'भारत 'बनाना रिपब्लिक' जैसा न बन जाए...', वोटर लिस्ट पर महबूबा का बड़ा बयान; इमरान खान की बहनों का भी किया जिक्र
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मतदाता सूचियों में कथित बदलावों पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने चेतावनी दी ...और पढ़ें

वोटर लिस्ट विवाद पर महबूबा मुफ्ती का बड़ा बयान। (फाइल फोटो)
HighLights
महबूबा मुफ्ती ने मतदाता सूचियों में बदलावों पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
भारत के 'बनाना रिपब्लिक' बनने की आशंका जताई, लोकतंत्र पर सवाल।
चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को लोकतंत्र की एकमात्र उम्मीद बताया।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को मतदाता सूचियों में कथित बदलावों को लेकर केंद्र सरकार और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि चुनावी मतदाता सूचियों में सत्तारूढ़ बीजेपी की इच्छा के अनुसार लगातार बदलाव होते रहे तो एक समय ऐसा आ सकता है जब भारत 'बनाना रिपब्लिक' जैसा नजर आने लगे और लोकतंत्र के लिए गंभीर स्थिति पैदा हो जाए।
महबूबा मुफ्ती ने चुनावी प्रक्रिया की निगरानी करने वाले अधिकारियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि चुनाव आयुक्तों की ओर से फैसलों पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी है। उन्होंने हाल में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से मतदाता सूची के प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर कथित आपत्तियों का जिक्र किया।
मतदाता सूची पर मुफ्ती ने उठाए सवाल
मुफ्ती के मुताबिक, मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने से जुड़े मामलों पर उठाई गई आपत्तियां चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल सामने लाती हैं। उन्होंने इन कथित आपत्तियों को लोकतंत्र के लिए एकमात्र उम्मीद की किरण बताया और कहा कि चुनाव आयोग के भीतर मौजूद अधिकारियों का फैसलों पर सवाल उठाना संस्थागत संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि भारत खुद को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बताता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भारत को ''लोकतंत्र की जननी'' कहते हैं। ऐसे में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों की विश्वसनीयता बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
लोकतांत्रिक संस्थाओं पर प्रभावित हो सकता है भरोसा
महबूबा ने कहा कि अगर मतदाता सूचियों में बदलाव लगातार राजनीतिक इच्छाओं के अनुरूप होते रहे तो लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लोगों का भरोसा प्रभावित हो सकता है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि चुनाव आयुक्तों द्वारा उठाए गए सवालों के कारण उन्हें भविष्य में किसी तरह की कार्रवाई या दबाव का सामना करना पड़ सकता है।
पाकिस्तान का भी किया जिक्र
मुफ्ती ने अपने बयान में पाकिस्तान का भी जिक्र किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहनों की कथित हिरासत पर सवाल उठाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने वालों के साथ ऐसा व्यवहार असहमति के अधिकार को लेकर सवाल खड़े करता है।
हालांकि, चुनाव आयोग के अधिकारियों ने इन रिपोर्टों के बीच कहा है कि आयोग के फैसले, जिनमें विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) से जुड़े फैसले भी शामिल हैं, मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
