महिला अफसर से बदसलूकी पर भड़कीं महबूबा मुफ्ती, सख्त कार्रवाई की मांग; उमर से केंद्र के सामने मामला उठाने को कहा
जम्मू-कश्मीर में एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी द्वारा महिला जेकेएएस अधिकारी से कथित बदसलूकी का मामला गरमा गया है। पीडीपी अध्यक्ष ...और पढ़ें

महिला अधिकारी से कथित बदसलूकी पर महबूबा ने मांगी कार्रवाई। (फाइल फोटो)
HighLights
आईएएस अधिकारी द्वारा महिला जेकेएएस अधिकारी से बदसलूकी का मामला।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान हुई घटना का वीडियो वायरल।
महबूबा मुफ्ती ने सख्त कार्रवाई और जांच की मांग की।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और महिला जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा (जेकेएएस) अधिकारी के बीच कथित बदसलूकी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सरकारी समीक्षा बैठक के दौरान हुई तीखी बहस का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद अब पीडीपी अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से कहा है कि वह तुरंत केंद्र सरकार के समक्ष मामला उठाएं और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करें।
क्या है मामला?
मामला एक आधिकारिक समीक्षा बैठक के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बातचीत से जुड़ा है। इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो क्लिप में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को महिला जेकेएएस अधिकारी के साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते और उन्हें निलंबित करने तथा नौकरी से बर्खास्त करने की धमकी देते हुए देखा-सुना जा सकता है।
वीडियो सामने आने के बाद सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों के व्यवहार, महिला कर्मचारियों के सम्मान और कार्यस्थल पर पेशेवर मर्यादा बनाए रखने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, मामले में आरोपों की स्वतंत्र जांच और तथ्यों की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
महबूबा मुफ्ती ने उमर अब्दुल्ला से क्या कहा?
महबूबा मुफ्ती ने इंटरनेट मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस तरह का अनियंत्रित और अपमानजनक व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री को तुरंत भारत सरकार के साथ यह मामला उठाकर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करनी चाहिए।
महबूबा ने यह भी उल्लेख किया कि संबंधित अधिकारी पर पहले से ही अवैध बंदूक लाइसेंस जारी करने के आरोप लगने की बात सामने आई है। यह आरोप भी अपने आप में जांच का विषय है और इसकी पुष्टि सक्षम प्राधिकारी द्वारा की जानी चाहिए।
इस विवाद ने सरकारी संस्थानों में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर बहस तेज कर दी है। किसी भी अधिकारी से अपेक्षा की जाती है कि वह आधिकारिक बैठकों में गरिमा बनाए रखे और सहकर्मियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करे।
वायरल वीडियो की जांच पर टिकी नजरें
अब मांग उठ रही है कि वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो लागू नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर प्रशासन और सरकार की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण रहेगी।
