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पहलगाम हमले की पहली बरसी से पहले सभी पर्यटक स्थलों में सुरक्षा कड़ी, चप्पे-चप्पे पर पहरा; संदिग्ध गतिविधियों पर नजर

Published: Sun, 19 Apr 2026 04:57 PM (IST)

पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी से पहले कश्मीर के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई ...और पढ़ें

पहलगाम हमले की बरसी से पहले कश्मीर के पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा चाक-चौबंद, नए सुरक्षा उपाय लागू। फाइल फोटो

पहलगाम हमले की बरसी से पहले कश्मीर के पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा चाक-चौबंद, नए सुरक्षा उपाय लागू। फाइल फोटो

HighLights

  1. पहलगाम हमले की बरसी से पहले सुरक्षा कड़ी की गई

  2. पर्यटकों की सुरक्षा हेतु क्यूआर कोड आधारित पहचान प्रणाली शुरू

  3. सेवा प्रदाताओं का सत्यापन, पुलिस अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक

राज्य ब्यूरो, जम्मू। पिछले वर्ष 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी से पहले कश्मीर के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने और विशेष रूप से पर्यटन क्षेत्रों में किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जमीनी स्तर पर कई बैठकें आयोजित की गईं, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों ने हाल ही में तैयारियों की समीक्षा की। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरन मैदान में हुए एक भयावह आतंकी हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय घोड़ा चालक की मौत हो गई थी।

लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों द्वारा किए गए इस हमले के बाद जम्मू-कश्मीर से पर्यटकों का पलायन हुआ, जिसके चलते प्रशासन को लगभग 50 पर्यटन स्थलों को बंद करना पड़ा था। बाद में सुरक्षा ऑडिट के बाद इन स्थानों को चरणबद्ध तरीके से फिर से खोला गया।

कश्मीर के सभी पर्यटक स्थलों में सुरक्षा कड़ी

एक साल बाद अब पहलगाम के घास के मैदानों में फिर से पर्यटकों की रौनक लौट आई है। मिनी स्विट्जरलैंड के नाम से मशहूर यह क्षेत्र धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहा है। पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कई नए कदम उठाए हैं। पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पहलगाम में कई नए उपाय किए गए हैं। इनमें सेवा प्रदाताओं और विक्रेताओं, जैसे घोड़ा चालकों, का सत्यापन शामिल है ताकि वे पर्यटकों से संपर्क करने से पहले जांचे-परखे जाएं।

पर्यटन सेवा प्रदाताओं के लिए एक अनोखी क्यूआर कोड आधारित पहचान प्रणाली भी शुरू की गई है। इस प्रणाली से पर्यटक आसानी से पंजीकृत और असली सेवा प्रदाताओं की पहचान और सत्यापन कर सकते हैं, जिनमें घोड़ा चालक, फेरीवाले, व्यापारिक प्रतिष्ठान और बाहरी विक्रेता शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक सेवा प्रदाता का पुलिस द्वारा सत्यापन किया गया है, उन्हें पंजीकृत किया गया है और एक विशेष क्यूआर कोड दिया गया है जिसमें उनकी व्यक्तिगत जानकारी और अन्य विवरण शामिल हैं। पर्यटक अपने मोबाइल फोन से इस कोड को स्कैन कर संबंधित व्यक्ति की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। क्यूआर कोड में सेवा प्रदाता का नाम, पिता का नाम, पूरा पता, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, पंजीकरण संख्या, कार्य क्षेत्र और पुलिस सत्यापन की स्थिति जैसी जानकारी होती है।

हाल ही में कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक वीके बिर्दी ने एक उच्चस्तरीय बैठक में संवेदनशील स्थानों और पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा और मजबूत करने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस, सीआरपीएफ, बीएसएफ, ट्रैफिक पुलिस, रेलवे सुरक्षा और एसडीआरएफ के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पर्यटकों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और घाटी में सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया जाएगा।

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