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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jammu Kashmir Election: माता वैष्णो देवी क्षेत्र में दिलचस्प होगा चुनावी मुकाबला, आखिर क्यों है यह सीट इतनी खास?

Published: Tue, 20 Aug 2024 10:58 PM (IST)

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परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई है वैष्णो देवी विधानसभा सीट
परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई है वैष्णो देवी विधानसभा सीट

HighLights

  1. रियासी विधानसभा में आता था वैष्णो देवी क्षेत्र
  2. 16 सालों से भाजपा का ही वर्चस्व बना हुआ है
  3. ताराकोट केबल कार बनेगा चुनावी मुद्दा

राकेश शर्मा, कटड़ा। परिसीमन के बाद वर्ष 2022 में अस्तित्व में आई श्री माता वैष्णो देवी विधानसभा में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलेगा।

इस क्षेत्र से राजनीतिक पार्टियों के उम्मीदवार जीत के लिए पूरा जोर लगाएंगे। क्योंकि जिस पार्टी का उम्मीदवार भी जीत प्राप्त करेगा उसका मानो इतिहास लिखा जाएगा वह इस विधानसभा क्षेत्र का पहला विधायक चुना गया है।

पहले रियासी में आता था यह क्षेत्र

हालांकि, इस विधानसभा क्षेत्र की अगर हम बात करें तो सीधा मुकाबले भारतीय जनता पार्टी तथा कांग्रेस के मध्य होगा। हालांकि नेशनल कॉन्फ्रेंस भी अपना प्रभाव छोड़ सकती है। क्योंकि बीते विधानसभा चुनावों कि अगर हम बात करें तो यह पूरा क्षेत्र रियासी विधानसभा में हुआ करता था। बीते 16 सालों से भाजपा का ही वर्चस्व बना हुआ है।

साल 2014 में भाजपा के उम्मीदवार बने थे विजयी

क्योंकि वर्ष 2008 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हराकर भारतीय जनता पार्टी ने जीत प्राप्त की थी और उसके उपरांत लगातार दूसरी बार वर्ष 2014 में भी भारतीय जनता पार्टी का उम्मीदवार विजयी हुआ था और अब हैट्रिक बनाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी।

इस विधानसभा क्षेत्र को लेकर भारतीय जनता पार्टी के हक में कुछ बातें हैं जो जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जिनमे पहले इस विधानसभा क्षेत्र को अस्तित्व में लाने को लेकर अधिकांश श्रेय भारतीय जनता पार्टी को जाता है जिसने वर्ष 2016 से इस इसे विधानसभा क्षेत्र बनाने को लेकर अच्छी खासी मेहनत की थी और आखिरकार मेहनत रंग लाई।

दूसरा कटड़ा में बनने वाले विश्व स्तरीय आईएमएस यानी कि इंटर मॉडल स्टेशन, तीसरे दिल्ली -अमृतसर -कटड़ा सिक्स लेन करिडोर और चौथा केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत प्रसाद परियोजना जिसके तहत करोड़ों रुपए की लागत से कटड़ा का समग्र विकास होगा जिसको लेकर मतदाता अच्छी तरह जानते हैं।

परंतु दूसरी और भारतीय जनता पार्टी के विरोध में भी कुछ बातें हैं जिनमें मां वैष्णो देवी के पूर्व बारिदरों के हक की मांग जिसे अभी तक पूरा नहीं किया गया है।

रोपवे केवल परियोजना से हैं लोग खफा

वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उधमपुर में आयोजित रैली में बारिदरों को हक दिलवाने का वायदा किया था जो अभी तक पूरा नहीं हुआ है।

दूसरा श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा मां वैष्णो देवी के नए ताराकोट मार्ग पर बनाए जा रहे रोपवे केवल कार परियोजना जिसको लेकर अगर हम कटड़ा ब्लॉक की अगर हम बात करें तो अधिकांश मतदाता इस योजना को लेकर खफा है और उन्हें यह चिंता स्थाई जा रही है कि उनका सारा व्यापार इस परियोजना को लेकर बुरी तरह से प्रभावित होगा।

केबल कार परियोजना बनेगी मुद्दा

वहीं, कांग्रेस व अन्य पार्टियों की अगर हम बात करें तो इनमें सबसे ज्यादा फायदा कांग्रेस को दिख रहा है क्योंकि कांग्रेस लोकसभा चुनाव में बारिदरों के मुद्दे के साथ ही केबल कार परियोजना का मुद्दा जोर-जोर से लोगों के बीच रखेगी और मतदाताओं को अपने और आकर्षित करेगी।

हल्की भाजपा पहले ही घोषणा कर चुकी है कि वह अपने दम पर अकेले चुनाव लड़ेगी परंतु जिस तरह से समाचार प्राप्त हो रहे हैं कि कांग्रेस नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ गठबंधन कर सकती है अगर ऐसा होता है तो माना जा सकता है कि श्री माता वैष्णो देवी विधानसभा क्षेत्र में नेशनल कॉन्फ्रेंस अपना उम्मीदवार न उतरकर कांग्रेस को समर्थन दे सकती है।

भाजपा के लिए आसान होगी राह?

इसे लेकर भाजपा के लिए मुकाबला कठिन हो सकता है परंतु वर्तमान में फिलहाल परिस्थितियों भाजपा के हक में बनी हुई है फिलहाल देखना दिलचस्प होगा आगामी कुछ दिनों में राजनीतिक तस्वीर किस तरह से बनती है। जिस पर सभी नजरे लगाए बैठे हैं।

वही इस विधानसभा क्षेत्र अगर हम बात करते तो भाजपा की और से फिलहाल टिकट की दावेदारी में पूर्व विधायक शर्मा तथा जिला अध्यक्ष रोहित दुबे सबसे आगे चल रहे हैं जिसका फैसला आने वाले कुछ दिनों में हो जाएगा की पार्टी किसको टिकट देती है। वही विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों पूरी तरह से सक्रिय हो गई है और बैठकों का दौर शुरू हो गया है।

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