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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में दशहरा की तैयारी जोरो शोरों पर, कल होगी बुराई पर अच्छाई की जीत

By Jagran NewsEdited By: Shoyeb Ahmed
Published: Mon, 23 Oct 2023 08:26 PM (GMT+05:30)

Dussehra Preparation In Srinagar बुराई पर अच्छाई की जीत के लिए श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में दशहरे को लेकर ...और पढ़ें

श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में दशहरा की तैयारी जोरो शोरों से जारी
श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में दशहरा की तैयारी जोरो शोरों से जारी

HighLights

  1. 2007 से यहां कश्मीरी पंडित मना रहे दशहरा
  2. एक पुतला 40 फीट ऊंचा है और अन्य दो पुतले 30 फीट ऊंचे होंगे

पीटीआई, श्रीनगर। Dussehra Preparation Sri Nagar बुराई पर अच्छाई की जीत के लिए शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में 'रावण दहन' के लिए आग लगाने से एक दिन पहले रावण के पुतले (Ravana Effigy For Dussehra) घाटी में पहुंच गए हैं।

यहां सोमवार को दशहरा उत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। दशहरा उत्सव के आयोजकों में से एक संजय टिक्कू ने बताया कि हम कल यानी मंगलवार को होने वाले दशहरा की तैयारी कर रहे हैं। आज सुबह जम्मू से दहन के लिए रावण के पुतले आ गए हैं। हम उन्हें जोड़ने का काम कर रहे हैं।

2007 से कश्मीरी पंडित मना रहे दशहरा

आयोजक ने बताया कि इस साल एक पुतला 40 फीट ऊंचा है और अन्य दो पुतले 30 फीट ऊंचे होगा। कल सूर्यास्त के बाद सभी पुतलों में आग लगा दी जाएगी। टिक्कू ने आगे कहा कि घाटी में बढ़ते आतंकवाद के कारण दशहरे का त्योहार काफी सालों तक नहीं मनाया गया लेकिन 2007 से कश्मीरी पंडित समुदाय दशहरा उत्सव यहां मना रहा है।

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सभी धर्मों के लोग होते हैं दशहरा समारोह में शामिल

यहां सभी धर्म हिंदू, सिख और मुस्लिम समुदाय के लोग रावण दहन को देखने के लिए आते हैं। इनमें अधिकांश लोग मुस्लिम समुदाय से होते हैं। त्योहार अच्छे तरीके से मनाया जाता है। कई मूर्तियाँ मुसलमानों द्वारा बनाई जाती हैं, जो जम्मू से हम तक पहुँचती हैं।

वहीं दशहरा की तैयारियों में जुटे उत्तर प्रदेश के निवासी करण वीर सिंह ने कहा कि रावण दहन की सामग्री मेरठ से खरीदी गई थी और इसे जम्मू में बनाया गया था। इस सामग्री के जरिए रावण के पुतलो मंगलवार को तैयार कर लिए जाएंगे।

वास्तविकता में जम्मू-कश्मीर में चाहिए बुराई पर अच्छाई की जीत

इनके अलावा एक स्थानीय पंडित नन्ना जी ने बताया कि हमारा समुदाय "वास्तविक में जम्मू-कश्मीर में" बुराई पर अच्छाई की जीत चाहता है। उन्होंने आगे कहा कि लोग यहां इकट्ठा होंगे और जम्मू से भी कई लोग रावण दहन के लिए यहां आएंगे व रावण के पुतलों में आग लगायी जायेगी। उन्होंने कहा कि हम कश्मीर में भी बुराई पर अच्छाई की जीत चाहते हैं और प्रार्थना करते हैं कि दोबारा से शांति स्थापित हो।

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