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'राज्य का दर्जा मांगना राष्ट्र-विरोधी नहीं', स्टेटहुड पर हंगामे के बाद उमर का पलटवार, BJP को दिया सीधा चैलेंज

By Naveen NawazEdited By: Dallu Slathia
Published: Fri, 25 Sep 2026 12:50 PM (IST)

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग राष्ट्र-विरोधी नहीं है। उन्होंने भाजपा ...और पढ़ें

विधानसभा में हुए हंगामे के बाद पत्रकारों से बातचीत करते मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला।

 विधानसभा में हुए हंगामे के बाद पत्रकारों से बातचीत करते मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला।

HighLights

  1. उमर अब्दुल्ला ने राज्य का दर्जा बहाली को राष्ट्र-विरोधी नहीं बताया।

  2. भाजपा को प्रस्ताव में राष्ट्र-विरोधी शब्द दिखाने की चुनौती दी।

  3. मुख्यमंत्री ने भाजपा पर सदन में नाटक करने का आरोप लगाया।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के राज्य के दर्जे की बहाली की मांग करना कोई राष्ट्र-विरोधी कृत्य नहीं है। राज्य के दर्जे की बहाली से संबंधित प्रस्ताव को लेकर विधानसभा में हुए हंगामे के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने भाजपा को चुनौती दी कि वह प्रस्ताव में इस्तेमाल किए गए किसी एक भी राष्ट्र-विरोधी शब्द की ओर इशारा करे।

उमर ने कहा, 'मुझे प्रस्ताव में इस्तेमाल किया गया एक भी राष्ट्र-विरोधी शब्द दिखाइए। 'उन्होंने कहा कि पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग वाला यह प्रस्ताव सदन द्वारा पहले ही पारित किए जा चुके स्वायत्तता संबंधी प्रस्ताव से अलग है।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, 'अगर भाजपा पहले से पारित प्रस्तावों को कमजोर करना चाहती है, तो वह अपना प्रस्ताव लेकर आए।'

भाजपा पर नाटक करने का आरोप 

सदन के भीतर भाजपा पर नाटक करने का आरोप लगाते हुए उमर ने कहा कि पार्टी नहीं चाहती कि लोग वास्तविकता देखें। उन्होंने कहा, 'नेता प्रतिपक्ष और भाजपा केवल राज्य के दर्जे के विरोध में हैं। जम्मू-कश्मीर के लोगों ने आज देखा कि भाजपा के ये 29 विधायक राज्य के दर्जे के खिलाफ हैं।'

उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव का उद्देश्य केवल केंद्र सरकार से पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का आग्रह करना था और भाजपा को इस पर चर्चा की अनुमति देनी चाहिए थी।

मुख्यमंत्री ने कहा, 'आज भाजपा बेनकाब हो गई। बेहतर होता कि इस पर चर्चा होने दी जाती।' 

प्रस्ताव पर कांग्रेस पार्टी के रुख के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें कुछ भी असंवैधानिक नहीं है। उन्होंने कहा, 'इसमें कुछ भी गलत नहीं है। यह पहले पारित किए जा चुके प्रस्तावों के अतिरिक्त है। यह अलग है और इसमें कुछ भी असंवैधानिक नहीं है।'

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