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'और भी गम हैं जमाने में...', दिल्ली में CJP के प्रदर्शन से क्यों दूर रहे सोनम वांगचुक? फैज के शेर का किया जिक्र

Published: Sat, 10 Oct 2026 07:01 PM (GMT+05:30)Updated: Sat, 10 Oct 2026 08:05 PM (GMT+05:30)

पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने दिल्ली में हुए प्रदर्शन से अपनी अनुपस्थिति का कारण स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि वे लद्दाख ...और पढ़ें

दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन से दूर रहे सोनम वांगचुक।

दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन से दूर रहे सोनम वांगचुक।

HighLights

  1. सोनम वांगचुक दिल्ली के प्रदर्शन से रहे अनुपस्थित।

  2. लद्दाख में प्राकृतिक आपदाओं, जलवायु परिवर्तन पर केंद्रित।

  3. आर्टिफिशियल ग्लेशियर, झील बाढ़ रोकने के प्रयास।

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजीपी) ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन के लिए आह्वान किया था। इस प्रदर्शन में देशभर के हजारों लोग जंतर मंतर पर शामिल हुए। लेकिन एक बड़ा चेहरा इस प्रदर्शन से दूर रहे। पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 10 अक्तूबर के प्रदर्शन से दूरी बनाई रखी।

कई लोगों ने पूछा कि सोनम वांगचुक ने प्रदर्शन में क्यों शामिल नहीं हुए? उन्होंने वीडियो जारी कर साफ किया है कि वे प्रदर्शन में क्यों शामिल नहीं हुए। सोनम वांगचुक ने फैज अहमद फैज के एक शेर में थोड़ा बदलाव कर अपनी बात शुरू की।

और भी गम हैं जमाने में सियासत के सिवा
राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा
मुझसे पहली सी मोहब्बत मेरे महबूब न मांग

सोनम वांगचुक ने कहा कि चूल्हे में आग जलाने के लिए माचिस की जरूरत पड़ती है और जब चूल्हा जलने लगता है तो खाना पकने लगता है। आपलोग दिल्ली में राजनीतिक समस्याओं से भिड़ रहे हैं और हम यहां प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे हैं।

'खतरे सियासी नहीं, प्राकृतिक भी है'

उन्होंने कहा कि लद्दाख में सर्दियां आने को हैं। हम आर्टिफिशियल ग्लेशियर पर एक्सपेरिमेंट कर रहे हैं। ग्लेशियर लेक फ्लड के खतरों को बचाने के लिए एक्सीपेरिमेंट है। आपलोग देश में मंडरा रहे सियासी खतरों को टालने में जुटे हुए हैं। लेकिन मैं कहता हूं कि खतरे सिर्फ सियासी नहीं, बल्कि प्राकृतिक भी हैं।

साथ ही वे अपने गांव की भी तस्वीर दिखाई। कहा कि यहां पहले झील बहता था, लेकिन एक दिन अचानक बाढ़ आने से सबकुछ बर्बाद हो गया। रोड पत्थरों के ढेर में तब्दील हो गया। 200 से अधिक ऐसे लेक बम की तरह फटने को तैयार हैं, हम उसे पहले ही डिफ्यूज करने की तैयारी कर रहे हैं। हमने पहले भी कई लेक पर काम करते आए हैं। इन खतरों को भी टालने के लिए देश को उतनी ही जरूरत है, जैसे सियासी खतरों से आप जूझ रहे हैं।

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'हम बापू को निराश नहीं करेंगे'

मैं आपसभी को अपनी शुभकामनाएं भेजता हूं और विभिन्न समूहों के नेताओं से एकजुट रहने और दूरदर्शिता दिखाने का आग्रह करता हूं, साथ ही मैं सभी मित्रों से एक बार फिर हर कीमत पर पूर्ण शांति बनाए रखने का आग्रह करता हूं। यह बापू का उपहार था, जिसे मैंने जून में जंतर-मंतर पर लाने की कोशिश की थी। मुझे उम्मीद है कि हम बापू को निराश नहीं करेंगे।

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बता दें कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कई नेताओं को हिरासत में लिया गया है। राजधानी की हर सीमा पर दिल्ली पुलिस का कड़ा पहरा है। दिल्ली आने व दिल्ली से जाने वाली 150 से ज्यादा ट्रेनें रद करने के साथ ही दिल्ली मेट्रो के 45 मेट्रो स्टेशन भी बंद कर दिए गए हैं। इसके साथ तमाम रास्तों और दिल्ली की सीमाओं पर कड़ी पहरेदारी है।

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