी में फिक्स्ड चार्ज 75 रुपये प्रति केवीए प्रतिमाह से बढ़ाकर 85 रुपये किया गया है। ऊर्जा शुल्क 2.85 रुपये प्रति केवीए घंटा से बढ़कर 3.20 रुपये हो गया है।

वहीं लो टेंशन औद्योगिक सेवा (एलटीआइएस) में फिक्स्ड चार्ज 150 से बढ़कर 165 रुपये प्रति किलोवाट प्रतिमाह तथा ऊर्जा शुल्क 4.60 से बढ़कर 5.10 रुपये प्रति किलोवाट घंटा किया गया है।

एचटीएस-11 केवी में 70 पैसे की वृद्धि

एचटीएस-11 केवी श्रेणी में फिक्स्ड चार्ज 300 रुपये प्रति केवीए प्रतिमाह से बढ़कर 340 रुपये हो गया है। ऊर्जा शुल्क भी 5.05 रुपये प्रति केवीए घंटा से बढ़ाकर 5.75 रुपये किया गया है।

आरटीएस, एमईएस एवं अन्य वितरण लाइसेंसी श्रेणी में भी यही संशोधित दर लागू होगी। इस श्रेणी में फिक्स्ड चार्ज 300 से बढ़कर 340 रुपये तथा ऊर्जा शुल्क 5.05 से बढ़कर 5.75 रुपये प्रति केवीए घंटा हो गया है।

दूसरी ओर, सिंचाई एवं कृषि सेवा के लिए टैरिफ में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। इस श्रेणी में फिक्स्ड चार्ज 40 रुपये प्रति एचपी प्रतिमाह और ऊर्जा शुल्क 4.50 रुपये प्रति एचपी ही रखा गया है।

आयोग की मंजूरी के बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 में लागू होने वाली इन दरों से अलग-अलग श्रेणी के उपभोक्ताओंके बिजली खर्च में वृद्धि होगी।

खासकर औद्योगिक और उच्च क्षमता वाले उपभोक्ताओं के लिए फिक्स्ड तथा ऊर्जा दोनों शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। इससे बिजली खपत अधिक होने वाले उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ना तय है।

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