जम्मू में भारत-पाक सीमा के पास मिला संदिग्ध कबूतर, पैर में +92 नंबर वाले छल्ले से बढ़ी टेंशन; एजेंसियां अलर्ट
भारत-पाकिस्तान सीमा के पास आरएसपुरा के घराना गांव में संदिग्ध कबूतर मिला, जिनके पैर में पाकिस्तानी नंबर वाला छल्ला बंधा ...और पढ़ें

सुरक्षा एजेंसियां कबूतर के पैर में बंधे छल्ले और नंबर की जांच कर रहीं।
HighLights
आरएसपुरा के घराना गांव में संदिग्ध कबूतर मिला।
कबूतर के पैर में पाकिस्तानी नंबर वाला छल्ला मिला।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, मामले की गहन जांच जारी।
जागरण संवाददाता, आरएसपुरा। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे आरएसपुरा सेक्टर के गांव घराना के पास बुधवार को संदिग्ध कबूतर मिलने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। कबूतर के पैर में एक छल्ला बंधा हुआ मिला, जिस पर +92 03065920248 नंबर अंकित है। +92 पाकिस्तान का अंतरराष्ट्रीय टेलीफोन कोड होने के कारण कबूतर के सीमापार से आने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कबूतर के पैर में बंधे छल्ले तथा उस पर लिखे नंबर की जानकारी जुटाई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे घराना गांव के आसपास लोगों को यह कबूतर मिला। उसके पैर में बंधे छल्ले पर पाकिस्तानी अंतरराष्ट्रीय कोड वाला मोबाइल नंबर अंकित होने के बाद मामले की सूचना सुरक्षा एजेंसियों को दी गई।
एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कबूतर वास्तव में पाकिस्तान की ओर से उड़कर भारतीय क्षेत्र में पहुंचा है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। छल्ले पर दर्ज नंबर और अन्य जानकारियों की जांच के बाद ही इसकी वास्तविक उत्पत्ति और उद्देश्य स्पष्ट हो सकेगा।
पहले भी मिल चुके हैं संदिग्ध कबूतर और गुब्बारे
गौरतलब है कि सीमांत आरएसपुरा सेक्टर और भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे भारतीय क्षेत्र में इस तरह के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। इससे पहले भी कुछ कबूतर संदिग्ध छल्लों के साथ सीमावर्ती इलाकों में पाए जा चुके हैं, जिनकी जांच सुरक्षा एजेंसियों ने की थी।
इसके अलावा सीमा से सटे इलाकों में पाकिस्तानी झंडे या अन्य पहचान वाले गुब्बारे मिलने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं। ऐसे में घराना के पास पाकिस्तानी नंबर वाले छल्ले के साथ कबूतर मिलने की घटना ने एक बार फिर सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है।
सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां कबूतर के पैर में बंधे छल्ले और उस पर दर्ज नंबर की जांच कर रही हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कबूतर सीमापार से आया था या नहीं और उसके पैर में नंबर वाला छल्ला बांधने के पीछे क्या उद्देश्य था।
