जम्मू-कश्मीर में बिजली बिलों का 417 करोड़ बकाया, JKPDCL की रिपोर्ट में खुलासा; वसूली में पिछड़ा विभाग
जम्मू-कश्मीर में बिजली बिलों की वसूली एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जहां वित्त वर्ष 2025-26 में ₹417.10 करोड़ का अंतर दर्ज किया गया।

जम्मू-कश्मीर में बिजली बिलों की वसूली में अंतर।
HighLights
₹417 करोड़ का बिजली बिल बकाया, वसूली में चुनौती
घरेलू उपभोक्ता कुल बिजली खपत का 71.5% उपयोग करते
जेकेपीडीसीएल की वार्षिक ऊर्जा ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में बिजली की खपत लगातार बड़ी चुनौती बनी हुई है, लेकिन बिजली बिलों की पूरी वसूली न होना भी विभाग के लिए चिंता का विषय है।
वित्त वर्ष 2025-26 में प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को 2983.03 करोड़ रुपये के बिल जारी किए गए जबकि इनमें से केवल 2565.93 करोड़ रुपये ही वसूल हो सके। इस तरह बिलिंग और वसूली के बीच 417.10 करोड़ रुपये का अंतर सामने आया है।
जम्मू-कश्मीर पावर डिस्ट्रीब्यूशन कारपोरेशन लिमिटेड (जेकेपीडीसीएल) की वार्षिक ऊर्जा ऑडिट रिपोर्ट में बिजली की खपत, कनेक्शन और बिलों की वसूली से जुड़ी यह तस्वीर सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में बिजली की सबसे बड़ी उपभोक्ता श्रेणी घरेलू उपभोक्ताओं की है। कुल बिजली कनेक्शनों में 82 प्रतिशत से अधिक घरों के हैं, जबकि कुल बिजली खपत का करीब 72 प्रतिशत हिस्सा भी इसी श्रेणी में आता है। इसके बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं से बिलों की पूरी वसूली नहीं हो सकी।
12.94 लाख कनेक्शन, 7,024 मिलियन यूनिट बिजली की खपत
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान जम्मू-कश्मीर में विभिन्न श्रेणियों के कुल 12,94,733 बिजली कनेक्शन दर्ज किए गए। इन सभी श्रेणियों ने मिलकर 7,024.58 मिलियन यूनिट बिजली की खपत की। कुल कनेक्टेड लोड 3,538.31 मेगावाट रहा।
इनमें 10,66,717 कनेक्शन घरेलू उपभोक्ताओं के थे, जो कुल कनेक्शनों का 82.39 प्रतिशत हैं। घरेलू उपभोक्ताओं ने 5,025.91 मिलियन यूनिट बिजली इस्तेमाल की, जो कुल खपत का 71.5 प्रतिशत है। इस श्रेणी का कनेक्टेड लोड 2,297.67 मेगावाट दर्ज किया गया, जो प्रदेश के कुल कनेक्टेड लोड का 64.9 प्रतिशत है।
प्रदेश में 12.94 लाख बिजली कनेक्शन
बिजली खपत के मामले में कम वोल्टेज (एलटी) श्रेणी के वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ता दूसरे स्थान पर रहे। इनके कुल 2,11,882 कनेक्शन थे, जो कुल कनेक्शनों का 16.36 प्रतिशत हैं।
इन उपभोक्ताओं ने 759.40 मिलियन यूनिट बिजली खर्च की, जो कुल खपत का 10.8 प्रतिशत है। इनका कनेक्टेड लोड 650.78 मेगावाट रहा।
वहीं, उच्च वोल्टेज (एचटी) श्रेणी के वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के 550 कनेक्शन थे। इनकी बिजली खपत 460.19 मिलियन यूनिट यानी कुल खपत का 6.6 प्रतिशत रही। इस श्रेणी का कनेक्टेड लोड 215.47 मेगावाट दर्ज किया गया।
कृषि से लेकर घरेलू उपभोक्ताओं तक, बिजली बिलों की वसूली में अंतर
कृषि क्षेत्र में कुल 4,338 बिजली कनेक्शन थे, जो कुल कनेक्शनों का 0.34 प्रतिशत हैं। इस क्षेत्र में 108.75 मिलियन यूनिट बिजली की खपत हुई, जो कुल खपत का 1.5 प्रतिशत है। कृषि उपभोक्ताओं का कनेक्टेड लोड 70.07 मेगावाट रहा।
दूसरी ओर, अन्य श्रेणी में 11,246 कनेक्शन दर्ज किए गए। इस श्रेणी ने 670.34 मिलियन यूनिट बिजली इस्तेमाल की, जो कुल खपत का 9.5 प्रतिशत है। इसका कनेक्टेड लोड 304.32 मेगावाट रहा।
बिलिंग और वसूली के आंकड़ों पर नजर डालें तो घरेलू उपभोक्ताओं को 1663.53 करोड़ रुपये के बिल जारी किए गए, जबकि उनसे 1455.90 करोड़ रुपये वसूले गए। एलटी वाणिज्यिक एवं औद्योगिक श्रेणी में 450.49 करोड़ रुपये की बिलिंग के मुकाबले 374.02 करोड़ रुपये की वसूली हुई।
एचटी श्रेणी में 246.95 करोड़ रुपये के बिल जारी हुए और 239.97 करोड़ रुपये वसूले गए। कृषि क्षेत्र में 67.71 करोड़ रुपये की बिलिंग के मुकाबले केवल 19.76 करोड़ रुपये की वसूली हुई। वहीं, अन्य श्रेणी में 554.35 करोड़ रुपये के बिल जारी किए गए, जबकि 476.29 करोड़ रुपये ही वसूल हो सके।
