जम्मू: बाल सुधार गृह गोलीकांड का मास्टरमाइंड दिल्ली से गिरफ्तार, SOG के हत्थे चढ़ा; पूछताछ में खुलेंगे कई राज
बाल सुधार गृह गोलीकांड के मुख्य आरोपी कर्णजीत सिंह उर्फ गुग्गा को जम्मू-कश्मीर पुलिस की एसओजी टीम ने दिल्ली से ...और पढ़ें

पुलिस को 7 महीने से चकमा दे रहा था कर्णजीत सिंह उर्फ गुग्गा। (फाइल फोटो)
HighLights
बाल सुधार गृह गोलीकांड का मुख्य आरोपी गुग्गा दिल्ली से गिरफ्तार।
एसओजी टीम ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के सहयोग से पकड़ा।
दो पाकिस्तानी कैदियों संग फरारी मामले में बड़ी सफलता।
जागरण संवाददाता, आरएसपुरा। आरएसपुरा बाल सुधार गृह में पुलिसकर्मियों पर गोली चलाकर दो पाकिस्तानी कैदियों के साथ फरार होने के मामले में पुलिस को आखिरकार बड़ी सफलता हाथ लगी है। कई दिनों से पुलिस को चकमा दे रहे इस पूरे घटनाक्रम के मुख्य आरोपी और कथित मास्टरमाइंड कर्णजीत सिंह उर्फ गुग्गा को जम्मू-कश्मीर पुलिस की एसओजी टीम ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है।
उसकी गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस अब इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है कि बाल सुधार गृह के भीतर हथियार कैसे पहुंचा, फरारी की योजना में कौन-कौन लोग शामिल थे और फरारी के बाद आरोपियों को आर्थिक व अन्य सहायता किस नेटवर्क से मिली।
गुग्गा से पूछताछ में खुलेंगे फरारी के कई राज
कर्णजीत सिंह उर्फ गुग्गा की गिरफ्तारी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि बाल सुधार गृह से फरार होने वाले तीन आरोपियों में वही स्थानीय आरोपी था, जबकि उसके साथ फरार हुए दोनों पाकिस्तानी नागरिक मोहम्मद सनाउल्लाह और एहसान अली को पुलिस पहले ही पकड़ चुकी है।
दोनों से पूछताछ में पुलिस के सामने फरारी की योजना, पंजाब तक पहुंचने, मोबाइल फोन और पैसों की व्यवस्था सहित कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई थीं। अब पुलिस के पास गुग्गा से सीधे पूछताछ कर उन सभी सवालों के जवाब हासिल करने का मौका है, जिनका सुराग अभी तक गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर तलाशा जा रहा था।
पुलिसकर्मियों को घायल कर फरार हुए थे तीनों
16 फरवरी को आरएसपुरा बाल सुधार गृह में हुए घटनाक्रम में गुग्गा और दोनों पाकिस्तानी कैदियों ने कथित तौर पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला किया था। घटना के दौरान फायरिंग भी हुई और दो पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इसके बाद तीनों बाल सुधार गृह से फरार हो गए थे। भागने के दौरान आरएसपुरा-अरनिया मार्ग पर एक राहगीर से हथियार के बल पर मोटरसाइकिल छीने जाने की बात भी जांच में सामने आई थी।
घटना के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया और सुरक्षा में लापरवाही के आरोप में बाल सुधार गृह में तैनात छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था।
'गुग्गा ने बनाई थी फरारी की प्लानिंग'
दोनों पाकिस्तानी आरोपियों को पुलिस ने फरारी के बाद अंबाला क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ के दौरान उन्होंने कथित तौर पर बताया था कि फरारी की पूरी योजना कर्णजीत सिंह उर्फ गुग्गा ने तैयार की थी और उसने उन्हें आगे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का भरोसा दिया था।
इसके बाद पुलिस ने गुग्गा की तलाश में जम्मू-कश्मीर के अलावा पंजाब सहित कई स्थानों पर दबिश दी। उसकी मां समेत कई लोगों से पूछताछ की गई, जबकि सुचेतगढ़ निवासी राहुल उर्फ लट्टू को भी हथियार उपलब्ध कराने के आरोप में हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी।
'खौफ गैंग' से नाम जुड़ने का दावा
जांच में यह भी सामने आया था कि वारदात में इस्तेमाल देसी कट्टा कथित तौर पर घटना से कुछ समय पहले बाल सुधार गृह तक पहुंचाया गया था। पुलिस ने इस बात की पड़ताल की कि हथियार कहां छिपाया गया था और किस व्यक्ति के माध्यम से उसे गुग्गा तक पहुंचाया गया। इसी मामले में एसओजी की भूमिका भी बढ़ाई गई थी ताकि हथियार की सप्लाई और आरोपियों के बाहरी संपर्कों की पूरी कड़ी सामने आ सके।
गुग्गा को लेकर जांच एजेंसियों के सामने एक और गंभीर पहलू उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। कर्णजीत सिंह उर्फ गुग्गा के खिलाफ अलग-अलग थानों में करीब 11 आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं और उसका नाम कथित तौर पर खौफ गैंग से भी जोड़ा गया है।
रिपोर्टों के अनुसार वह आरएसपुरा के दबलहर क्षेत्र का रहने वाला है और पूर्व में गंभीर आपराधिक मामले में गिरफ्तार होकर बाल सुधार गृह में रखा गया था।अब कर्णजीत सिंह उर्फ गुग्गा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच उस पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश करेगी, जिसने कथित तौर पर बाल सुधार गृह के भीतर से फरारी को अंजाम देने में मदद की।
