'केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर को न दे राज्य का दर्जा', किसान नेता बोले- राज्य बना तो लौटेगा आतंकवाद
किसान नेता सुभाष दसगोत्रा ने केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस न देने की अपील की है। ...और पढ़ें

किसान नेता बोले 370 हटने के लौटेगा अलगाववाद।
HighLights
किसान नेता सुभाष दसगोत्रा ने राज्य का दर्जा न देने की अपील की
केंद्र शासित प्रदेश के रूप में जम्मू-कश्मीर में शांति का माहौल है
राज्य का दर्जा लौटने से अलगाववाद और आतंकवाद की आशंका है
संवाद सहयोगी, मीरा साहिब। किसान नेता सुभाष दसगोत्रा ने केंद्र सरकार के समक्ष अपील करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा नहीं देना चाहिए क्योंकि इस समय जम्मू कश्मीर में पूरी तरह से शांति का माहौल है लिहाजा केंद्र सरकार को सोच समझकर कोई कदम उठाना चाहिए।
उक्त शब्द कस्बे में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान किसान नेता ने कहा जम्मू-कश्मीर को दोबारा राज्य का दर्जा नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पूर्व में राज्य का दर्जा होने के दौरान कश्मीर में अलगाववाद, आतंकवाद और पत्थरबाजी जैसी घटनाएं होती रही हैं और पाकिस्तान के झंडे भी देखने को मिलते थे।
जिसके चलते जम्मू कश्मीर में पूरी तरह से आशांति का वातावरण हुआ करता था लेकिन अब जब से जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश बना है और मौजूदा समय में जम्मू-कश्मीर में अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण माहौल बना हुआ है।
जम्मू-कश्मीर के लोगों के हितों का रखें ध्यान
ऐसे में उनका मानना है कि राज्य का दर्जा बहाल किए जाने से पुराना माहौल दोबारा पैदा होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस की मांग को किसी भी हाल में पूरा नहीं किया जाना चाहिए और जम्मू कश्मीर के लोगों को हितों को देखते हुए जम्मू कश्मीर को केंद्र सरकार के अधीन ही रहने देना चाहिए ताकि प्रदेश का समुचित विकास संभव हो सके और आतंकवाद पर भी पूरी तरह से काबू पाया जा सके।
राज्य का दर्जा मिला तो बढ़ेगा आतंकवाद
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि जम्मू-कश्मीर को दोबारा राज्य का दर्जा देने के बजाय मौजूदा व्यवस्था को ही जारी रखा जाए। इस मौके पर उनके साथ रमन कुमार अशोक कुमार जीतराम आदि सहित कई अन्य लोग भी मौजूद रहे।
