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पुलवामा FSTP विवाद पर हाईकोर्ट सख्त, DC समेत 3 अधिकारियों के खिलाफ वारंट जारी; आदेश की अवहेलना पर लिया एक्शन  

Published: Wed, 23 Sep 2026 02:19 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने पुलवामा के नीवा गांव में एफएसटीपी और कचरा डंपिंग मामले में पूर्व आदेश का पालन न करने ...और पढ़ें

पुलवामा DC समेत 3 अधिकारियों को भरने होंगे 10-10 हजार के जमानती वारंट। (फाइल फोटो)

पुलवामा DC समेत 3 अधिकारियों को भरने होंगे 10-10 हजार के जमानती वारंट (फाइल फोटो)

HighLights

  1. हाईकोर्ट ने पुलवामा एफएसटीपी मामले में सख्त रुख अपनाया।

  2. डीसी पुलवामा समेत तीन अधिकारियों के खिलाफ वारंट जारी।

  3. पूर्व आदेश का पालन न करने पर अदालत ने कार्रवाई की।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने पुलवामा के नीवा गांव में प्रस्तावित फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FST) और कथित अवैध कचरा डंपिंग के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए पूर्व आदेश का पालन नहीं करने पर पुलवामा के डिप्टी कमिश्नर समेत तीन अधिकारियों के खिलाफ 10-10 हजार रुपये के जमानती वारंट जारी किए हैं।

यह मामला शेख गुलाम रसूल की ओर से दायर जनहित याचिका से जुड़ा है। याचिका में नीवा गांव में एफएसटीपी के निर्माण, स्थापना और संचालन के साथ कथित कचरा डंपिंग साइट को रोकने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि इन गतिविधियों से पर्यावरणीय नियमों और लागू कानूनों का उल्लंघन हो रहा है।

याचिका में नीवा में कथित तौर पर डंप की गई सामग्री को तत्काल वहां से हटाकर नजदीकी कानूनी रूप से स्थापित रीसाइक्लिंग सुविधा में भेजने की मांग भी की गई है। इसके अलावा, कथित पर्यावरणीय परेशानी और नुकसान के लिए गांव के निवासियों को मुआवजा देने की मांग की गई है।

आदेश का पालन नहीं होने पर हाईकोर्ट सख्त

चीफ जस्टिस डॉ. जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस राजनेश ओसवाल की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान पाया कि 4 अगस्त के आदेश का पालन नहीं किया गया। अदालत ने उस समय डिप्टी कमिश्नर पुलवामा, नगर परिषद पुलवामा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और जेके प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव को अलग-अलग हलफनामे दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का अंतिम अवसर दिया था।

साथ ही निर्देश दिया गया था कि आदेश का पालन नहीं होने पर संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश हों। लेकिन अदालत के अनुसार न तो हलफनामे दाखिल किए गए और न ही अधिकारी व्यक्तिगत रूप से पेश हुए।

10-10 हजार रुपये के जमानती वारंट जारी 

अदालत ने इसे अपने 4 अगस्त के आदेश की पूर्ण अवहेलना माना और अधिकारियों की अदालत में उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए 10-10 हजार रुपये के जमानती वारंट जारी करने का निर्देश दिया। इन वारंटों को संबंधित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के माध्यम से तामील कराने का आदेश दिया गया है।

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